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Gonda News: सोना-चांदी चमका, ऑटोमोबाइल कारोबार में दिखी रफ्तार
Tue, 29 Oct 2024 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 29 Oct 2024 10:51 PM IST
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गोंडा। गुलाबी ठंड का एहसास कराती धूप के बीच मंगलवार को सुबह से ही धनतेरस की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी। ऑटोमोबाइल का कारोबार ऊंचाई पर देखने को मिला, वहीं महंगाई के बावजूद सराफा कारोबार भी खूब चमका। भीड़ से शहर के तमाम रास्ते ठहर गए। चौक क्षेत्र में में देर रात तक जबर्दस्त भीड़ रही। बाजार की रौनक देखते ही बन रही थी।
धनतेरस पर बाजार में हुए कारोबार से व्यापारियों के चेहरे पर रौनक रही। छोटी-बड़ी सभी दुकानें खरीदारों से भरी रहीं। खरीदारों के आने-जाने का सिलसिला देर रात तक बना रहा। बाजार में भीड़ के चलते आवागमन प्रभावित हो गया। शहर के मुख्य बाजार पटेलनगर, चौक, मालवीय नगर में सुबह से ही भीड़ शुरू हो गई। चार बजते-बजते इन क्षेत्रों के सभी रास्तों पर आवागमन ठप हो गया। छोटे व दोपहिया वाहनों के आवागमन को लेकर पुलिस सतर्क रही। ऑटोमोबाइल कारोबारी गौरव सिंह, ज्योति पांडेय, उमेश शाह आदि ने कहा कि इस बार पर्व पर भीड़ तो खूब उमड़ी मगर धनतेरस से पहले ही तमाम खरीदार वाहन खरीद ले गए। ऐसे में ऑटोमोबाइल का कारोबार ठीक-ठाक रहा। मृगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान से करीब 100 वाहन बुक हुए थे, देर रात तक डिलीवरी की गई। सुनील सिंह का कहना है कि इस बार बड़े स्तर पर वाहनों की बिक्री हुई है।
सराफा बाजार में भी गजब का उत्साह रहा। यहां महिलाओं ने खूब खरीदारी की। सराफ शिवकुमार सोनी ने कहा कि इस बार खूब गहने बिके। बर्तन बाजार में भी धूम रही। दुकानदार विशाल कहते हैं धनतेरस पर बर्तन की बिक्री वैसे ही होती है, इस बार ज्यादा जोर रहा। इसी तरह कपड़े, अनाज, इलेक्ट्राॅनिक आदि के व्यवसाय का रंग गाढ़ा रहा।
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बाजार में तो खरीदारी का शोर रहा, इसके अलावा शहर में हर मार्ग पर दुकानें सजी रहीं। लाई, चूड़ा और गट्टे के साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ जुटी रही। सुबह से ही दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा रहा। अंबेडकर चौराहा, बेलसर मार्ग पर भी बड़ी संख्या में दुकानों पर बिक्री हुई। इसके अलावा फल के व्यवसायी भी फूले नहीं समा रहे थे। धनतेरस का दिन पूरी तरह व्यापार के उत्सव की तरह रहा। हर दुकानदार माल बेचने में मशगूल दिखा।
शहर से लेकर कस्बों के बाजारों में जिस तरह खरीदारी की होड़ रही, उससे बड़े स्तर पर कारोबार की उम्मीद है। बाजार को पांच दिवसीय दीपोत्सव में 630 करोड़ के कारोबार का अनुमान था, जो आगे बढ़ता दिखा। माना जा रहा है कि इस बार तीन सौ करोड़ से अधिक का कारोबार तो धनतेरस पर ही होगा। जिस तरह एक ही शोरूम में 100 वाहनों की बिक्री हुई है, इसी तरह दो दर्जन से अधिक दुकानों की बिक्री देखा जाए तो छोटे-बड़े एक हजार से अधिक वाहनों की बिक्री हुई है। परिवहन विभाग की मानें तो दीपावली तक दो हजार से अधिक वाहनों का पंजीकरण होना तय है। सराफा बाजार में देर रात तक भीड़ से सौ करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। इसी तरह पांच दिन में सात सौ करोड़ से अधिक के व्यापार का अनुमान है।
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धनतेरस पर बाजार में हुए कारोबार से व्यापारियों के चेहरे पर रौनक रही। छोटी-बड़ी सभी दुकानें खरीदारों से भरी रहीं। खरीदारों के आने-जाने का सिलसिला देर रात तक बना रहा। बाजार में भीड़ के चलते आवागमन प्रभावित हो गया। शहर के मुख्य बाजार पटेलनगर, चौक, मालवीय नगर में सुबह से ही भीड़ शुरू हो गई। चार बजते-बजते इन क्षेत्रों के सभी रास्तों पर आवागमन ठप हो गया। छोटे व दोपहिया वाहनों के आवागमन को लेकर पुलिस सतर्क रही। ऑटोमोबाइल कारोबारी गौरव सिंह, ज्योति पांडेय, उमेश शाह आदि ने कहा कि इस बार पर्व पर भीड़ तो खूब उमड़ी मगर धनतेरस से पहले ही तमाम खरीदार वाहन खरीद ले गए। ऐसे में ऑटोमोबाइल का कारोबार ठीक-ठाक रहा। मृगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान से करीब 100 वाहन बुक हुए थे, देर रात तक डिलीवरी की गई। सुनील सिंह का कहना है कि इस बार बड़े स्तर पर वाहनों की बिक्री हुई है।
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सराफा बाजार में भी गजब का उत्साह रहा। यहां महिलाओं ने खूब खरीदारी की। सराफ शिवकुमार सोनी ने कहा कि इस बार खूब गहने बिके। बर्तन बाजार में भी धूम रही। दुकानदार विशाल कहते हैं धनतेरस पर बर्तन की बिक्री वैसे ही होती है, इस बार ज्यादा जोर रहा। इसी तरह कपड़े, अनाज, इलेक्ट्राॅनिक आदि के व्यवसाय का रंग गाढ़ा रहा।
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बाजार में तो खरीदारी का शोर रहा, इसके अलावा शहर में हर मार्ग पर दुकानें सजी रहीं। लाई, चूड़ा और गट्टे के साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ जुटी रही। सुबह से ही दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा रहा। अंबेडकर चौराहा, बेलसर मार्ग पर भी बड़ी संख्या में दुकानों पर बिक्री हुई। इसके अलावा फल के व्यवसायी भी फूले नहीं समा रहे थे। धनतेरस का दिन पूरी तरह व्यापार के उत्सव की तरह रहा। हर दुकानदार माल बेचने में मशगूल दिखा।
शहर से लेकर कस्बों के बाजारों में जिस तरह खरीदारी की होड़ रही, उससे बड़े स्तर पर कारोबार की उम्मीद है। बाजार को पांच दिवसीय दीपोत्सव में 630 करोड़ के कारोबार का अनुमान था, जो आगे बढ़ता दिखा। माना जा रहा है कि इस बार तीन सौ करोड़ से अधिक का कारोबार तो धनतेरस पर ही होगा। जिस तरह एक ही शोरूम में 100 वाहनों की बिक्री हुई है, इसी तरह दो दर्जन से अधिक दुकानों की बिक्री देखा जाए तो छोटे-बड़े एक हजार से अधिक वाहनों की बिक्री हुई है। परिवहन विभाग की मानें तो दीपावली तक दो हजार से अधिक वाहनों का पंजीकरण होना तय है। सराफा बाजार में देर रात तक भीड़ से सौ करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। इसी तरह पांच दिन में सात सौ करोड़ से अधिक के व्यापार का अनुमान है।