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Gonda News: एक साथ तीन चिताएं जलीं तो नम हुई हर आंख
Fri, 03 Jul 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:33 PM IST
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बेलसर के चांदपुर गांव में मृतक के घर पर बैठे लोग। स्रोत: ग्रामीण
बेलसर। विरसिंहपुर गांव के समीप टेढ़ी नदी पर बन रहे पुल के पास बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में मृत तीनों मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के बाद देर शाम गांव लाए गए तो कोहराम मच गया। देर शाम कोड़िया तालाब के किनारे एक साथ तीनों चिताएं जली तो सभी की आंखें नम हो गईं।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे सरिये से लदा ट्रक सड़क किनारे पलटने से चांदपुर गांव निवासी सगे भाई राजेंद्र और रवींद्र उर्फ रविंदे के साथ ही रामगुलाम की सरियों से दबकर मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की पटरी की समुचित पटान नहीं कराई गई थी। इसी कारण ट्रक का पहिया धंसने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। शुक्रवार को पूरे दिन चांदपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। हर घर में हादसे की चर्चा और मृतकों के परिवारों की चिंता दिखाई दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और गमगीन माहौल में तीनों को अंतिम विदाई दी गई।
बदहवास पिता ने जवान बेटे को दी मुखाग्नि
हादसे में मृत राजेंद्र को उनके बड़े बेटे संतोष ने मुखाग्नि दी। रामगुलाम को उनके बड़े बेटे विनोद ने अंतिम विदाई दी। सबसे हृदयविदारक दृश्य तब देखने को मिला जब दो-दो जवान बेटों को खोने वाले बुजुर्ग राम बहादुर ने बदहवास हालत में बेटे रविंद्र को मुखाग्नि दी। राम बहादुर के पांच बेटों में से राजेंद्र और रविंद्र की हादसे में जान चली गई, इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रवींद्र के छोटे-छोटे बच्चों के जीवन निर्वाह की चिंता भी परिजनों को सता रही है। बृहस्पतिवार देर शाम तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडेय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने सांत्वना देते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की और आगे भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही एमएलसी मंजू सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गोलू सिंह और सभासद सूर्यभान दुबे ने भी परिजनों को मदद का भरोसा दिलाया।
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तीन मौतों के बाद भी नहीं शुरू हुई सड़क की मरम्मत
हरखापुर के प्रशासक हरिवंश तिवारी और गांव के हीरालाल व राम गौतम ने बताया कि विरसिंहपुर के पास हुए हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी सड़क की मरम्मत के लिए कोई नहीं पहुंचा। वहीं, हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित परिवार का हाल जानने गांव तक नहीं पहुंचे। मृतक राजेंद्र के बड़े बेटे संतोष ने इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बताते हुए आक्रोश जताया। हालांकि, तरबगंज एसडीएम प्रदीप सिंह ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
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बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे सरिये से लदा ट्रक सड़क किनारे पलटने से चांदपुर गांव निवासी सगे भाई राजेंद्र और रवींद्र उर्फ रविंदे के साथ ही रामगुलाम की सरियों से दबकर मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की पटरी की समुचित पटान नहीं कराई गई थी। इसी कारण ट्रक का पहिया धंसने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। शुक्रवार को पूरे दिन चांदपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। हर घर में हादसे की चर्चा और मृतकों के परिवारों की चिंता दिखाई दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और गमगीन माहौल में तीनों को अंतिम विदाई दी गई।
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बदहवास पिता ने जवान बेटे को दी मुखाग्नि
हादसे में मृत राजेंद्र को उनके बड़े बेटे संतोष ने मुखाग्नि दी। रामगुलाम को उनके बड़े बेटे विनोद ने अंतिम विदाई दी। सबसे हृदयविदारक दृश्य तब देखने को मिला जब दो-दो जवान बेटों को खोने वाले बुजुर्ग राम बहादुर ने बदहवास हालत में बेटे रविंद्र को मुखाग्नि दी। राम बहादुर के पांच बेटों में से राजेंद्र और रविंद्र की हादसे में जान चली गई, इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रवींद्र के छोटे-छोटे बच्चों के जीवन निर्वाह की चिंता भी परिजनों को सता रही है। बृहस्पतिवार देर शाम तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडेय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने सांत्वना देते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की और आगे भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही एमएलसी मंजू सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गोलू सिंह और सभासद सूर्यभान दुबे ने भी परिजनों को मदद का भरोसा दिलाया।
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तीन मौतों के बाद भी नहीं शुरू हुई सड़क की मरम्मत
हरखापुर के प्रशासक हरिवंश तिवारी और गांव के हीरालाल व राम गौतम ने बताया कि विरसिंहपुर के पास हुए हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी सड़क की मरम्मत के लिए कोई नहीं पहुंचा। वहीं, हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित परिवार का हाल जानने गांव तक नहीं पहुंचे। मृतक राजेंद्र के बड़े बेटे संतोष ने इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बताते हुए आक्रोश जताया। हालांकि, तरबगंज एसडीएम प्रदीप सिंह ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।