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Gonda News: आम खाने के बाद चार बच्चों की तबीयत बिगड़ी
Sun, 29 Jun 2025 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:19 PM IST
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गोंडा। आम खाने के बाद एक ही परिवार के चार बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए। चारों को मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। चारों बच्चों की सेहत में सुधार है।
बलरामपुर के रेहरा बाजार के रघुनाथ पुरवा निवासी गुड़िया पांडेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह आम खाने के बाद परिवार के चार बच्चे बीमार हो गए। इनमें मनोज कुमार पांडेय की बेटी अनन्या (06) व आरोही (02) तथा उमानाथ पांडेय का बेटा आर्यन (03) व काव्या (02) शामिल हैं। चारों बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे। पहले घर पर ही ओआरएस का घोल दिया गया। आराम न मिलने पर स्थानीय सीएचसी ले जाया गया। जहां से रेफर करने के बाद शनिवार रात 11:40 बजे महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस गुप्ता ने बताया कि बच्चे डायरिया के लक्षण से पीड़ित लग रहे हैं। फूड पॉइजनिंग की पुष्टि एफएसडीए टीम की ओर से सैंपल की जांच के बाद ही की जा सकती है। दो-तीन दिन में बच्चों की हालत सुधरने की संभावना है।
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फूड पॉइजनिंग के लक्षण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम के अनुसार फूड पॉइजनिंग व डायरिया के लक्षण मिलते-जुलते हैं। फूड पॉइजनिंग में उल्टी-दस्त, पेट में मरोड़ के साथ दर्द होता है। शरीर में कंपकंपी होती है। डिहाइड्रेशन होता है। उल्टी-दस्त अधिक होने पर व्यक्ति का अचेत हो सकता है। फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए खाना बनाते समय या खाना खाते समय हाथ धोना बेहद जरूरी है। किचन, बर्तन और फ्रिज को साफ रखें। फिल्टर या उबला हुआ पानी ही पिएं। छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, वहीं बुजुर्गों में उम्र के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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बलरामपुर के रेहरा बाजार के रघुनाथ पुरवा निवासी गुड़िया पांडेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह आम खाने के बाद परिवार के चार बच्चे बीमार हो गए। इनमें मनोज कुमार पांडेय की बेटी अनन्या (06) व आरोही (02) तथा उमानाथ पांडेय का बेटा आर्यन (03) व काव्या (02) शामिल हैं। चारों बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे। पहले घर पर ही ओआरएस का घोल दिया गया। आराम न मिलने पर स्थानीय सीएचसी ले जाया गया। जहां से रेफर करने के बाद शनिवार रात 11:40 बजे महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस गुप्ता ने बताया कि बच्चे डायरिया के लक्षण से पीड़ित लग रहे हैं। फूड पॉइजनिंग की पुष्टि एफएसडीए टीम की ओर से सैंपल की जांच के बाद ही की जा सकती है। दो-तीन दिन में बच्चों की हालत सुधरने की संभावना है।
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फूड पॉइजनिंग के लक्षण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम के अनुसार फूड पॉइजनिंग व डायरिया के लक्षण मिलते-जुलते हैं। फूड पॉइजनिंग में उल्टी-दस्त, पेट में मरोड़ के साथ दर्द होता है। शरीर में कंपकंपी होती है। डिहाइड्रेशन होता है। उल्टी-दस्त अधिक होने पर व्यक्ति का अचेत हो सकता है। फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए खाना बनाते समय या खाना खाते समय हाथ धोना बेहद जरूरी है। किचन, बर्तन और फ्रिज को साफ रखें। फिल्टर या उबला हुआ पानी ही पिएं। छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, वहीं बुजुर्गों में उम्र के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों को सावधानी बरतनी चाहिए।