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जेल में एंट्री से पहले बंदी रक्षकों की होगी तलाशी
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:49 PM IST
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जिला कारागार दाखिल होने के दौरान मुलाकातियों की तरह ही अब ड्यूटी पर आने वाले बंदी रक्षकों व अन्य कर्मचारियों की भी तलाशी ली जाएगी। बंदी रक्षक कोई भी आपत्तिजनक सामग्री अंदर नहीं ले जा पाएंगे। यह सख्ती जेल मैनुअल को दरकिनार कर जेल परिसर में स्पाई कैमरा पकड़े जाने के बाद जेल प्रशासन ने की है।
जिला कारागार में निरुद्ध साढ़े आठ सौ बंदियों की सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति की तलाशी का प्रावधान है। जेल में सप्ताह के शनिवार को छोड़कर हर दिन बंदियों से मुलाकात करने के लिए पांच सौ से अधिक लोग आते हैं। इनमें बंदियों के परिवारीजन, रिश्तेदार व परिचित होते हैं। इसके अलावा बंदी रक्षकों समेत जेल के अन्य कर्मचारी भी आते हैं।
जिला कारागार में 27 जुलाई को बंदी रक्षक सचिन कुमार श्रीवास्तव चाबी के गुच्छे में छिपा स्पाई कैमरा लेकर ड्यूटी के बहाने जेल परिसर में दाखिल हुआ था। उसने जेलर एएन त्रिपाठी की आवाज रिकॉर्ड करने की कोशिश भी की थी। इस दौरान जेलर की नजर स्पाई कैमरे पर पड़ गई और उन्होंने स्पाई कैमरा लेकर पहुंचे बंदी रक्षक को पकड़ लिया। उसे जेल मैनुअल को दरकिनार कर जेल में स्पाई कैमरा लाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन इसके साथ ही जेल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
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बंदी रक्षक भी संदेह के घेर में आ गए। इस घटना को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बंदी रक्षकों की निगरानी सख्त करने के निर्णय लिया। उसी के तहत जेल प्रशासन ने अब जेल में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति की चेकिंग अनिवार्य कर दी। अब ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षकों समेत अन्य कर्मचारियों के जेल में प्रवेश करने के दौरान उनकी तलाशी ली जाएगी।
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जिला कारागार में निरुद्ध साढ़े आठ सौ बंदियों की सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति की तलाशी का प्रावधान है। जेल में सप्ताह के शनिवार को छोड़कर हर दिन बंदियों से मुलाकात करने के लिए पांच सौ से अधिक लोग आते हैं। इनमें बंदियों के परिवारीजन, रिश्तेदार व परिचित होते हैं। इसके अलावा बंदी रक्षकों समेत जेल के अन्य कर्मचारी भी आते हैं।
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जिला कारागार में 27 जुलाई को बंदी रक्षक सचिन कुमार श्रीवास्तव चाबी के गुच्छे में छिपा स्पाई कैमरा लेकर ड्यूटी के बहाने जेल परिसर में दाखिल हुआ था। उसने जेलर एएन त्रिपाठी की आवाज रिकॉर्ड करने की कोशिश भी की थी। इस दौरान जेलर की नजर स्पाई कैमरे पर पड़ गई और उन्होंने स्पाई कैमरा लेकर पहुंचे बंदी रक्षक को पकड़ लिया। उसे जेल मैनुअल को दरकिनार कर जेल में स्पाई कैमरा लाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन इसके साथ ही जेल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
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बंदी रक्षक भी संदेह के घेर में आ गए। इस घटना को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बंदी रक्षकों की निगरानी सख्त करने के निर्णय लिया। उसी के तहत जेल प्रशासन ने अब जेल में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति की चेकिंग अनिवार्य कर दी। अब ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षकों समेत अन्य कर्मचारियों के जेल में प्रवेश करने के दौरान उनकी तलाशी ली जाएगी।