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Gonda News: पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों ने भरी हुंकार
Fri, 01 Aug 2025 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:31 PM IST
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गोंडा के कलेक्ट्रेट में रोष मार्च निकालते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को अटेवा की ओर से रोष मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
अटेवा जिलाध्यक्ष अमर यादव के नेतृत्व में कई विभागों के शिक्षक व कर्मचारी जिला पंचायत के टिनशेड में एकत्र हुए। यहां से जिलाधिकारी कार्यालय तक रोष मार्च निकालकर पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण का निर्णय रद्द करने, स्कूलों के मर्जर को रद्द करने सहित अन्य मांगें रखीं। संगठन प्रभारी गौरव पांडेय व जिला महामंत्री शिवकुमार ने कहा कि हम लगातार ओपीएस की बहाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षक कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय और आजाद बेग ने कहा कि सरकार लगातार विभागों का निजीकरण करके सरकारी संस्थाओं को निजी कंपनियों को दे रही है। इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अनिल सिंह ने कहा कि स्कूलों का मर्जर कर बंद करना गलत है। इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। प्रदर्शन में राघवेंद्र तिवारी, स्वाति मलिक, नीतू जायसवाल, मीनू मिश्रा, सूर्य किशोर पांडेय, अजीत पांडेय, विशाल, शिवपूजन, हनुमंत लाल, शिवकुमार, ओमप्रकाश, संदीप मौर्य, हिमांशु शुक्ल, जगन्नाथ, आनंद यादव, शौनक शुक्ल, विनोद यादव, रामकरन सहित अन्य उपस्थित रहे।
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अटेवा जिलाध्यक्ष अमर यादव के नेतृत्व में कई विभागों के शिक्षक व कर्मचारी जिला पंचायत के टिनशेड में एकत्र हुए। यहां से जिलाधिकारी कार्यालय तक रोष मार्च निकालकर पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण का निर्णय रद्द करने, स्कूलों के मर्जर को रद्द करने सहित अन्य मांगें रखीं। संगठन प्रभारी गौरव पांडेय व जिला महामंत्री शिवकुमार ने कहा कि हम लगातार ओपीएस की बहाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षक कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय और आजाद बेग ने कहा कि सरकार लगातार विभागों का निजीकरण करके सरकारी संस्थाओं को निजी कंपनियों को दे रही है। इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अनिल सिंह ने कहा कि स्कूलों का मर्जर कर बंद करना गलत है। इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। प्रदर्शन में राघवेंद्र तिवारी, स्वाति मलिक, नीतू जायसवाल, मीनू मिश्रा, सूर्य किशोर पांडेय, अजीत पांडेय, विशाल, शिवपूजन, हनुमंत लाल, शिवकुमार, ओमप्रकाश, संदीप मौर्य, हिमांशु शुक्ल, जगन्नाथ, आनंद यादव, शौनक शुक्ल, विनोद यादव, रामकरन सहित अन्य उपस्थित रहे।
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