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Gonda News: सरयू फिर लाल निशान के पार
Tue, 01 Sep 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:44 PM IST
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बाड़ी माझा में हो रही कटान व गांव के रास्ते में भरा पानी। - संवाद
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। मंगलवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.100 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से तीन सेंटीमीटर ऊपर है। करनैलगंज क्षेत्र में मंगलवार शाम तक किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा था, लेकिन नवाबगंज के माझा क्षेत्र में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने 28 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर निगरानी बढ़ा दी है।
बाढ़ खंड के आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.730 मीटर था, जो खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे था। मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर 106.080 मीटर पहुंच गया और खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर हो गया। शाम चार बजे तक इसमें और वृद्धि हुई और जलस्तर 106.100 मीटर दर्ज किया गया। नदी में पानी का दबाव लगातार बना हुआ है। सोमवार सुबह पानी का कुल डिस्चार्ज 2,82,178 क्यूसेक था, जो शाम को बढ़कर 2,95,304 क्यूसेक हो गया। मंगलवार सुबह 2,86,370 क्यूसेक और शाम चार बजे 2,86,480 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
सरयू के बढ़ते जलस्तर से नवाबगंज के माझा क्षेत्र में पहले से बाढ़ और कटान की मार झेल रहे ग्रामीणों की बेचैनी फिर बढ़ गई है। दत्तनगर के बाड़ी माझा गांव के किनारे तक नदी का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के मुताबिक कटान बढ़ने पर परेशानी और बढ़ सकती है। पिछले दिनों कटान और बाढ़ के कारण कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। कई परिवार पलायन भी कर चुके हैं।
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चारे का संकट, भूसा 300 रुपये महंगा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के चारे का संकट भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार भूसे के दाम में करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। पहले एक हजार रुपये क्विंटल मिलने वाला भूसा अब 1,300 रुपये में बिक रहा है। इससे पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दत्तनगर निवासी रामसजीवन का कहना है कि अभी तक पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है, जबकि विभाग की ओर से टीकाकरण पूरा होने की बात कही जा रही है।
स्थिति पर लगातार रखी जा रही नजर
- बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि सरयू का जलस्तर अभी बढ़ रहा है। डिस्चार्ज के आधार पर जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। फिलहाल करनैलगंज क्षेत्र के किसी आबादी वाले गांव में पानी नहीं पहुंचा है। जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने पर गांवों में पानी भरने की संभावना बन सकती है।
- आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर 28 बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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बाढ़ खंड के आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.730 मीटर था, जो खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे था। मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर 106.080 मीटर पहुंच गया और खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर हो गया। शाम चार बजे तक इसमें और वृद्धि हुई और जलस्तर 106.100 मीटर दर्ज किया गया। नदी में पानी का दबाव लगातार बना हुआ है। सोमवार सुबह पानी का कुल डिस्चार्ज 2,82,178 क्यूसेक था, जो शाम को बढ़कर 2,95,304 क्यूसेक हो गया। मंगलवार सुबह 2,86,370 क्यूसेक और शाम चार बजे 2,86,480 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
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सरयू के बढ़ते जलस्तर से नवाबगंज के माझा क्षेत्र में पहले से बाढ़ और कटान की मार झेल रहे ग्रामीणों की बेचैनी फिर बढ़ गई है। दत्तनगर के बाड़ी माझा गांव के किनारे तक नदी का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के मुताबिक कटान बढ़ने पर परेशानी और बढ़ सकती है। पिछले दिनों कटान और बाढ़ के कारण कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। कई परिवार पलायन भी कर चुके हैं।
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चारे का संकट, भूसा 300 रुपये महंगा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के चारे का संकट भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार भूसे के दाम में करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। पहले एक हजार रुपये क्विंटल मिलने वाला भूसा अब 1,300 रुपये में बिक रहा है। इससे पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दत्तनगर निवासी रामसजीवन का कहना है कि अभी तक पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है, जबकि विभाग की ओर से टीकाकरण पूरा होने की बात कही जा रही है।
स्थिति पर लगातार रखी जा रही नजर
- बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि सरयू का जलस्तर अभी बढ़ रहा है। डिस्चार्ज के आधार पर जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। फिलहाल करनैलगंज क्षेत्र के किसी आबादी वाले गांव में पानी नहीं पहुंचा है। जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने पर गांवों में पानी भरने की संभावना बन सकती है।
- आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर 28 बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बाड़ी माझा में हो रही कटान व गांव के रास्ते में भरा पानी। - संवाद