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Gonda News: स्कूलों में हर विद्यार्थी की बनेगी ई-मेल आईडी
Mon, 25 May 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 25 May 2026 11:27 PM IST
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गोंडा। जिले के माध्यमिक विद्यालयों की पढ़ाई अब पारंपरिक कॉपी-किताबों से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफार्म की ओर बढ़ रही है। शासन के निर्देश पर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में 512 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जिनमें नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़कर ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ गृहकार्य, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर विद्यार्थी ई-मेल से असाइनमेंट भेज सकेंगे और अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
विभाग की ओर से विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा सके। विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र-छात्राओं को ई-मेल उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। इसके जरिए विद्यार्थी शिक्षकों से ऑनलाइन संवाद करना भी सीखेंगे। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने कहा कि डिजिटल साक्षरता से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच विकसित होगी।
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जिले में 512 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जिनमें नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़कर ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ गृहकार्य, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर विद्यार्थी ई-मेल से असाइनमेंट भेज सकेंगे और अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
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विभाग की ओर से विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा सके। विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र-छात्राओं को ई-मेल उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। इसके जरिए विद्यार्थी शिक्षकों से ऑनलाइन संवाद करना भी सीखेंगे। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने कहा कि डिजिटल साक्षरता से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की सोच विकसित होगी।
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