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दिवाली को लेकर उल्लास
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2015 10:59 PM IST
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शहर से लेकर गांवों तक दीपावली की धूम मची है। दीप पर्व को लेकर चहुंओर लोगों में उल्लास है। कहीं कोई बच्चा पटाखा दगा रहा है तो कोई अपने घर व आंगन को रंग बिरंगी झालरों से सजा रहा है। कोई मिठाई की खरीदारी कर रहा है तो कोई शुभकामनाएं दे रहा है।
हर तरफ जगमग-जगमग ही दिख रहा है। चहुंओर खुशियों की बहार नजर आ रही है। गांवों में भी मंगलवार को छोटी दिवाली मनायी गई। घरों और दरवाजे पर दीपक जलाकर देवी-देेवताओं का आह्वान किया गया।
शहर में हर घर पर झालर जगमग करती दिख रही है। दीपावली की बात हो और दिये का जिक्र न हो तो दिवाली की बात ही बेमानी लगती है। घरों में घी और तेल के दिये जलाने की परंपरा है।
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अब तो कई मोमबत्ती बनाने वाली कंपनियों ने भी दिये के आकार वाले मिट्टी व चीनी मिटंटी के बर्तनों में मोमबत्ती वाले दिये लांच किए हैं।
इसके अलावा बाजार व ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विद्युतीकरण से अब गांवों में भी बिजली की रंग बिरंगी झालरों की मांग बढ़ी है। इसमें लोग चायनीज झालरों को काफी पसंद कर रहे हैं। मिट्टी के सादे दीये तथा डिजायनर दीयों की खरीदारी कर लोगों ने शुभ कार्य दीपक जलाकर ही किया।
होटलों व मॉल को भी करीने से सजाया गया है। सरकारी व गैर सरकारी भवनों को भी रंग बिरंगी झालरों से रोशन किया गया है। इससे हर तरफ उजाला ही उजाला दिख रहा है।
अब बाजार में डिजाइनर दिये आ गए हैं। लोग घरों में जलाने के लिए खासकर पूजा आदि के लिए नक्काशी व डिजाइन वाले दिये को काफी पसंद कर रहे हैं। अब गांव के कुम्हार व कसघड़ भी दिये व मिट्टी के बर्तनों पर खूबसूरत नक्काशी कर रहे हैं।
मंगलवार को दिये की खरीदारी कर रहीं मीनाक्षी, रश्मि ने बताया कि वे पूजन में जलाने के लिए नक्काशीदार दिये खोज रही हैं। वहीं लोगों को लुभाने के लिए दुकानदार मिट्टी के दिये आदि को रंगरोगन कर बिक्री करते हैं।
दिये बनाकर बिक्री करने वाले रामसूरत ने बताया कि दिये जैसे छोटे बर्तनों पर नक्काशी करने में काफी श्रम व वक्त लगता है।
पिछले कई सालों से बाजार में चायनीज झालरों का कब्जा बरकरार है। वैसे बाजार में काफी पहले से ही देशी झालरों की बिक्री होती रही है, लेकिन पिछले कई सालों से बाजार में चाइनीज झालरों का कब्जा हो गया है।
इस बार सिर्फ झालर ही नहीं, बल्कि रंगीन मल्टी कलर बल्ब, चक्र, हैपी दिवाली लिखा बोर्ड बिक रहा है, जो ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक डिवाइस से कनेक्ट किया गया है।
खूबसूरत मल्टी कलर नयी टेक्नालॉजी से चाइनीज झालरों का बाजार पर एकाधिकार बना हुआ है। एक दुकानदार का कहना है कि इसकी फिनीशिंग, चमक टिकाऊपन ही चाइनीज झालरों की खासियत है।
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हर तरफ जगमग-जगमग ही दिख रहा है। चहुंओर खुशियों की बहार नजर आ रही है। गांवों में भी मंगलवार को छोटी दिवाली मनायी गई। घरों और दरवाजे पर दीपक जलाकर देवी-देेवताओं का आह्वान किया गया।
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शहर में हर घर पर झालर जगमग करती दिख रही है। दीपावली की बात हो और दिये का जिक्र न हो तो दिवाली की बात ही बेमानी लगती है। घरों में घी और तेल के दिये जलाने की परंपरा है।
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अब तो कई मोमबत्ती बनाने वाली कंपनियों ने भी दिये के आकार वाले मिट्टी व चीनी मिटंटी के बर्तनों में मोमबत्ती वाले दिये लांच किए हैं।
इसके अलावा बाजार व ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विद्युतीकरण से अब गांवों में भी बिजली की रंग बिरंगी झालरों की मांग बढ़ी है। इसमें लोग चायनीज झालरों को काफी पसंद कर रहे हैं। मिट्टी के सादे दीये तथा डिजायनर दीयों की खरीदारी कर लोगों ने शुभ कार्य दीपक जलाकर ही किया।
होटलों व मॉल को भी करीने से सजाया गया है। सरकारी व गैर सरकारी भवनों को भी रंग बिरंगी झालरों से रोशन किया गया है। इससे हर तरफ उजाला ही उजाला दिख रहा है।
अब बाजार में डिजाइनर दिये आ गए हैं। लोग घरों में जलाने के लिए खासकर पूजा आदि के लिए नक्काशी व डिजाइन वाले दिये को काफी पसंद कर रहे हैं। अब गांव के कुम्हार व कसघड़ भी दिये व मिट्टी के बर्तनों पर खूबसूरत नक्काशी कर रहे हैं।
मंगलवार को दिये की खरीदारी कर रहीं मीनाक्षी, रश्मि ने बताया कि वे पूजन में जलाने के लिए नक्काशीदार दिये खोज रही हैं। वहीं लोगों को लुभाने के लिए दुकानदार मिट्टी के दिये आदि को रंगरोगन कर बिक्री करते हैं।
दिये बनाकर बिक्री करने वाले रामसूरत ने बताया कि दिये जैसे छोटे बर्तनों पर नक्काशी करने में काफी श्रम व वक्त लगता है।
पिछले कई सालों से बाजार में चायनीज झालरों का कब्जा बरकरार है। वैसे बाजार में काफी पहले से ही देशी झालरों की बिक्री होती रही है, लेकिन पिछले कई सालों से बाजार में चाइनीज झालरों का कब्जा हो गया है।
इस बार सिर्फ झालर ही नहीं, बल्कि रंगीन मल्टी कलर बल्ब, चक्र, हैपी दिवाली लिखा बोर्ड बिक रहा है, जो ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक डिवाइस से कनेक्ट किया गया है।
खूबसूरत मल्टी कलर नयी टेक्नालॉजी से चाइनीज झालरों का बाजार पर एकाधिकार बना हुआ है। एक दुकानदार का कहना है कि इसकी फिनीशिंग, चमक टिकाऊपन ही चाइनीज झालरों की खासियत है।