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टायफायड, मलेरिया और डेंगू से तीन की मौत
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2015 10:32 PM IST
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डेंगू, मलेरिया और टायफायड से पीड़ित मरीजों की संख्या करनैलगंज इलाके में दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को इस क्षेत्र में लंबे समय से मलेरिया व टायफायड से बीमार चल रहे दो लोगों की जहां मौत हो गई, वहीं डेंगू से बीमार एक महिला ने शनिवार को दम तोड़ दिया। करनैलगंज इलाके में अब तक पांच लोगों की जान डेंगू, मलेरिया व टायफायड से जा चुकी है।
वहीं, शनिवार को डेंगू से पीड़ित आठ लोगों को लखनऊ भेजा गया है। जबकि अन्य बुखार से पीड़ित तमाम लोग निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
करनैलगंज नगरीय इलाके से फैलना शुरू हुआ डेंगू बुखार का प्रकोप धीरे-धीरे गांवों की ओर रुख करने लगा है। हालत यह है कि नगरीय क्षेत्र के अलावा तमाम गांवों में लोग इससे प्रभावित है। जिन्हें सीएचसी करनैलगंज व गोंडा के जिला अस्पताल में सुविधा उपलब्ध न होने के नाते परिवारीजन एक-एक कर लखनऊ ले जा रहे हैं।
शुक्रवार को नगर के मोहल्ला नई बाजार निवासी मोहम्मद हनीफ (55) व जमील अहमद (45) की मौत हो गई। बताया जाता है कि मोहम्मद हनीफ व जमील अहमद कई दिनों से टायफायड व मलेरिया से बीमार थे, जिनका इलाज परिवारीजन निजी अस्पतालों में करा रहे थे।
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वहीं, शनिवार को नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराने आई परसपुुर निवासी महिला रेशमा (25) की मौत हो गई। बताया जाता है कि डॉक्टरों ने महिला को ब्लड चेक कराने की एडवाइज लिखी थी, लेकिन रिपोर्ट आती, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट में महिला को डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
उधर, नगर की पुरानी पुलिस चौकी के निकट रहने वाले सलीम मास्टर, नई बाजार निवासी रेहान, शबीहा आशमीन, सिमरन, शबाना, मुसर्रत, फिरोज अहमद व ग्राम खजुहा निवासी नसीम अहमद डेंगू से पीड़ित मिले, जिन्हें शनिवार को परिवारीजन लखनऊ ले गए हैं।
जबकि नई बाजार निवासी सभासद मोहम्मद इरफान रजा एवं उसके घर में फातिमा मोहम्मद रजा, नूरी, शबनम, सोनी, रिजवाना आदि तेज बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
सीएचसी करनैलगंज के अधीक्षक डॉ. पीएन राय से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि डेंगू व अन्य बुखार से मरने वाले मरीजों के संबंध में उनके पास कोई सूचना नहीं है। इसलिए जब तक इस बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं मिलती, वह कुछ नहीं बता सकते।
क्षेत्र में बीमारी से बचाव के लिए फागिंग व दवाओं का वितरण उनके स्तर से किया जा रहा है। सभी एएनएम को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करा दिया गया है।
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वहीं, शनिवार को डेंगू से पीड़ित आठ लोगों को लखनऊ भेजा गया है। जबकि अन्य बुखार से पीड़ित तमाम लोग निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
करनैलगंज नगरीय इलाके से फैलना शुरू हुआ डेंगू बुखार का प्रकोप धीरे-धीरे गांवों की ओर रुख करने लगा है। हालत यह है कि नगरीय क्षेत्र के अलावा तमाम गांवों में लोग इससे प्रभावित है। जिन्हें सीएचसी करनैलगंज व गोंडा के जिला अस्पताल में सुविधा उपलब्ध न होने के नाते परिवारीजन एक-एक कर लखनऊ ले जा रहे हैं।
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शुक्रवार को नगर के मोहल्ला नई बाजार निवासी मोहम्मद हनीफ (55) व जमील अहमद (45) की मौत हो गई। बताया जाता है कि मोहम्मद हनीफ व जमील अहमद कई दिनों से टायफायड व मलेरिया से बीमार थे, जिनका इलाज परिवारीजन निजी अस्पतालों में करा रहे थे।
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वहीं, शनिवार को नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराने आई परसपुुर निवासी महिला रेशमा (25) की मौत हो गई। बताया जाता है कि डॉक्टरों ने महिला को ब्लड चेक कराने की एडवाइज लिखी थी, लेकिन रिपोर्ट आती, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट में महिला को डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
उधर, नगर की पुरानी पुलिस चौकी के निकट रहने वाले सलीम मास्टर, नई बाजार निवासी रेहान, शबीहा आशमीन, सिमरन, शबाना, मुसर्रत, फिरोज अहमद व ग्राम खजुहा निवासी नसीम अहमद डेंगू से पीड़ित मिले, जिन्हें शनिवार को परिवारीजन लखनऊ ले गए हैं।
जबकि नई बाजार निवासी सभासद मोहम्मद इरफान रजा एवं उसके घर में फातिमा मोहम्मद रजा, नूरी, शबनम, सोनी, रिजवाना आदि तेज बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
सीएचसी करनैलगंज के अधीक्षक डॉ. पीएन राय से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि डेंगू व अन्य बुखार से मरने वाले मरीजों के संबंध में उनके पास कोई सूचना नहीं है। इसलिए जब तक इस बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं मिलती, वह कुछ नहीं बता सकते।
क्षेत्र में बीमारी से बचाव के लिए फागिंग व दवाओं का वितरण उनके स्तर से किया जा रहा है। सभी एएनएम को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करा दिया गया है।