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जिला पंचायत अध्यक्ष अब तीन को पाएंगे प्रमाण पत्र
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गोंडा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के घनश्याम मिश्र को अब तीन जुलाई को प्रमाण पत्र मिलेगा। उनके निर्विरोध निर्वाचन से भाजपा में खुशी है और कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने प्रबंधन का लोहा मनवाने में सफल रहे। जिले ही नहीं मंडल में उन्होंने इस बार अपना सिक्का जमाया है। वहीं नए अध्यक्ष का जिले में जगह-जगह स्वागत भी हो रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा ने एक साथ कई निशाने साधे। ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के साथ ही सपा को कमजोर साबित कर दिया। सपा के 21 सदस्यों की जीत के बाद भी प्रत्याशी तय न कर पाने से पार्टी की किरकिरी हुई। जिससे खफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कार्रवाई करनी पड़ी।
वहीं भाजपा में जिला पंचायत अध्यक्ष की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंडल की चार सीटों में तीन सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार कर और तीनों को जिता कर पार्टी ने मंडल के एक बड़े मतदाता तबके पर अपनी पैठ गहरी कर ली है। इससे अन्य दलों में मंथन तेज हो गया है।
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भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण चेहरा आगे करके सपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। सपा प्रदेश सरकार को इसी मुद्दों पर कई महीनों से घेरने की कोशिश कर रही है, अब जिले में बड़े मतदाता तबके में पैठ मजबूत करने के लिए सपा में भी मंथन हो रहा है।
जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव को हटाए जाने के बाद जिलाध्यक्ष ब्राह्मण वर्ग के कार्यकर्त्ता को दिए जाने की वकालत सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर गौरा क्षेत्र के विक्की मिश्र के साथ ही पार्टी के पुराने नेता राम सबूरे मिश्र का नाम जोर-शोर से चल रहा है।
वहीं प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के अध्यक्ष त्रिवेणी मिश्र का नाम भी चल रहा है। इसके साथ ही लेखराज यादव के नाम की भी चर्चा है। वहीं माना जा रहा है कि एक पूर्व विधायक भी जिलाध्यक्ष बन सकते हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा ने एक साथ कई निशाने साधे। ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के साथ ही सपा को कमजोर साबित कर दिया। सपा के 21 सदस्यों की जीत के बाद भी प्रत्याशी तय न कर पाने से पार्टी की किरकिरी हुई। जिससे खफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कार्रवाई करनी पड़ी।
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वहीं भाजपा में जिला पंचायत अध्यक्ष की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंडल की चार सीटों में तीन सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार कर और तीनों को जिता कर पार्टी ने मंडल के एक बड़े मतदाता तबके पर अपनी पैठ गहरी कर ली है। इससे अन्य दलों में मंथन तेज हो गया है।
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भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण चेहरा आगे करके सपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। सपा प्रदेश सरकार को इसी मुद्दों पर कई महीनों से घेरने की कोशिश कर रही है, अब जिले में बड़े मतदाता तबके में पैठ मजबूत करने के लिए सपा में भी मंथन हो रहा है।
जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव को हटाए जाने के बाद जिलाध्यक्ष ब्राह्मण वर्ग के कार्यकर्त्ता को दिए जाने की वकालत सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर गौरा क्षेत्र के विक्की मिश्र के साथ ही पार्टी के पुराने नेता राम सबूरे मिश्र का नाम जोर-शोर से चल रहा है।
वहीं प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के अध्यक्ष त्रिवेणी मिश्र का नाम भी चल रहा है। इसके साथ ही लेखराज यादव के नाम की भी चर्चा है। वहीं माना जा रहा है कि एक पूर्व विधायक भी जिलाध्यक्ष बन सकते हैं।