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दो साल से श्रमिकों का 32 लाख दबाए बैठे नौ ब्लॉक

Wed, 01 Jan 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 10:15 PM IST
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Nine blocks of 32 lakhs of workers did not pay for two years
गोंडा। मनरेगा में श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। 9 ब्लॉकों के अधिकारी दो साल से पांच हजार श्रमिकों की 32.53 लाख रुपये की मजदूरी दबाए बैठे हैं और मजदूर एक साल से मजदूरी के लिए दौड़ रहे हैं। 9 ब्लॉकों की पंचायतों के श्रमिकों से काम तो करा लिया, लेकिन उनका मजदूरी का भुगतान नहीं किया। रोजगार की गारंटी देने वाली योजना का यह हाल है कि यहां पर न तो श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान समय पर हो रहा है और न ही कार्मिकों को उनके मानदेय का भुगतान ही हो पा रहा है।
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मनरेगा के पांच हजार से अधिक श्रमिकों को बीते दो सालों से भुगतान नहीं हो रहा है। वर्ष 2018-19 व 2019-20 में कराए गए कार्यों पर श्रमिकों को भुगतान नहीं किया गया है। जिससे श्रमिकों के भुगतान का 32.53 लाख रुपये का बजट डंप है और श्रमिक भुगतान के लिए परेशान हैं। विकास खंड कटरा बाजार में 4.25 लाख रुपये, मुजेहना में 6.01 लाख रुपये, परसपुर में 9.17 लाख रुपये का भुगतान फंसा हुआ है। इसके अलावा बेलसर, करनैलगंज, हलधरमऊ, इंटियाथोक, नवाबगंज ब्लाकों में एक लाख अधिक की श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान नही हो पाया है।
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श्रमिकों का भुगतान लंबे समय से न किए जाने पर अब ब्याज देने की व्यवस्था हो गई है, इसके बाद अब विभाग आननफानन पुराने भुगतान को कराने की कवायद में जुटा है। इसी तरह पूरे जिले के 883 ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय भी एक साल से अधिक समय से बकाया है। रोजगार सेवकों को मानेदय का करीब 3.39 करोड़ रुपये बकाया है। इसका भुगतान नही किया गया है, ऐसा तब है जब तीन ब्लॉकों को छोड़कर बाकी 13 ब्लॉकों में 3.37 करोड़ रुपये का बजट प्रशासनिक मद में उपलब्ध है। ऐसे में काफी हद तक रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने रोजगार सेवकों के बकाया मानदेय का भुगतान करने का निर्देश भी दिया था, इसके बाद भी ब्लाक स्तर पर अभी कार्रवाई नही की गई है। अब नए सिरे से मानदेय के भुगतान का ब्योरा मांगा जा रहा है।
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मनरेगा के बजट में तीन साल से लंबित है 97.24 लाख का भुगतान
मनरेगा में नियमित भुगतान की व्यवस्था होने के बाद भी नियमों की अनदेखी हो रही है। वर्ष 2016 से 2019 तक करीब 97.24 लाख का भुगतान किया जाना बकाया है। इसमें वैसे तो सभी ब्लॉकों में कुछ न कुछ बकाया है और भुगतान नहीं किया गया है। लेकिन सबसे अधिक बकाया करनैलगंज में 5.51 लाख रुपये, हलधरमऊ में 11.56 लाख रुपये, कटरा बाजार में 12.15 लाख रुपये, नवाबगंज में 5.17 लाख रुपये, परसपुर में 7.23 लाख रुपये का बकाया है। इन सभी ब्लॉकों के अधिकारियों को बकाए का भुगतान तत्काल करने की हिदायत दी गई है।

मनरेगा में श्रमिकों व कार्मिकों के बकाए के भुगतान के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कई ब्लॉकों में पुराने देयकों का भुगतान करने को कहा गया है। समीक्षा की जा रही है। अब लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। -आशीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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