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Gonda News: बाढ़ से बचाव के बजट में 31 करोड़ की कटौती
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गोंडा। बाढ़ से बचाव के लिए संजीवनी माने जाने वाले तटबंधों के मरम्मत की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। यह अलग बात है कि शासन ने बजट स्वीकृति में कंजूसी दिखाई है। 48 करोड़ का प्रस्ताव सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग ने प्रस्ताव भेजा था। जिसमें 31 करोड़ की कटौती कर शासन ने 17 करोड़ की ही स्वीकृति दी है। इससे कार्य पर असर तो पड़ेगा, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है जरूरत पड़ने पर और बजट की मांग किया जाएगा। हर साल बारिश के समय बाढ़ की विभीषिका से लोगों को गुजरना पड़ता है। 2022 में तो 700 गांवों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी।
करनैलगंज तहसील में बने एलगिन से चरसड़ी तटबंध और भिखारीपुर सकरौर तटबंध से दो सौ गांवों की बाढ़ से सुरक्षा होती है। इन बंधों को मजबूत बनाने और बीते साल बारिश से क्षतिग्रस्त हुए स्थलों के मरम्मत का प्रस्ताव विभाग ने शासन को भेजा था। दोनों बंधों के मरम्मत के लिए 48 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें मरम्मत के कार्यों की स्वीकृति में बड़ी कटौती ने विभाग की परेशानी बढ़ा दी है।
बजट मिला है, उसी में कराएंगे काम
तटबंधों के मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था। जो बजट मिला है, उसके अनुसार कार्य कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आगे बजट की मांग की जाएगी।
त्रयंबक त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई एवं बाढ़ कार्य
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करनैलगंज तहसील में बने एलगिन से चरसड़ी तटबंध और भिखारीपुर सकरौर तटबंध से दो सौ गांवों की बाढ़ से सुरक्षा होती है। इन बंधों को मजबूत बनाने और बीते साल बारिश से क्षतिग्रस्त हुए स्थलों के मरम्मत का प्रस्ताव विभाग ने शासन को भेजा था। दोनों बंधों के मरम्मत के लिए 48 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें मरम्मत के कार्यों की स्वीकृति में बड़ी कटौती ने विभाग की परेशानी बढ़ा दी है।
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बजट मिला है, उसी में कराएंगे काम
तटबंधों के मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था। जो बजट मिला है, उसके अनुसार कार्य कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आगे बजट की मांग की जाएगी।
त्रयंबक त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई एवं बाढ़ कार्य