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लूट के आरोपी को पांच वर्ष की कैद
amar ujala
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:27 PM IST
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एफटीसी द्वितीय ने लूट के आरोपी को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के मोहल्ला सरायफाटक पर 6 फरवरी 2002 को थाना महराजगंज निवासी महराजदीन से तीन लोगों ने 10 हजार रुपये लूट लिया था।
महराजदीन ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसने बैंक से 14 हजार 500 रुपए निकाले थे। साढ़े चार हजार रुपये बेटे अमरनाथ को दिए थे। पेट्रोलपंप से डीजल खरीदकर जा रहा था, तभी मोटरसाइकिल से आए तीन युवकों ने उनसे 10 हजार रुपए लूट लिए। लूट के बाद शोर मचाने पर लोगों की मदद से संतोष कुमार व फीजू को पुलिस ने पकड़ लिया।
एक आरोपी पंकज उर्फ बाबादीन मोटरसाइकिल से भाग गया। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध लूट का मुकदमा दर्ज कर गैंगस्टर एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता नरेन्द्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त फीजू की मौत हो गई, इसलिए उसका नाम पत्रावली से हटा दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय जमशेद अली ने संतोष कुमार को लूट का दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। साक्ष्यों के अभाव में न्यायाधीश ने पंकज उर्फ बाबादीन को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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कोतवाली नगर के मोहल्ला सरायफाटक पर 6 फरवरी 2002 को थाना महराजगंज निवासी महराजदीन से तीन लोगों ने 10 हजार रुपये लूट लिया था।
महराजदीन ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसने बैंक से 14 हजार 500 रुपए निकाले थे। साढ़े चार हजार रुपये बेटे अमरनाथ को दिए थे। पेट्रोलपंप से डीजल खरीदकर जा रहा था, तभी मोटरसाइकिल से आए तीन युवकों ने उनसे 10 हजार रुपए लूट लिए। लूट के बाद शोर मचाने पर लोगों की मदद से संतोष कुमार व फीजू को पुलिस ने पकड़ लिया।
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एक आरोपी पंकज उर्फ बाबादीन मोटरसाइकिल से भाग गया। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध लूट का मुकदमा दर्ज कर गैंगस्टर एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता नरेन्द्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त फीजू की मौत हो गई, इसलिए उसका नाम पत्रावली से हटा दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय जमशेद अली ने संतोष कुमार को लूट का दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। साक्ष्यों के अभाव में न्यायाधीश ने पंकज उर्फ बाबादीन को सभी आरोपों से बरी कर दिया।