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10 मंडी सचिवों से मांगा जवाब
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:10 AM IST
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निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मंडी शुल्क न वसूलने पर मंडलायुक्त मुरलीधर दूबे ने सोमवार को मंडल के 10 मंडी सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, नगर निकायों की स्थिति बेहद खराब होने पर सभी अधिशासी अधिकारियों को नगर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा नगर को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त मंडलीय कार्यालय के सभागार में मंडी शुल्क, जिला पंचायत व नगर पालिका/नगर निकायों की मंडलीय समीक्षा कर रहे थे।
समीक्षा में बताया गया कि गोंडा मंडी के निर्धारित लक्ष्य 225.27 लाख के सापेक्ष 203.03 लाख, करनैलगंज द्वारा निर्धारित लक्ष्य 79.02 लाख के सापेक्ष 24.89 लाख, नवाबगंज द्वारा निर्धारित लक्ष्य बहराइच द्वारा 132.76 लाख के सापेक्ष 89.03 लाख, नानपारा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 119.45 के सापेक्ष 62.03 लाख रुपये मंडी शुल्क वसूला गया है।
वहीं, मिहीपुरवा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 112.47 लाख के सापेक्ष 68.35 लाख, रिसिया द्वारा निर्धारित लक्ष्य 119.65 लाख के सापेक्ष 40.41 लाख, रुपईडीहा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 59.29 लाख के सापेक्ष 30.34 लाख, बलरामपुर द्वारा निर्धारित लक्ष्य 107.00 लाख के सापेक्ष 83.65 लाख, उतरौला द्वारा निर्धारित लक्ष्य 71.18 लाख के सापेक्ष 35.37 लाख रुपये ही मंडी शुल्क प्राप्त किया गया है।
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इस पर आयुक्त ने संबंधित मंडी सचिवों को चेतावनी जारी करते हुए एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब किया है। संपत्ति कर वसूली में नगर पालिका तुलसीपुर, पंचपेड़वा, रिसिया, भिनगा तथा इकौना की स्थिति अत्यंत निराशाजनक मिलने पर आयुक्त ने संबंधित नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया है।
उन्होंने जिला पंचायत की भी समीक्षा की। आयुक्त ने संबंधित जनपदों के अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से भी जवाब तलब किया है। डूडा द्वारा गोंडा में निर्धारित लक्ष्य 17 के सापेक्ष मात्र दो तथा बलरामपुर में 61 लक्ष्य के सापेक्ष एक भी स्वयं सहायता समूह गठित न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल स्वयं सहायता समूहों का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती में आश्रय योजना के तहत निर्माण कार्य की शुरूआत नहीं किए जाने पर नगर पालिकाओं के ईओ को शीघ्र ही डूडा को नगर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गोंडा को निर्देश दिए हैं कि खरगूपुर क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वीनाथ मंदिर परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय, स्नान घर, रैन बसेरा तथा सोलर लाइट की शीघ्र व्यवस्था कराई जाए।
नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद नगर क्षेत्रों में नालियों की सफाई संतोषजनक न मिलने, पेयजल व मार्ग प्रकाश की व्यवस्था, मच्छरों से बचाव के लिए रेगुलर फागिंग न होने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।
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आयुक्त मंडलीय कार्यालय के सभागार में मंडी शुल्क, जिला पंचायत व नगर पालिका/नगर निकायों की मंडलीय समीक्षा कर रहे थे।
समीक्षा में बताया गया कि गोंडा मंडी के निर्धारित लक्ष्य 225.27 लाख के सापेक्ष 203.03 लाख, करनैलगंज द्वारा निर्धारित लक्ष्य 79.02 लाख के सापेक्ष 24.89 लाख, नवाबगंज द्वारा निर्धारित लक्ष्य बहराइच द्वारा 132.76 लाख के सापेक्ष 89.03 लाख, नानपारा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 119.45 के सापेक्ष 62.03 लाख रुपये मंडी शुल्क वसूला गया है।
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वहीं, मिहीपुरवा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 112.47 लाख के सापेक्ष 68.35 लाख, रिसिया द्वारा निर्धारित लक्ष्य 119.65 लाख के सापेक्ष 40.41 लाख, रुपईडीहा द्वारा निर्धारित लक्ष्य 59.29 लाख के सापेक्ष 30.34 लाख, बलरामपुर द्वारा निर्धारित लक्ष्य 107.00 लाख के सापेक्ष 83.65 लाख, उतरौला द्वारा निर्धारित लक्ष्य 71.18 लाख के सापेक्ष 35.37 लाख रुपये ही मंडी शुल्क प्राप्त किया गया है।
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इस पर आयुक्त ने संबंधित मंडी सचिवों को चेतावनी जारी करते हुए एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब किया है। संपत्ति कर वसूली में नगर पालिका तुलसीपुर, पंचपेड़वा, रिसिया, भिनगा तथा इकौना की स्थिति अत्यंत निराशाजनक मिलने पर आयुक्त ने संबंधित नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया है।
उन्होंने जिला पंचायत की भी समीक्षा की। आयुक्त ने संबंधित जनपदों के अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से भी जवाब तलब किया है। डूडा द्वारा गोंडा में निर्धारित लक्ष्य 17 के सापेक्ष मात्र दो तथा बलरामपुर में 61 लक्ष्य के सापेक्ष एक भी स्वयं सहायता समूह गठित न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल स्वयं सहायता समूहों का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती में आश्रय योजना के तहत निर्माण कार्य की शुरूआत नहीं किए जाने पर नगर पालिकाओं के ईओ को शीघ्र ही डूडा को नगर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गोंडा को निर्देश दिए हैं कि खरगूपुर क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वीनाथ मंदिर परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय, स्नान घर, रैन बसेरा तथा सोलर लाइट की शीघ्र व्यवस्था कराई जाए।
नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद नगर क्षेत्रों में नालियों की सफाई संतोषजनक न मिलने, पेयजल व मार्ग प्रकाश की व्यवस्था, मच्छरों से बचाव के लिए रेगुलर फागिंग न होने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।