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Gonda News: हत्या के मामले की विवेचना स्थानांतरित करने की मांग
Wed, 13 Aug 2025 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 13 Aug 2025 11:23 PM IST
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मुजेहना/गोंडा। धानेपुर के पांडेयपुर देवरहना निवासी मुजेहना ब्लॉक में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खंड बौद्धिक प्रमुख अविनाश मिश्र (23) की हत्या के मामले का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। वारदात के करीब एक माह बीतने के बावजूद पुलिस अविनाश का मोबाइल भी बरामद नहीं कर सकी है। आरोप है कि मामले में विवेचक पीड़ित परिवार को ही धमका रहे हैं।
नौ जुलाई को अविनाश का शव उनके घर के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। मगर एक महीने बाद भी हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। अविनाश के बड़े भाई अवधेश ने बताया कि 15 और 16 जुलाई को उन्हें भाई अविनाश के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये पता चला कि उनका फोन खोला गया है।
ऐसे में धानेपुर इंस्पेक्टर निर्भय नरायन सिंह से मिलकर जानकारी देनी चाही तो उसे ही धमकाया गया। आरोप लगाया कि पुलिस हत्या जैसे जघन्य मामले में निजी लाभ के लिए कार्रवाई नहीं कर रही है। भाई का फोन अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। बीच में फोन खुलने के बावजूद भी गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि आरोपियों का नाम निकालने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। अवधेश ने देवीपाटन परिक्षेत्र के आईजी अमित पाठक से विवेचना किसी दूसरे थाने में ट्रांसफर कर नया विवेचक नामित कराने की मांग की है।
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पीड़ित ने दी आत्मदाह की चेतावनी
बुधवार को पीड़ित अवधेश मिश्र ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कहा कि उनका भाई आरएसएस कार्यकर्ता था, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद न ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और न ही भाई का मोबाइल का पता चल सका है। कार्रवाई न होने पर उसने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
धमकाने का आरोप निराधार : इंस्पेक्टर
धानेपुर इंस्पेक्टर निर्भय नरायन सिंह ने बताया कि आरएसएस कार्यकर्ता से जुड़ा मामला होने के कारण रोजाना एएसपी व सीओ स्तर से समीक्षा की जा रही है। एसओजी व सर्विलांस समेत टीमें काम कर रही हैं। मोबाइल फोन खुलने की जानकारी दी। मगर पीड़ित को धमकाने का आरोप निराधार है। आरोपियों की लोकेशन निकाली गई है। अविनाश के अधिवक्ता भाई अवधेश मिश्र ने अधिकारियों से शिकायत कर विवेचना स्थानांतरण की मांग की है। मोबाइल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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नौ जुलाई को अविनाश का शव उनके घर के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। मगर एक महीने बाद भी हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। अविनाश के बड़े भाई अवधेश ने बताया कि 15 और 16 जुलाई को उन्हें भाई अविनाश के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये पता चला कि उनका फोन खोला गया है।
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ऐसे में धानेपुर इंस्पेक्टर निर्भय नरायन सिंह से मिलकर जानकारी देनी चाही तो उसे ही धमकाया गया। आरोप लगाया कि पुलिस हत्या जैसे जघन्य मामले में निजी लाभ के लिए कार्रवाई नहीं कर रही है। भाई का फोन अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। बीच में फोन खुलने के बावजूद भी गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि आरोपियों का नाम निकालने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। अवधेश ने देवीपाटन परिक्षेत्र के आईजी अमित पाठक से विवेचना किसी दूसरे थाने में ट्रांसफर कर नया विवेचक नामित कराने की मांग की है।
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पीड़ित ने दी आत्मदाह की चेतावनी
बुधवार को पीड़ित अवधेश मिश्र ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कहा कि उनका भाई आरएसएस कार्यकर्ता था, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद न ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और न ही भाई का मोबाइल का पता चल सका है। कार्रवाई न होने पर उसने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
धमकाने का आरोप निराधार : इंस्पेक्टर
धानेपुर इंस्पेक्टर निर्भय नरायन सिंह ने बताया कि आरएसएस कार्यकर्ता से जुड़ा मामला होने के कारण रोजाना एएसपी व सीओ स्तर से समीक्षा की जा रही है। एसओजी व सर्विलांस समेत टीमें काम कर रही हैं। मोबाइल फोन खुलने की जानकारी दी। मगर पीड़ित को धमकाने का आरोप निराधार है। आरोपियों की लोकेशन निकाली गई है। अविनाश के अधिवक्ता भाई अवधेश मिश्र ने अधिकारियों से शिकायत कर विवेचना स्थानांतरण की मांग की है। मोबाइल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।