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स्कूल बंदकर संचालक भागा, 90 बच्चों का भविष्य बर्बाद
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2016 10:07 PM IST
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मुजेहना में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने का ढिंढोरा पीटने वाला एक बिना मान्यता वाला कॉन्वेंट स्कूल बीच सत्र में ही बंद हो गया। विद्यालय का संचालक शैक्षिक सत्र पूरा किए बिना ही स्कूल बंद कर नदारद हो गया। स्कूल के अचानक बंद होने से यहां पढ़ने वाले 90 नौनिहालों का भविष्य बर्बाद हो गया है। अभिभावकों ने बीईओ से शिकायत कर स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
मुजेहना विकासखंड के रामुपर दुबावल गांव के प्रदीपचंद्र, रमेशचंद व धानेपुर बाजार के संतोष पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला धानेपुर के इंदिरानगर में स्थित मदर टेरेसा कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में अप्रैल 2015 में कराया था। लेकिन जनवरी में स्कूल बीच सत्र में ही बंद हो गया। इससे उनके बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया।
अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय के संचालक ने उनसे मई तक की फ ीस भी वसूल ली। उनका यह भी कहना है कि संचालक ने उन्हें अंग्रेजी माध्यम से विद्यालय संचालित करने का झांसा दिया था।
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संचालक के झांसे में आकर कस्बा धानेपुर समेत आसपास के गांव के करीब 90 नौनिहालों का दाखिला स्कूल में करा दिया गया। महज दो कमरों के किराये के मकान में बिना मान्यता के संचालित हो रहे इस विद्यालय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
इसी का फायदा उठाकर विद्यालय के संचालक ने महज दस महीने तक स्कूल का संचालन करने के बाद बिना किसी सूचना के अचानक उसे बंद कर दिया और तभी से वह नदारद है।
अभिभावकों के मुताबिक 20 जनवरी से स्कूल बंद है। अभिभावकों का कहना है कि पहले तो कई दिनों तक लोगों ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन गणतंत्र दिवस के दिन भी जब स्कूल नहीं खुला तो 30 जनवरी को अभिभावक बच्चों को लेकर विद्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला।
स्कूल पहुंचे अभिभावकों को आसपास के लोगों ने बताया कि विद्यालय कई दिनों से बंद है और संचालक भी नदारद है। अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति शुक्ला से शिकायत दर्ज कराते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के नाम पर कॉन्वेंट स्कूल खोलने की होड़ मची है। इन स्कूलों में मानकों का ख्याल भी नहीं रखा जाता है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते ऐसे स्कूलों के संचालक नौनिहालों के अभिभावकों से न सिर्फ मनमानी फीस वसूल रहे हैं, बल्कि खुलेआम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
करनैलगंज तहसील क्षेत्र के भंभुवा में संचालित सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर की मैजिक पलटने से सरयू रेलवे स्टेशन के समीप 27 जनवरी की सुबह दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसमें मैजिक चालक व विद्यालय प्रबंधक की लापरवाही सामने आई थी।
जिस मैजिक से हादसा हुआ, उसका परमिट सिर्फ सात सीट का था। मगर गाड़ी में 22 बच्चे भरे थे। बीएसए डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने विद्यालय प्रबंधक को एक माह पहले ही विद्यालय बंद करने का नोटिस जारी किया था। मगर राजनीतिक दखलंदाजी के कारण विद्यालय चल रहा है।
शिक्षा माफिया बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। अधिक धन कमाने की चाहत में जनपद में बिना मान्यता के 248 विद्यालय संचालित हैं। इसमें तकरीबन 50 हजार बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। यहां बच्चों को विद्यालय तक ले जाने व लाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी सही नहीं हैं।
खंड शिक्षाधिकारी प्रीती शुक्ला ने कहा कि मुजेहना के इंदिरा नगर में संचालित बिना मान्यता के मदर टेरेसा कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल के प्रबंधक को नोटिस भेजा गया है। कारण बताओ नोटिस का जवाब न मिलने पर विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गोंडा डॉ. फतेहबहादुर सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के चल रहे 248 विद्यालयों को प्रबंधकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। उन्हें तत्काल विद्यालय बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मगर राजनीतिक दखलंदाजी के कारण विद्यालय प्रबंधक मनमानी कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब सख्त कदम उठाया जाएगा।
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मुजेहना विकासखंड के रामुपर दुबावल गांव के प्रदीपचंद्र, रमेशचंद व धानेपुर बाजार के संतोष पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला धानेपुर के इंदिरानगर में स्थित मदर टेरेसा कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में अप्रैल 2015 में कराया था। लेकिन जनवरी में स्कूल बीच सत्र में ही बंद हो गया। इससे उनके बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया।
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अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय के संचालक ने उनसे मई तक की फ ीस भी वसूल ली। उनका यह भी कहना है कि संचालक ने उन्हें अंग्रेजी माध्यम से विद्यालय संचालित करने का झांसा दिया था।
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संचालक के झांसे में आकर कस्बा धानेपुर समेत आसपास के गांव के करीब 90 नौनिहालों का दाखिला स्कूल में करा दिया गया। महज दो कमरों के किराये के मकान में बिना मान्यता के संचालित हो रहे इस विद्यालय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
इसी का फायदा उठाकर विद्यालय के संचालक ने महज दस महीने तक स्कूल का संचालन करने के बाद बिना किसी सूचना के अचानक उसे बंद कर दिया और तभी से वह नदारद है।
अभिभावकों के मुताबिक 20 जनवरी से स्कूल बंद है। अभिभावकों का कहना है कि पहले तो कई दिनों तक लोगों ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन गणतंत्र दिवस के दिन भी जब स्कूल नहीं खुला तो 30 जनवरी को अभिभावक बच्चों को लेकर विद्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला।
स्कूल पहुंचे अभिभावकों को आसपास के लोगों ने बताया कि विद्यालय कई दिनों से बंद है और संचालक भी नदारद है। अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति शुक्ला से शिकायत दर्ज कराते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के नाम पर कॉन्वेंट स्कूल खोलने की होड़ मची है। इन स्कूलों में मानकों का ख्याल भी नहीं रखा जाता है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते ऐसे स्कूलों के संचालक नौनिहालों के अभिभावकों से न सिर्फ मनमानी फीस वसूल रहे हैं, बल्कि खुलेआम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
करनैलगंज तहसील क्षेत्र के भंभुवा में संचालित सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर की मैजिक पलटने से सरयू रेलवे स्टेशन के समीप 27 जनवरी की सुबह दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसमें मैजिक चालक व विद्यालय प्रबंधक की लापरवाही सामने आई थी।
जिस मैजिक से हादसा हुआ, उसका परमिट सिर्फ सात सीट का था। मगर गाड़ी में 22 बच्चे भरे थे। बीएसए डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने विद्यालय प्रबंधक को एक माह पहले ही विद्यालय बंद करने का नोटिस जारी किया था। मगर राजनीतिक दखलंदाजी के कारण विद्यालय चल रहा है।
शिक्षा माफिया बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। अधिक धन कमाने की चाहत में जनपद में बिना मान्यता के 248 विद्यालय संचालित हैं। इसमें तकरीबन 50 हजार बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। यहां बच्चों को विद्यालय तक ले जाने व लाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी सही नहीं हैं।
खंड शिक्षाधिकारी प्रीती शुक्ला ने कहा कि मुजेहना के इंदिरा नगर में संचालित बिना मान्यता के मदर टेरेसा कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल के प्रबंधक को नोटिस भेजा गया है। कारण बताओ नोटिस का जवाब न मिलने पर विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गोंडा डॉ. फतेहबहादुर सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के चल रहे 248 विद्यालयों को प्रबंधकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। उन्हें तत्काल विद्यालय बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मगर राजनीतिक दखलंदाजी के कारण विद्यालय प्रबंधक मनमानी कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब सख्त कदम उठाया जाएगा।