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गांवों में निगरानी बढ़ी, 24 घंटे सक्रिय रहेगा कोविड कंट्रोल रूम
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गोंडा। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके चलते ही जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही डीएम कार्यालय स्थित कोविड कंट्रोल रूम को भी 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है।
साथ ही बाहरी राज्यों व शहरों से आने वालों पर नजर रखने को सभी ग्राम पंचायतों में 1214 निगरानी समितियों को भी गठित कर क्रियाशील करने को निर्देशित किया गया है। बच्चों को कोरोना से बचाने व टीकाकरण को गतिमान बनाने के लिए गांवों में अलग से बाल संरक्षण समितियों का गठन कर इनके संचालन की जिम्मेदारी एडीओ पंचायतों को सौंपी गयी है।
कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कोविड कमांड एवं कंट्रोल रूम को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे के लिए सक्रिय बनाने का निर्देश दिया है।
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इसके लिए सीडीओ शशांक त्रिपाठी को कंट्रोल रूम का वरिष्ठ प्रभारी बनाने के साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव को कंट्रोल रूम प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। कंट्रोल रूम में सहयोग के लिए डिप्टी कलेक्टर आत्रेय मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युजय सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार, परियोजना अधिकारी डूडा वीके सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी सन्तोष सोनी को सहायक प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह कंट्रोल रूम 24 घण्टे कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित सहायक प्रभारी अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर 24 घंटे की अनवरत ड्यूटी सुनिश्चित करेंगे तथा मुख्य सचिव के स्तर से निर्गत शासनादेश में दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे।
संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में अहम भूमिका निभाने वाली निगरानी समितियों का एक बार फिर बाहर से आने वालों पर नजर रखने को सक्रिय बनाने का निर्देश दिया गया है।
गांव स्तर पर गठित 1214 निगरानी समितियों में प्रधान, नगर पालिका और नगर पंचायत में सभासद को नामित किया गया है। यह समितियां बाहर से गांव में आने वालों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देगी।
इन समितियों में प्रधान, पंचायत सचिव के अलावा आशा और आंगनबाड़ी वर्कर भी शामिल रहेंगी। निगरानी समितियां गांव में बाहर से आने वाले लोगों का नाम, मोबाइल नंबर, कब और कहां से आए हैं तथा उनकी कोरोना जांच कब हुई इसका विवरण अपडेट कर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को देंगी।
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साथ ही बाहरी राज्यों व शहरों से आने वालों पर नजर रखने को सभी ग्राम पंचायतों में 1214 निगरानी समितियों को भी गठित कर क्रियाशील करने को निर्देशित किया गया है। बच्चों को कोरोना से बचाने व टीकाकरण को गतिमान बनाने के लिए गांवों में अलग से बाल संरक्षण समितियों का गठन कर इनके संचालन की जिम्मेदारी एडीओ पंचायतों को सौंपी गयी है।
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कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कोविड कमांड एवं कंट्रोल रूम को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे के लिए सक्रिय बनाने का निर्देश दिया है।
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इसके लिए सीडीओ शशांक त्रिपाठी को कंट्रोल रूम का वरिष्ठ प्रभारी बनाने के साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव को कंट्रोल रूम प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। कंट्रोल रूम में सहयोग के लिए डिप्टी कलेक्टर आत्रेय मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युजय सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार, परियोजना अधिकारी डूडा वीके सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी सन्तोष सोनी को सहायक प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह कंट्रोल रूम 24 घण्टे कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित सहायक प्रभारी अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर 24 घंटे की अनवरत ड्यूटी सुनिश्चित करेंगे तथा मुख्य सचिव के स्तर से निर्गत शासनादेश में दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे।
संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में अहम भूमिका निभाने वाली निगरानी समितियों का एक बार फिर बाहर से आने वालों पर नजर रखने को सक्रिय बनाने का निर्देश दिया गया है।
गांव स्तर पर गठित 1214 निगरानी समितियों में प्रधान, नगर पालिका और नगर पंचायत में सभासद को नामित किया गया है। यह समितियां बाहर से गांव में आने वालों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देगी।
इन समितियों में प्रधान, पंचायत सचिव के अलावा आशा और आंगनबाड़ी वर्कर भी शामिल रहेंगी। निगरानी समितियां गांव में बाहर से आने वाले लोगों का नाम, मोबाइल नंबर, कब और कहां से आए हैं तथा उनकी कोरोना जांच कब हुई इसका विवरण अपडेट कर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को देंगी।