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बारिश से फसलों को मिली संजीवनी, किसान खुश

Fri, 13 Sep 2019 10:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2019 10:12 PM IST
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Crops get life due to rain, farmer happy
गोंडा में बारिश में भीगते हुए जाते स्कूली बच्चे। - फोटो : GONDA
गोंडा। कई दिन बाद गुरुवार की रात व शुक्रवार को दिन में हुई बारिश से शहरी इलाकों में पानी भर गया। यहां तक कि मसकनवा सहित अन्य इलाकों में भी जलभराव हो गया। बच्चों को दोपहर में भीगते हुए स्कूल से घर जाना पड़ा। जलभराव होने के कारण लोगों को दिक्कत हुई, लेकिन यह बरसात फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। काफी दिनों से ठीक से बारिश न होने, तेज धूप की तपिश से खरीफ सीजन की फसलें सूख रही थीं। अब इस बारिश से सूखती फसलों को जीवनदान मिल गया है, लेकिन शहरी क्षेत्र में जल निकासी की सुविधा न होने से लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं तेज हवा व बारिश के कारण कई स्थानों पर गन्ने की फसल गिर गई है। इससे गन्ने की उपज में थोड़ा नुकसान होना माना जा रहा है।
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सितंबर माह में धान की फसलों में पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इसके अलावा खरीफ सीजन की दूसरी फसलों को भी बीच बीच में पानी की जरूरत होती है। इस बार कम बारिश होने से खरीफ सीजन की फसलें कमजोर हैं। कम बारिश की फसलों पर असर पड़ा है। पिछले करीब एक माह से ठीक से बारिश न होने से फसलें सूखने लगी थीं कम बारिश से फसलों के पौधों का विकास प्रभावित हो गया था। किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए पंपिंग सेटों से सिंचाई करनी पड़ रही थी। औसत से कम बारिश होने से फसलों का विकास प्रभावित होने से किसान परेशान थे।
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जिले में गुरुवार की रात में अचानक बारिश होने से किसानों के उम्मीदें फिर बढ़ गईं। शुक्रवार को दोपहर में एक बार फिर झमाझम बारिश होने से सूखती फसलों को जीवनदान मिल गया। किसानों को इस बारिश से काफी राहत मिली है अभी तक किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए निजी संसाधनों से सिंचाई करने में परेशान थे। बारिश से सूखती फसलों में न सिर्फ जान आ गई है बल्कि किसानों में एक बार फिर अपनी खेती किसानी से उम्मीद जुड़ गई है। किसानों का कहना है कि का बरखा जब कृषि सुखानी।
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किसान राम सहाय, शिव कुमार, शत्रोहन का कहना है कि कम बारिश से फसलों के उपज के उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं इस बारिश से शहर में नाली नालों के निर्माण व उसकी सफाई की पोल खुल गई है। शहर में कई स्थान पर जलभराव होने से लोगों को दुश्वारी का सामना करना पड़ा। जलनिकासी की सुविधा न होने कलेक्ट्रेट, तहसील, जिला अस्पताल, में जलभराव रहा। इसके अलावा शहर के क ई मोहल्ले की सड़कों व गलियों में जलभराव होने से लोगों को काफी दिक्कत हुई।
रबी सीजन की नींव पड़ी
सितंबर माह में बारिश होने से रबी सीजन की नींव मानी जाती है। अक्टूबर माह में सरसो की बोवाई की जाती है और गन्ने की बोवाई भी शुरू हो जाती है। शीतकालीन गन्ने की बोवाई के लिए खेत में नमी की जरूरत होती है। इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है। इससे खाली खेत में किसानी शुरू हो जाएगी। साथ ही रबी सीजन की अन्य फसलों के लिए भी किसान खेत को तैयार कर सकेंगे।
गर्मी से लोगों को मिली राहत
पिछले कई दिनों से तेज धूप होने से आसमान से आग बरस रही थी। गर्मी लोगों को गर्मी और उस पर तेज धूप लोगों को झुलसा रही थी। लेकिन बुधवार की रात व शुक्रवार को दिन में बारिश होने से मौसम में नर्मी आ गई है। गर्मी से लोगों को काफी राहत मिल गई है। आसमान पर लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश से मौसम खुशगवार बन गया है।

कृषि विशेषज्ञ बोले बारिश है काफी मुफीद
कृषि विशेषज्ञ इस बारिश को खेती किसानी के लिए काफी मुफीद बता रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ डॉ. उपेंन्द्र नाथ सिंह ने इस बारिश को फसलों के लिए काफी फायदेमंद बताया है। उन्होंने बताया कि यह बारिश ऐसे समय में हुई है जब धान के पौधों में बालियां बननी शुरू हुई हैं। दूसरे मक्का, उरद में भी बालियां आ रही हैं। उन्होंने बारिश होने के बाद फसलों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए किसानों को फसलों में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इस समय धान की फसलों में मौसम खुलने पर किसान यूरिया की टॉप ड्रेसिंग कर दें। दूसरी फसलों में भी यूरिया का हल्का छिड़काव कर दें।
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