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Gonda News: प्रैक्टिकल में कॉलेजों की मनमानी पर पहुंचे डीआईओएस
Wed, 25 Jan 2023 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 25 Jan 2023 12:25 AM IST
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गोंडा। यूपी बोर्ड के इंटर के छात्रों से प्रैक्टिकल में धनउगाही की शिकायतें अब तूल पकड़ रही हैं। छात्रों से पैसे लिए जाने की बात बीते दिनों सामने आई थी, जिसकी निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए
। कई कॉलेजों में नोडल अधिकारी समय से पहुंचे ही नहीं। इस पर मंगलवार को डीआईओएस ही कॉलेजों में पहुंच गए और अपनी निगरानी में प्रैक्टिकल कराया।
इसके साथ ही नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। जिले के 201 इंटर कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं हुईं जिसमें छात्रों से प्रोजेक्ट के नाम पर 600 से 1000 रुपये की वसूली की शिकायत सामने आईं। अलग-अलग विद्यालयों में अलग-अलग रेट बताए गए। इस पर विभाग ने निगरानी में नोडल अधिकारी तो तय ही किए थे, सहायकों की भी नियुक्ति की। इसके बाद भी वसूली शिकायतें थम नहीं रहीं हैं।
प्रैक्टिकल पर निगरानी के लिए डीआईओएस राकेश कुमार ने मंगलवार को तीन कॉलेजों का निरीक्षण किया। वहां पर अपनी निगरानी में ही परीक्षा कराई। फिलहाल डीआईओएस का कहना है कि किसी ने शिकायत नहीं की है। नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
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इनसेट
- अंक के फेर में चुप्पी साधे हैं अभिभावक
- इंटरमीडियट में प्रैक्टिकल में 15 अंक कॉलेज पर ही निर्भर है। इसके अलावा 15 अंक तो छात्र के प्रदर्शन पर निर्भर है। इसमें 15 अंक देने के नाम पर कॉलेज में वसूली होती है, ऐसी शिकायत हुई है। सुविधा शुल्क न देने पर अंक कम होने की चिंता अभिभावकों में रहती है। इसी का फायदा कॉलेज के संचालक उठा रहे हैं। फिलहाल इस बार पहले से वसूली की बात उजागर होने पर कॉलेजों पर निगरानी तो हो रही है, लेकिन अंदरखाने खेल चल रहा है। विभाग के अधिकारी भी नजर टिकाए हैं। शिकायत पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
प्रैक्टिकल सुचारू रूप से चल रहा है, शिकायतों पर पूरी नजर है। कॉलेजों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। अभिभावकों से भी फीडबैक ले रहे हैं।
- राकेश कुमार, डीआईओएस
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। कई कॉलेजों में नोडल अधिकारी समय से पहुंचे ही नहीं। इस पर मंगलवार को डीआईओएस ही कॉलेजों में पहुंच गए और अपनी निगरानी में प्रैक्टिकल कराया।
इसके साथ ही नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। जिले के 201 इंटर कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं हुईं जिसमें छात्रों से प्रोजेक्ट के नाम पर 600 से 1000 रुपये की वसूली की शिकायत सामने आईं। अलग-अलग विद्यालयों में अलग-अलग रेट बताए गए। इस पर विभाग ने निगरानी में नोडल अधिकारी तो तय ही किए थे, सहायकों की भी नियुक्ति की। इसके बाद भी वसूली शिकायतें थम नहीं रहीं हैं।
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प्रैक्टिकल पर निगरानी के लिए डीआईओएस राकेश कुमार ने मंगलवार को तीन कॉलेजों का निरीक्षण किया। वहां पर अपनी निगरानी में ही परीक्षा कराई। फिलहाल डीआईओएस का कहना है कि किसी ने शिकायत नहीं की है। नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
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इनसेट
- अंक के फेर में चुप्पी साधे हैं अभिभावक
- इंटरमीडियट में प्रैक्टिकल में 15 अंक कॉलेज पर ही निर्भर है। इसके अलावा 15 अंक तो छात्र के प्रदर्शन पर निर्भर है। इसमें 15 अंक देने के नाम पर कॉलेज में वसूली होती है, ऐसी शिकायत हुई है। सुविधा शुल्क न देने पर अंक कम होने की चिंता अभिभावकों में रहती है। इसी का फायदा कॉलेज के संचालक उठा रहे हैं। फिलहाल इस बार पहले से वसूली की बात उजागर होने पर कॉलेजों पर निगरानी तो हो रही है, लेकिन अंदरखाने खेल चल रहा है। विभाग के अधिकारी भी नजर टिकाए हैं। शिकायत पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
प्रैक्टिकल सुचारू रूप से चल रहा है, शिकायतों पर पूरी नजर है। कॉलेजों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। अभिभावकों से भी फीडबैक ले रहे हैं।
- राकेश कुमार, डीआईओएस