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Gonda News: दिल्ली चुनाव में गोंडा की उम्मीद टूटी
Sat, 08 Feb 2025 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 08 Feb 2025 11:48 PM IST
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अवध ओझा। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। अवध ओझा के रूप में
दिल्ली चुनाव से गोंडा की भी उम्मीद लगी थी। पटपड़गंज से सियासी मैदान में उतरे ओझा की हार से यहां मौजूद उनके प्रशंसक उदास हैं। शहर निवासी उनकी मां संतोष कांग्रेस से जुड़ने के साथ ही अधिवक्ता हैं और सिविल बार एसोसिएशन में वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हैं। अवध ओझा के आप से चुनाव लड़ने पर उन्होंने भले ही खुलकर कुछ नहीं बोला था, लेकिन बेटे की पराजय के बाद कहा कि हार-जीत तो लगी रहती है। पहली बार चुनाव लड़े। अच्छा लड़े। 22 दिनों में इतना मत मिला, यह हमारे लिए कम नहीं है।
अब भी है उम्मीद
अवध ओझा के करीबी कटरा बाजार क्षेत्र के सुबोध मिश्र कहते हैं कि अवध उन विरले व्यक्तियों में से हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। दिल्ली की जनता समझ नहीं सकी, लेकिन देर है अंधेर नहीं। करनैलगंज के गिरजेश शुक्ल भी कहते हैं अवध ओझा एक दिन सफल होंगे। महाराजगंज निवासी अभय श्रीवास्तव कहते हैं कि देश के महान शिक्षाविद ने राजनीति में नई पहल की है।
फातिमा से की थी इंटर तक की पढ़ाई
मां संतोष ओझा ने बताया कि उनका मूल गांव वजीरगंज के गोरख ओझक पुरवा है। रानीपुरवा जानकीनगर में परिवार रहता है। अवध ओझा की इंटर तक की पढ़ाई फातिमा स्कूल से हुई है। आगे की पढ़ाई प्रयागराज से हुई, जिसके बाद वह दिल्ली चले गए।
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दिल्ली चुनाव से गोंडा की भी उम्मीद लगी थी। पटपड़गंज से सियासी मैदान में उतरे ओझा की हार से यहां मौजूद उनके प्रशंसक उदास हैं। शहर निवासी उनकी मां संतोष कांग्रेस से जुड़ने के साथ ही अधिवक्ता हैं और सिविल बार एसोसिएशन में वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हैं। अवध ओझा के आप से चुनाव लड़ने पर उन्होंने भले ही खुलकर कुछ नहीं बोला था, लेकिन बेटे की पराजय के बाद कहा कि हार-जीत तो लगी रहती है। पहली बार चुनाव लड़े। अच्छा लड़े। 22 दिनों में इतना मत मिला, यह हमारे लिए कम नहीं है।
अब भी है उम्मीद
अवध ओझा के करीबी कटरा बाजार क्षेत्र के सुबोध मिश्र कहते हैं कि अवध उन विरले व्यक्तियों में से हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। दिल्ली की जनता समझ नहीं सकी, लेकिन देर है अंधेर नहीं। करनैलगंज के गिरजेश शुक्ल भी कहते हैं अवध ओझा एक दिन सफल होंगे। महाराजगंज निवासी अभय श्रीवास्तव कहते हैं कि देश के महान शिक्षाविद ने राजनीति में नई पहल की है।
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फातिमा से की थी इंटर तक की पढ़ाई
मां संतोष ओझा ने बताया कि उनका मूल गांव वजीरगंज के गोरख ओझक पुरवा है। रानीपुरवा जानकीनगर में परिवार रहता है। अवध ओझा की इंटर तक की पढ़ाई फातिमा स्कूल से हुई है। आगे की पढ़ाई प्रयागराज से हुई, जिसके बाद वह दिल्ली चले गए।
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