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3500 वसूलने के बाद हुआ पथरी का ऑपरेशन
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फोटो-12 गोंडा के जिला अस्पताल में महिला को गोदी में उठाकर सीटी स्कैन कराने जाते तीमारदार।-संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों में सभी को बेहतर और मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने का दावा कागजी साबित होता दिख रहा है। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर मरीज के मुफ्त होने वाले आपरेशन के एवज में अपने कारिंदों के माध्यम से अवैध धनराशि वसूल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जिला अस्पताल में सामने आया है। इसमें पीड़ित ने अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर पर आरोप लगाया है कि उसने पत्नी की पथरी का ऑपरेशन करने के एवज में 3500 रुपया की वसूली की है। इसके बाद भी आपरेशन में लापरवाही बरती गयी। इसी कारण ऑपरेशन के 24 घंटे बाद भी पत्नी को होश नही आया। पीड़ित पति ने पूरे मामले की शिकायत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की है। इसमें आपरेशन के एवज में 3500 रुपया वसूले जाने तथा ऑपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
बेलसर के परसदा निवासी ईंट भट्ठा पर काम करने वाले मजदूर जवाहिर ने सीएमएस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी पत्नी नीता के पेट में दर्द की शिकायत रहती थी। ओपीडी में डॉक्टर गुप्ता को दिखाया। उन्होंने पेट में पथरी होने की बात बताते हुए ऑपरेशन के लिए कहा। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर ने बेहतर ऑपरेशन व इलाज सुविधा के लिए साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति से बात करने को कहा। उस व्यक्ति ने अपने को अस्पताल कर्मी बताते हुए ऑपरेशन के खर्च के बतौर 3500 रुपया की व्यवस्था करने को कहा। पति जवाहिर ने बताया कि एक सप्ताह बाद गुरुवार को पैसे देने के बाद पत्नी का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के 24 घंटे बाद भी पत्नी को होश नहीं आने पर पूरे मामले की शिकायत जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से की गयी है। वहीं आरोपी डॉ. वीके गुप्ता ने ऑपरेशन के नाम पर हुई अवैध वसूली के आरोप को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनके स्तर से किसी भी मरीज के ऑपरेशन के लिए को कोई पैसा नहीं लिया गया है। सर्जरी के दौरान ब्लड प्रेशर कम हो जाने के कारण ही महिला का होश आने में कुछ ज्यादा समय लगा। नहीं आया।
मामले की शिकायत मिली है। जानकारी करने पर पता चला कि ऑपरेशन के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर कम ज्यादा होने की शिकायत थी। इसी कारण ऑपरेशन के बाद पूरी तरह होश में आने में कुछ ज्यादा समय लगा। वहीं ऑपरेशन के एवज में किसने पैसे लिए इसकी जांच कराई जा रही है। डॉ. सुरेंद्र रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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बेलसर के परसदा निवासी ईंट भट्ठा पर काम करने वाले मजदूर जवाहिर ने सीएमएस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी पत्नी नीता के पेट में दर्द की शिकायत रहती थी। ओपीडी में डॉक्टर गुप्ता को दिखाया। उन्होंने पेट में पथरी होने की बात बताते हुए ऑपरेशन के लिए कहा। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर ने बेहतर ऑपरेशन व इलाज सुविधा के लिए साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति से बात करने को कहा। उस व्यक्ति ने अपने को अस्पताल कर्मी बताते हुए ऑपरेशन के खर्च के बतौर 3500 रुपया की व्यवस्था करने को कहा। पति जवाहिर ने बताया कि एक सप्ताह बाद गुरुवार को पैसे देने के बाद पत्नी का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के 24 घंटे बाद भी पत्नी को होश नहीं आने पर पूरे मामले की शिकायत जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से की गयी है। वहीं आरोपी डॉ. वीके गुप्ता ने ऑपरेशन के नाम पर हुई अवैध वसूली के आरोप को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनके स्तर से किसी भी मरीज के ऑपरेशन के लिए को कोई पैसा नहीं लिया गया है। सर्जरी के दौरान ब्लड प्रेशर कम हो जाने के कारण ही महिला का होश आने में कुछ ज्यादा समय लगा। नहीं आया।
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मामले की शिकायत मिली है। जानकारी करने पर पता चला कि ऑपरेशन के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर कम ज्यादा होने की शिकायत थी। इसी कारण ऑपरेशन के बाद पूरी तरह होश में आने में कुछ ज्यादा समय लगा। वहीं ऑपरेशन के एवज में किसने पैसे लिए इसकी जांच कराई जा रही है। डॉ. सुरेंद्र रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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