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पूर्व सांसद सत्यदेव को पड़ा जानलेवा हार्टअटैक
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सत्यदेव सिंह-फाइल फोटो
- फोटो : GONDA
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गोंडा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद व अनुशासन समिति के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह का बुधवार की रात गुरुग्राम हरियाणा के मेदांता अस्पताल में हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वे करीब 75 वर्ष के थे। सिंह कुछ समय से बीमार थे और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की रात को उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरोजरानी सिंह का निधन कोरोना से हो गया है। इसकी खबर लगते ही उन्हें काफी कष्ट हुआ, इसके बाद हृदयगति रुक जाने से उनका निधन हो गया।
सिंह को लखनऊ के गोमतीनगर के विश्वास खंड स्थित उनके आवास पर लाया गया जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। उनकी अंत्येष्टि भैसाकुंड बैकुंडधाम में की गई। पूर्व सांसद व उनकी पत्नी सरोजरानी सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। बीते 6 दिसबंर को पीजीआई लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उस समय पूर्व सांसद की तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें पत्नी की मौत की जानकारी नहीं दी गई। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि बुधवार की शाम को जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्हें गहरा आघात लगा कि पत्नी का निधन हो गया और वह अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार की रात करीब 10 बजे उनकी हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
सियासत के सूूरज थे सत्यदेव, दो जिलों के दिल की धड़कन थे
गोंडा। भाजपा अनुशासन समिति के अध्यक्ष व पूर्व सांसद सत्देव सिंह सियासत की सूरज की तरह थे। उनकी राजनीतिक पहचान असीमित थी और हर कोई उन्हें अपना सियासी गुरु मानता था। गुरुवार को उनके निधन से पक्ष हो या विपक्ष, हर राजनीतिक व्यक्ति के चेहरे पर दुख की छाप साफ दिख रही थी। 75 वर्षीय सिंह मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के रहने वाले थे, लेकिन राजनीतिक सफर उन्होंने गोंडा से 1977 से शुरू की थी। भारतीय लोकदल के टिकट पर वह गोंडा से सांसद बने और फिर यहीं रच बस गए।
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शहर के सकुर्लर रोड पर उन्होंने आवास बनाया और अब तक जिले की माटी से ही जुड़े रहे। वर्ष 1991 व 1996 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा से बलरामपुर संसदीय सीट से चुने गए। उनकी पत्नी सरोज रानी सिंह बलरामपुर जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहीं और वे दोनों जिलों से हमेशा जुड़े रहे। भाजपा के संगठन में भी उनकी गहरी पैठ थी। वह 1980 से 1985 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। मौजूदा समय में वह एलबीएस डिग्री कॉलेज के प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष और भाजपा के अनुशासन समिति के अध्यक्ष थे। उनके निधन से हर कोई दुखी है।
पूर्व सांसद के निधन पर शोक की लहर, हर कोई दुखी
गोंडा। भाजपा के वरिष्ठ नेता व अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव सिंह के निधन पर भाजपा के कार्यालय व एलबीएस डिग्री कॉलेज में शोक सभा का आयोजन हुआ। जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी ने सिंह के आकस्मिक निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने भी अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र, सांसद बृजभूषण शरण सिंह, सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक बावन सिंह, कुंवर अजय प्रताप सिंह, प्रेम नारायण पांडे, प्रतीक भूषण सिंह, विनय कुमार द्विवेदी, प्रभात वर्मा, सांसद प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र, तुलसीदास रायचदानी, पियूष मिश्रा, अकबाल बहादुर तिवारी, रमाकांत तिवारी, जसवंत लाल सोनकर, वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार हनुमान सिंह सुधाकर आदि ने शोक जताया।
एलबीएस महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत ने शोक सभा में कहा कि सिंह महाविद्यालय की प्रगति के लिए सतत सक्रिय एवं संलग्न रहे। शोक सभा के दौरान महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र, शिक्षक संघ के मंत्री डॉ. मंशाराम वर्मा, डॉ. अतुल कुमार सिंह, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. केएन पांडेय, डॉ. रंजन शर्मा, डॉ. राम समुझ सिंह आदि ने शोक जताया।
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सिंह को लखनऊ के गोमतीनगर के विश्वास खंड स्थित उनके आवास पर लाया गया जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। उनकी अंत्येष्टि भैसाकुंड बैकुंडधाम में की गई। पूर्व सांसद व उनकी पत्नी सरोजरानी सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। बीते 6 दिसबंर को पीजीआई लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उस समय पूर्व सांसद की तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें पत्नी की मौत की जानकारी नहीं दी गई। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि बुधवार की शाम को जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्हें गहरा आघात लगा कि पत्नी का निधन हो गया और वह अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार की रात करीब 10 बजे उनकी हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
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सियासत के सूूरज थे सत्यदेव, दो जिलों के दिल की धड़कन थे
गोंडा। भाजपा अनुशासन समिति के अध्यक्ष व पूर्व सांसद सत्देव सिंह सियासत की सूरज की तरह थे। उनकी राजनीतिक पहचान असीमित थी और हर कोई उन्हें अपना सियासी गुरु मानता था। गुरुवार को उनके निधन से पक्ष हो या विपक्ष, हर राजनीतिक व्यक्ति के चेहरे पर दुख की छाप साफ दिख रही थी। 75 वर्षीय सिंह मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के रहने वाले थे, लेकिन राजनीतिक सफर उन्होंने गोंडा से 1977 से शुरू की थी। भारतीय लोकदल के टिकट पर वह गोंडा से सांसद बने और फिर यहीं रच बस गए।
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शहर के सकुर्लर रोड पर उन्होंने आवास बनाया और अब तक जिले की माटी से ही जुड़े रहे। वर्ष 1991 व 1996 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा से बलरामपुर संसदीय सीट से चुने गए। उनकी पत्नी सरोज रानी सिंह बलरामपुर जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहीं और वे दोनों जिलों से हमेशा जुड़े रहे। भाजपा के संगठन में भी उनकी गहरी पैठ थी। वह 1980 से 1985 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। मौजूदा समय में वह एलबीएस डिग्री कॉलेज के प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष और भाजपा के अनुशासन समिति के अध्यक्ष थे। उनके निधन से हर कोई दुखी है।
पूर्व सांसद के निधन पर शोक की लहर, हर कोई दुखी
गोंडा। भाजपा के वरिष्ठ नेता व अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव सिंह के निधन पर भाजपा के कार्यालय व एलबीएस डिग्री कॉलेज में शोक सभा का आयोजन हुआ। जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी ने सिंह के आकस्मिक निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने भी अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र, सांसद बृजभूषण शरण सिंह, सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक बावन सिंह, कुंवर अजय प्रताप सिंह, प्रेम नारायण पांडे, प्रतीक भूषण सिंह, विनय कुमार द्विवेदी, प्रभात वर्मा, सांसद प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र, तुलसीदास रायचदानी, पियूष मिश्रा, अकबाल बहादुर तिवारी, रमाकांत तिवारी, जसवंत लाल सोनकर, वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार हनुमान सिंह सुधाकर आदि ने शोक जताया।
एलबीएस महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत ने शोक सभा में कहा कि सिंह महाविद्यालय की प्रगति के लिए सतत सक्रिय एवं संलग्न रहे। शोक सभा के दौरान महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र, शिक्षक संघ के मंत्री डॉ. मंशाराम वर्मा, डॉ. अतुल कुमार सिंह, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. केएन पांडेय, डॉ. रंजन शर्मा, डॉ. राम समुझ सिंह आदि ने शोक जताया।