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गोवर्धन पूजाकर मनाया अन्नकूट पर्व
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:31 PM IST
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जिले में गोवर्धन पूजा व अन्नकूट का त्यौहार शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। सभी घरों में गोबर के कूट बनाकर पूजा की गई और मंदिरों में प्रसाद वितरित किया गया।
सुबह से ही विभिन्न चौराहों पर महिलाएं इकट्ठा हुईं। यहां भगवान गोवर्धन की गोबर से प्रतिमाएं बनाकर उनकी पूजा की। इस दौरान भगवान कृष्ण व गौ माता समेत अन्य देवी-देवताओं की मंदिरों में पूजा हुई।
भगवान का भोग लगाने के बाद प्रसाद बांटा गया। मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने गौ व गोबर का महत्व बढ़ाने के लिए इंद्र की पूजा करने से गोकुलवासियों को रोक दिया।
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इससे क्रोधित इंद्रदेवता ने सात दिनों तक जमकर बारिश की जिससे पूरा गोकुल जलमग्न हो गया। भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठा लिया और उसके नीचे सभी को इकट्ठा कर उनके प्राण की रक्षा की।
तभी से गऊ और गोबर की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। शहर के राम जानकी धर्मशाला में गोवर्धन देवता की पूजा और अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया गया।
स्वामी नारायण छपिया मंदिर में भगवान श्री घनश्याम महाराज का अभिषेक, नूतन वर्ष, छप्पन भोग, अन्नकूट धूमधाम से मनाया गया।
इसमें दूरदराज से आए हरिभक्तों ने भगवान के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई। इससे पहले हरिभक्तों ने मंदिर के सामने पोखरे में स्नान किया।
इसके बाद सबने मिलकर दूध, दही, घी, शहद व केसर के साथ फलों के रसों से भगवान घनश्याम महराज का अभिषेक किया।
महंत वासुदेवानंद ने वैदिक मंत्रों के बीच पूरे विधि-विधान के साथ नूतन वर्ष मनाया। जिसमें भगवान को लगाया गया छप्पन भोग हर किसी के लिए आकर्षण का विषय बना रहा।
गोवर्धन पूजा व अन्नकूट के मौके पर करीब आधा दर्जन मंदिरों में 56 भोग भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात्रि तक भंडारे का दौर चलता रहा।
नगर के राम जानकी मंदिर, लाला सांवल प्रसाद पुरुवार गाड़ीबाजार, श्री राधा कृष्ण मंदिर गुडाही बाजार, गायत्री शक्ति पीठ मंदिर सकरौरा, श्री राधाकृष्ण मंदिर हलवाई समाज, राम जानकी मंदिर सकरौरा घाट तथा ठा. रामजानकी मंदिर चतुर्भुजी बालकराम पुरवा में गोवर्धन पूजा के साथ ही अन्नकूट की पूजा एवं छप्पन भोग भंडारे का आयोजन किया गया।
प्रसाद लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर लाला शिवकुमार कुमार पुरुवार, अरुण कुमार वैश्य, पंडित तिलकराम तिवारी, रामजीलाल मोदनवाल, अशोक कुमार सिंहानियां, सन्तोष यज्ञसैनी व जोगेंद्र सिंह जानी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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सुबह से ही विभिन्न चौराहों पर महिलाएं इकट्ठा हुईं। यहां भगवान गोवर्धन की गोबर से प्रतिमाएं बनाकर उनकी पूजा की। इस दौरान भगवान कृष्ण व गौ माता समेत अन्य देवी-देवताओं की मंदिरों में पूजा हुई।
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भगवान का भोग लगाने के बाद प्रसाद बांटा गया। मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने गौ व गोबर का महत्व बढ़ाने के लिए इंद्र की पूजा करने से गोकुलवासियों को रोक दिया।
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इससे क्रोधित इंद्रदेवता ने सात दिनों तक जमकर बारिश की जिससे पूरा गोकुल जलमग्न हो गया। भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठा लिया और उसके नीचे सभी को इकट्ठा कर उनके प्राण की रक्षा की।
तभी से गऊ और गोबर की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। शहर के राम जानकी धर्मशाला में गोवर्धन देवता की पूजा और अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया गया।
स्वामी नारायण छपिया मंदिर में भगवान श्री घनश्याम महाराज का अभिषेक, नूतन वर्ष, छप्पन भोग, अन्नकूट धूमधाम से मनाया गया।
इसमें दूरदराज से आए हरिभक्तों ने भगवान के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई। इससे पहले हरिभक्तों ने मंदिर के सामने पोखरे में स्नान किया।
इसके बाद सबने मिलकर दूध, दही, घी, शहद व केसर के साथ फलों के रसों से भगवान घनश्याम महराज का अभिषेक किया।
महंत वासुदेवानंद ने वैदिक मंत्रों के बीच पूरे विधि-विधान के साथ नूतन वर्ष मनाया। जिसमें भगवान को लगाया गया छप्पन भोग हर किसी के लिए आकर्षण का विषय बना रहा।
गोवर्धन पूजा व अन्नकूट के मौके पर करीब आधा दर्जन मंदिरों में 56 भोग भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात्रि तक भंडारे का दौर चलता रहा।
नगर के राम जानकी मंदिर, लाला सांवल प्रसाद पुरुवार गाड़ीबाजार, श्री राधा कृष्ण मंदिर गुडाही बाजार, गायत्री शक्ति पीठ मंदिर सकरौरा, श्री राधाकृष्ण मंदिर हलवाई समाज, राम जानकी मंदिर सकरौरा घाट तथा ठा. रामजानकी मंदिर चतुर्भुजी बालकराम पुरवा में गोवर्धन पूजा के साथ ही अन्नकूट की पूजा एवं छप्पन भोग भंडारे का आयोजन किया गया।
प्रसाद लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर लाला शिवकुमार कुमार पुरुवार, अरुण कुमार वैश्य, पंडित तिलकराम तिवारी, रामजीलाल मोदनवाल, अशोक कुमार सिंहानियां, सन्तोष यज्ञसैनी व जोगेंद्र सिंह जानी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।