{"_id":"5f9af2f18ebc3e9bf4622ef5","slug":"disaster-management-training-given-to-accountants-gonda-news-lko547656151","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों को दिया आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों को दिया आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण
विज्ञापन
गोंडा। जिलाधिकारी के निर्देशन में बुधवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिवस पर कार्यालय में तहसील सदर के लेखपालों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। शीत लहर, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी जैसी आकस्मिक आपदाओं से निपटने व पूर्व तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षु लेखपालों को बताया गया कि समय-समय पर शीत लहर, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी जैसी आकस्मिक आपदाएं आती रहती हैं। इनके कारण जीवन और संपत्ति की हानि होती है। इन प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने और जहां तक संभव हो इन आपदाओं को कम से कम करने के उपाय और साधन खोजा जाना बहुत महत्त्वपूर्ण है। आग, दुर्घटना तथा महामारी आदि द्वारा होने वाली आपदा विनाशकारी प्राकृतिक विपत्तियों की तरह ही आकस्मिक होती हैं और उन्हीं के समान विनाशकारी भी होती हैं।
उन्होंने बताया कि आपदाओं से होने वाले नुकसान का आंकड़ा हमारी आपदा से पूर्व की तैयारी पर निर्भर करता है। यदि हमारी पूर्व की तैयारी और जानकारी अच्छी है तो निश्चित ही आपदा के दौरान नुकसान कम से कम होगा। इसलिए आपदा प्रबंधन के महत्त्व व बारीकियों को जानना बेहद जरूरी है। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने आपदाओं के प्रकार तथा खतरनाक रासायनिक जोखिमों के बारे में बहुत की रोचक ढंग से लोगों को प्रशिक्षित किया तथा सवालों व जवाबों के माध्यम से अधिकारियों का ज्ञानवर्धन किया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षु लेखपालों को बताया गया कि समय-समय पर शीत लहर, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी जैसी आकस्मिक आपदाएं आती रहती हैं। इनके कारण जीवन और संपत्ति की हानि होती है। इन प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने और जहां तक संभव हो इन आपदाओं को कम से कम करने के उपाय और साधन खोजा जाना बहुत महत्त्वपूर्ण है। आग, दुर्घटना तथा महामारी आदि द्वारा होने वाली आपदा विनाशकारी प्राकृतिक विपत्तियों की तरह ही आकस्मिक होती हैं और उन्हीं के समान विनाशकारी भी होती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आपदाओं से होने वाले नुकसान का आंकड़ा हमारी आपदा से पूर्व की तैयारी पर निर्भर करता है। यदि हमारी पूर्व की तैयारी और जानकारी अच्छी है तो निश्चित ही आपदा के दौरान नुकसान कम से कम होगा। इसलिए आपदा प्रबंधन के महत्त्व व बारीकियों को जानना बेहद जरूरी है। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने आपदाओं के प्रकार तथा खतरनाक रासायनिक जोखिमों के बारे में बहुत की रोचक ढंग से लोगों को प्रशिक्षित किया तथा सवालों व जवाबों के माध्यम से अधिकारियों का ज्ञानवर्धन किया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन