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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   The floods have so far taken away the lives of 25 people

बाढ़ ने अब तक छीन ली 25 लोगों की जिंदगी

Sun, 20 Aug 2017 11:16 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Sun, 20 Aug 2017 11:16 PM IST
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बीते करीब 15 दिनों में गोंडा और बलरामपुर में जिले में पहाड़ी नालों और नदियों की बाढ़ में 25  लोगों की डूबने से मौत हो गई है। मृतकों के परिजनों को प्रशासन ने सरकारी सहायता का चेक भी दिया है।       
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बलरमपुर में पहाड़ी नालों तथा राप्ती नदी की बाढ़ में डूबकर मरने का सिलसिला विगत चार अगस्त से ही शुरु हो गया। 15 दिनों में जिले में पहाड़ी नालों तथा राप्ती नदी की बाढ़ ने 16 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। बेलहसा निवासी रामरुप की चार अगस्त को पानी में डूबकर मौत हो गई थी। 13 अगस्त को चरनगहिया निवासी रोहित पांडेय तथा बल्लीडिहवा निवासी अमन सिंह की बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने से मौत हो गई थी।
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इसी दिन जयनगरा निवासी किशोर महफूज खां भी बाढ़ के पानी में बह गए थे। 14 अगस्त को झौहना के बड़का गिरि तथा परसा निवासी मानिकराम विश्वकर्मा बाढ़ के पानी में बह गए थे। 15 अगस्त को ही  पिपरी कोल्हुई निवासी राघवेंद्र गिरि डूबकर मर गए थे। 16 अगस्त को बारम निवासी प्यारी देवी तथा फगुईया निवासी मनीराम तथा प्रेमनगर संझवल निवासी हलीमुल्लाह की भी बाढ़ के पानी डूबकर मर गए।
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इसी दिन नेबुलडीह निवासी शाहिद, महदेईया रमवापुर निवासिनी मन्ना देवी की भी डूबकर मौत हो गई। मिश्रौलिया निवासिनी सीताराम की भी डूबने से मौत हो गई। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के रेहरामाफी निवासी वदीर भी गत शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूबकर मर गए। आदमतारा निवासी रामलौट की भी बाढ़ में डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार रात महादेव गांव में मलकिन खाना बनाते समय कच्ची दीवार गिरने से नीचे दबकर मर गई।

डीएम आरके मिश्र ने बताया कि बाढ़ में डूबकर मरने वाले के परिजनों को सरकारी सहायता के रुप में चार-चार लाख रुपये का चेक दिया गया है। वहीं गोंडा में रविवार को युवक के डूबने से हुई मौत के साथ अब तक बाढ़ में डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई है। नवाबगंज इलाके में बीते 6 जुलाई को अनिल यादव (13) साल पुत्र कन्हैया यादव अपने घर से भैंस चराने गया था। भैस नदी में कूद गई। अनिल ने भी भैंस की पूछ पकड़कर नदी में चला गया।

पूछ छूटने से पानी के बहाव मे टेढ़ी नदी छोटे सरयू पुल के पास डूब गया। इसी तरह आठ जुलाई को वंदना (17) पुत्री राजसी निवासी भालपुरुवा महंगूपुर अपने घर से घास काटने निकली थी। पानी का अंदाजा न लगा पाने से पैर फिसलने से उसकी डूब कर मौत हो गयी। तीसरी घटना 17 अगस्त को कस्बे के शुगर मिल पूर्वी निवासी श्याम बाबू का (9) साल का बेटा घर के सामने बाढ़ का पानी देखने गया था। पैर फिसलने से वह बाढ़ में डूब गया जिसमें उसकी मौत हो गई।  


करनैलगंज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तीन लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। जिसमें दो मृतक परिवारों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि ग्राम नकहरा में किरन देवी पत्नी बेचनलाल, ग्राम बहुवन मदार मांझा निवासी आदर्श कमार पुत्र जंग बहादुर तथा ग्राम नैनुवा जगन्नाथपुर निवासी शेर बहादुर पुत्र दुर्गा प्रसाद की अब तक बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो चुकी है। जिसमें दो लोगों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। शेर बहादुर (45) के परिजनों को जल्द ही सहायता राशि का चेक दिया जायेगा।
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