{"_id":"677039101d92c769b201b37a","slug":"now-registration-will-be-done-only-after-checking-the-stamp-papers-gonda-news-c-100-1-slko1026-129827-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: स्टांप पत्रों की जांच के बाद ही अब होगी रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: स्टांप पत्रों की जांच के बाद ही अब होगी रजिस्ट्री
Sat, 28 Dec 2024 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:14 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। भू संपत्तियों की खरीद फरोख्त में फर्जी स्टांप लगाकर लाखों के राजस्व का चूना लगाने के मामले का खुलासा होने के बाद चेते स्टांप व पंजीयन विभाग ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब उप निबंधक कार्यालयों में प्रस्तुत पांच हजार रुपये और उससे अधिक धनराशि के सभी भौतिक स्टांप पत्रों की जांच के बाद ही विलेख पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्टांप आयुक्त की तरफ से दिया गया हैं।
जिला कोषागार से स्टांप का सत्यापन कराने के बाद ही उप निबंधक इसकी जानकारी को सूचना पट्ट पर चस्पा भी करेगा। विगत वर्षों में उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत कराए गए विलेखों में हजारों रुपये का नकली स्टांप मिलने के बाद स्टांप विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही स्टांप एक्ट के तहत कार्यवाही की संस्तुति की थी। इसके बाद स्टांप के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने नई कार्य योजना तैयार की है।
आयुक्त स्टांप डाॅ. रूपेश कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब उप निबंधक कार्यालयों में प्रस्तुत पांच हजार रुपये और उससे अधिक धनराशि के सभी भौतिक स्टांप पत्रों का कोषागार से सत्यापन के बाद ही बैनामा, इकरारनामा व अन्य लेख पत्रों को पंजीकृत किया जाएगा। जांच में स्टांप मूल्य के साथ-साथ उसके असली व नकली होने का परीक्षण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
देवीपाटन मंडल के उप महानिरीक्षक स्टांप एवं निबंधन राम शरण त्रिपाठी ने बताया कि आयुक्त के आदेश के अनुपालन में पक्षकारों की ओर से प्रस्तुत भौतिक स्टांप को कोषागार कार्यालय भेजा जाएगा। ताकि पता चल सके कि संबंधित नंबरों वाले स्टांप कहां से जारी हुए हैं। नयी व्यवस्था अमल में लाने के लिए मंडल के सभी उप निबंधकों को निर्देशित भी कर दिया गया है।
विज्ञापन
जिला कोषागार से स्टांप का सत्यापन कराने के बाद ही उप निबंधक इसकी जानकारी को सूचना पट्ट पर चस्पा भी करेगा। विगत वर्षों में उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत कराए गए विलेखों में हजारों रुपये का नकली स्टांप मिलने के बाद स्टांप विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही स्टांप एक्ट के तहत कार्यवाही की संस्तुति की थी। इसके बाद स्टांप के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने नई कार्य योजना तैयार की है।
विज्ञापन
आयुक्त स्टांप डाॅ. रूपेश कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब उप निबंधक कार्यालयों में प्रस्तुत पांच हजार रुपये और उससे अधिक धनराशि के सभी भौतिक स्टांप पत्रों का कोषागार से सत्यापन के बाद ही बैनामा, इकरारनामा व अन्य लेख पत्रों को पंजीकृत किया जाएगा। जांच में स्टांप मूल्य के साथ-साथ उसके असली व नकली होने का परीक्षण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
देवीपाटन मंडल के उप महानिरीक्षक स्टांप एवं निबंधन राम शरण त्रिपाठी ने बताया कि आयुक्त के आदेश के अनुपालन में पक्षकारों की ओर से प्रस्तुत भौतिक स्टांप को कोषागार कार्यालय भेजा जाएगा। ताकि पता चल सके कि संबंधित नंबरों वाले स्टांप कहां से जारी हुए हैं। नयी व्यवस्था अमल में लाने के लिए मंडल के सभी उप निबंधकों को निर्देशित भी कर दिया गया है।