{"_id":"6206a7106815b565de1af476","slug":"education-fraud-gonda-news-lko6174078166","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर के भ्रम में बढा दिए थे ब्लाक, हटेंगे तीनों ब्लाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर के भ्रम में बढा दिए थे ब्लाक, हटेंगे तीनों ब्लाक
विज्ञापन
फोटो-16-गोंडा के समग्र शिक्षा कार्यालय में कार्य करते कर्मचारी। (संवाद)
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। बेसिक शिक्षा में मनमाने ढंग से बढ़ाए गए ब्लॉक अब यू- डायस से हटेंगे। जिले में 16 ब्लॉक के साथ ही सिर्फ नगर क्षेत्र बढ़ेंगे। बेसिक शिक्षा के यू- डायस पर तीन ब्लॉक बढ़ाए जाने की खबर अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रथम पेज पर ‘बेसिक शिक्षा का अपना कानून, बढ़ा दिए ब्लॉक’ व माई सिटी के पेज एक पर ‘बजट के लिए साजिश या फर्जी नियुक्ति की कोशिश’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शुक्रवार को बीएसए ने यू- डायस पर पूरी जानकारी की। बताया जा रहा है कि 2020- 21 में जिले में 16 के बजाय 19 ब्लॉक दिख रहे हैं। बीएसए राम प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लॉक अधिक लिखे होने की रिपोर्ट निदेशक को भेजी गई है। जिले में तीन नगर क्षेत्र हैं, उसी के भ्रम में तीन नाम बढ़े थे। निदेशालय स्तर पर बन रहे बजट में यह बात सामने आई। इसके बाद नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
बेसिक शिक्षा में वित्तीय वर्ष 2020- 21 व 2021- 22 के बजट की भी जानकारी की गई। पता चला कि 16 ब्लाक व एक नगर क्षेत्र के लिए बजट जारी हुए हैं। तीन बढ़े ब्लॉकों को बजट में शामिल नहीं किया गया है। इस बार नए सिरे से प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए बजट की तैयारी हो रही है। इस दौरान तीन अधिक ब्लॉक दिखने का मामला सामने आया। इसकी रिपोर्ट प्री-प्राइमरी शिक्षा यूनिट के प्रभारी ने जारी किया। समय रहते मामला संज्ञान में आने से सुधार की कार्रवाई हो रही है। बीएसए ने ब्लॉकों के सत्यापन की रिपोर्ट निदेशक को भेजी है। उनका कहना है कि जिले में वैसे तो तीन नगर पालिका परिषद हैं। तीनों नगर पालिकाओं में 46 विद्यालय ही हैं, ऐसे में एक ही नगर शिक्षा अधिकारी का पद सृजित है। तीनों में अलग-अलग नहीं हैं। इसलिए 16 ब्लॉक और एक नगर क्षेत्र ही हैं। उन्होंने कहा कि जहां महानगर गठित हुए हैं, वहां ही अलग से पदों का सृजन होना है। जबकि, गोंडा में कोई महानगर पालिका नहीं है। फिलहाल ब्लाकों की स्थिति में कोई फेरबदल नहीं हुआ है।
ब्लॉक बढ़ने की रिपोर्ट पर विभाग ने मांगा गजट
ब्लॉकों के बढ़ाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। प्रदेश में वैसे तो 826 ब्लॉक ही हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा में महानगर और नगर क्षेत्रों के आधार पर यूनिट तय होने से 880 क्षेत्र माने जा रहे हैं। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा की साइट पर 953 ब्लाक दिख रहे थे। इस पर अब निदेशालय से बढ़े हुए ब्लाकों के बारे में शासन की ओर से जारी गजट मांगा गया है। जिससे स्पष्ट हो सके कि वास्तव में ब्लाक कितने हैं। इसके साथ ही ब्लाक बढ़ने की स्थिति में पदों के सृजन की कार्रवाई भी अब होगी। प्रदेश के जिलों को बढ़े ब्लॉकों का सत्यापन करके शासन के गजट के साथ रिपोर्ट भेजनी है। जिले में फिलहाल 40 सालों से नए ब्लाकों का गठन नहीं हुआ है। अभी भी 16 ब्लॉक ही हैं।
विज्ञापन
ब्लॉक गठन करने के पीछे नगर क्षेत्र की पहचान की थी मंशा
यू-डायस पर तीन ब्लाक बढ़ाए जाने की बात सामने आने पर कई तरह की आशंका दिख रही थी, लेकिन यू- डायस में साल 2020- 21 में ही बढ़ाए गए ब्लाक फीड हुए थे। उसी समय कोविड- 19 संकट शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि कोरोना संकट चल रहा है। ऐसे में ब्लाकों को लेकर विभाग भी सुस्त रहा। अब प्री- प्राइमरी एजुकेशन के लिए कार्य योजना तैयार करने में बाल विकास विभाग और बेसिक शिक्षा की ओर से प्रस्तुत आंकडों के मिलान पर मामला पकड़ गया है। अब स्पष्ट किया जा रहा है कि तीनों नगर क्षेत्रों की पहचान तय करने के लिए नाम बढ़ गए। फिलहाल यू- डायस के अलावा प्रेरणा पोर्टल या विभाग के किसी अन्य साइट पर ब्लाकों के नाम नहीं बढे थे। इससे कोई खेल की तैयारी भी रही हो, तो संभव नहीं हो पाई।
ब्लाकों के अधिक संख्या होने की पूरी जांच कर ली गई है। तीन नगर क्षेत्र होने के कारण ही ऐसा हुआ था। किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है, सुधार के लिए निदेशक को रिपोर्ट दी गई है। जल्द ही सुधार हो जाएगा। राम प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा में वित्तीय वर्ष 2020- 21 व 2021- 22 के बजट की भी जानकारी की गई। पता चला कि 16 ब्लाक व एक नगर क्षेत्र के लिए बजट जारी हुए हैं। तीन बढ़े ब्लॉकों को बजट में शामिल नहीं किया गया है। इस बार नए सिरे से प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए बजट की तैयारी हो रही है। इस दौरान तीन अधिक ब्लॉक दिखने का मामला सामने आया। इसकी रिपोर्ट प्री-प्राइमरी शिक्षा यूनिट के प्रभारी ने जारी किया। समय रहते मामला संज्ञान में आने से सुधार की कार्रवाई हो रही है। बीएसए ने ब्लॉकों के सत्यापन की रिपोर्ट निदेशक को भेजी है। उनका कहना है कि जिले में वैसे तो तीन नगर पालिका परिषद हैं। तीनों नगर पालिकाओं में 46 विद्यालय ही हैं, ऐसे में एक ही नगर शिक्षा अधिकारी का पद सृजित है। तीनों में अलग-अलग नहीं हैं। इसलिए 16 ब्लॉक और एक नगर क्षेत्र ही हैं। उन्होंने कहा कि जहां महानगर गठित हुए हैं, वहां ही अलग से पदों का सृजन होना है। जबकि, गोंडा में कोई महानगर पालिका नहीं है। फिलहाल ब्लाकों की स्थिति में कोई फेरबदल नहीं हुआ है।
विज्ञापन
ब्लॉक बढ़ने की रिपोर्ट पर विभाग ने मांगा गजट
ब्लॉकों के बढ़ाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। प्रदेश में वैसे तो 826 ब्लॉक ही हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा में महानगर और नगर क्षेत्रों के आधार पर यूनिट तय होने से 880 क्षेत्र माने जा रहे हैं। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा की साइट पर 953 ब्लाक दिख रहे थे। इस पर अब निदेशालय से बढ़े हुए ब्लाकों के बारे में शासन की ओर से जारी गजट मांगा गया है। जिससे स्पष्ट हो सके कि वास्तव में ब्लाक कितने हैं। इसके साथ ही ब्लाक बढ़ने की स्थिति में पदों के सृजन की कार्रवाई भी अब होगी। प्रदेश के जिलों को बढ़े ब्लॉकों का सत्यापन करके शासन के गजट के साथ रिपोर्ट भेजनी है। जिले में फिलहाल 40 सालों से नए ब्लाकों का गठन नहीं हुआ है। अभी भी 16 ब्लॉक ही हैं।
विज्ञापन
ब्लॉक गठन करने के पीछे नगर क्षेत्र की पहचान की थी मंशा
यू-डायस पर तीन ब्लाक बढ़ाए जाने की बात सामने आने पर कई तरह की आशंका दिख रही थी, लेकिन यू- डायस में साल 2020- 21 में ही बढ़ाए गए ब्लाक फीड हुए थे। उसी समय कोविड- 19 संकट शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि कोरोना संकट चल रहा है। ऐसे में ब्लाकों को लेकर विभाग भी सुस्त रहा। अब प्री- प्राइमरी एजुकेशन के लिए कार्य योजना तैयार करने में बाल विकास विभाग और बेसिक शिक्षा की ओर से प्रस्तुत आंकडों के मिलान पर मामला पकड़ गया है। अब स्पष्ट किया जा रहा है कि तीनों नगर क्षेत्रों की पहचान तय करने के लिए नाम बढ़ गए। फिलहाल यू- डायस के अलावा प्रेरणा पोर्टल या विभाग के किसी अन्य साइट पर ब्लाकों के नाम नहीं बढे थे। इससे कोई खेल की तैयारी भी रही हो, तो संभव नहीं हो पाई।
ब्लाकों के अधिक संख्या होने की पूरी जांच कर ली गई है। तीन नगर क्षेत्र होने के कारण ही ऐसा हुआ था। किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है, सुधार के लिए निदेशक को रिपोर्ट दी गई है। जल्द ही सुधार हो जाएगा। राम प्रताप सिंह, बीएसए