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Gonda News: करोड़ों खर्च फिर भी नहीं बुझी ग्रामीणों की प्यास
Sun, 01 Feb 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:21 PM IST
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रुपईडीह के बनगाई में बदहाल पानी की टंकी। - संवाद
गोंडा। तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है.. जनकवि अदम गोंडवी की ये पंक्तियां जलनिगम के दावे पर सटीक बैठती है। जलनिगम का दावा है कि 160 परियोजनाएं पूरी करके जलापूर्ति की जा रही है। मगर पंचायतों को अभी तक सिर्फ छह परियोजनाएं ही हैंडओवर हो सकी हैं। बाकी 764 परियोजनाएं जल्द पूरी की जाएंगी।
जल जीवन मिशन के तहत 924 परियोजनाओं से 5.10 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। इसमें 4.87 लाख यानी 95 प्रतिशत से अधिक घरों में जल का कनेक्शन होने के दावे किए जा रहे हैं। सुबह 7:00 से 9:00 और शाम 7:00 से 10:00 बजे तक जलापूर्ति की जानकारी दी गई है। मगर अधूरी परियोजनाएं योजना पर सवाल उठा रही हैं। पानी की टंकियों के रखरखाव के लिए न तो इंतजाम किए गए हैं और न ही करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद जलापूर्ति हो सकी है। जबकि खोदाई से कई किलोमीटर सड़कें अभी भी बदहाल पड़ी हैं।
न कनेक्शन मिला न ही परियोजना शुरू हुई
रुपईडीह। बनगाई गांव में आठ अप्रैल 2023 को 2.31 करोड़ रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था केएलएसआर-रेज जेवी ने पानी टंकी निर्माण कार्य शुरू किया। 3,609 आबादी को फायदा होता। 583 परियोजनाओं को कनेक्शन दिया जाना था। अभी तक किसी परिवार को कनेक्शन मिला और न ही परियोजना चालू हो पाई। जबकि खुद पानी टंकी बदहाली के दौर से गुजर रही है।
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डेढ़ वर्षों से रुका है काम, नहीं हुई सुनवाई
पसका। परसपुर के नंदौर गांव में जलापूर्ति के सरयू नदी के दोनों किनारों पर पानी टंकी बनाई जा रही है। करीब दो वर्ष पहले पानी टंकी निर्माण का काम शुरू किया गया था। आधी-अधूरी बांउड्रीवाल बनाई गई। बोरिंग कराई गई। करीब डेढ़ वर्ष से काम बंद है। ग्राम प्रधान गुड्डी सिंह का कहना है कि कई प्रयासों के बावजूद भी जलनिगम के अधिकारियों ने नहीं सुना।
क्या कहते हैं ग्राम प्रधान
प्रधान संघ जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने बताया कि योजना की प्रगति काफी खराब है। जगह-जगह सड़कें खोद दी गई। कई बार जिला निगम मुख्यालय तक पत्राचार किया गया। प्रलोभन व दबाव बना कर परियोजनाएं हैंडओवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
काम चल रहा है, जल्द होंगी परियोजनाएं
924 में से 160 परियोजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। छह परियोजनाएं हैंडओवर की जा चुकी हैं। काम चल रहा है। बाकी जल्द पूरी की जाएगी।
-महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
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जल जीवन मिशन के तहत 924 परियोजनाओं से 5.10 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। इसमें 4.87 लाख यानी 95 प्रतिशत से अधिक घरों में जल का कनेक्शन होने के दावे किए जा रहे हैं। सुबह 7:00 से 9:00 और शाम 7:00 से 10:00 बजे तक जलापूर्ति की जानकारी दी गई है। मगर अधूरी परियोजनाएं योजना पर सवाल उठा रही हैं। पानी की टंकियों के रखरखाव के लिए न तो इंतजाम किए गए हैं और न ही करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद जलापूर्ति हो सकी है। जबकि खोदाई से कई किलोमीटर सड़कें अभी भी बदहाल पड़ी हैं।
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न कनेक्शन मिला न ही परियोजना शुरू हुई
रुपईडीह। बनगाई गांव में आठ अप्रैल 2023 को 2.31 करोड़ रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था केएलएसआर-रेज जेवी ने पानी टंकी निर्माण कार्य शुरू किया। 3,609 आबादी को फायदा होता। 583 परियोजनाओं को कनेक्शन दिया जाना था। अभी तक किसी परिवार को कनेक्शन मिला और न ही परियोजना चालू हो पाई। जबकि खुद पानी टंकी बदहाली के दौर से गुजर रही है।
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डेढ़ वर्षों से रुका है काम, नहीं हुई सुनवाई
पसका। परसपुर के नंदौर गांव में जलापूर्ति के सरयू नदी के दोनों किनारों पर पानी टंकी बनाई जा रही है। करीब दो वर्ष पहले पानी टंकी निर्माण का काम शुरू किया गया था। आधी-अधूरी बांउड्रीवाल बनाई गई। बोरिंग कराई गई। करीब डेढ़ वर्ष से काम बंद है। ग्राम प्रधान गुड्डी सिंह का कहना है कि कई प्रयासों के बावजूद भी जलनिगम के अधिकारियों ने नहीं सुना।
क्या कहते हैं ग्राम प्रधान
प्रधान संघ जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने बताया कि योजना की प्रगति काफी खराब है। जगह-जगह सड़कें खोद दी गई। कई बार जिला निगम मुख्यालय तक पत्राचार किया गया। प्रलोभन व दबाव बना कर परियोजनाएं हैंडओवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
काम चल रहा है, जल्द होंगी परियोजनाएं
924 में से 160 परियोजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। छह परियोजनाएं हैंडओवर की जा चुकी हैं। काम चल रहा है। बाकी जल्द पूरी की जाएगी।
-महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम