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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Half of the target could not be purchased from wheat

टारगेट का आधा भी नहीं खरीदा जा सका गेहूं

Mon, 12 Jun 2017 10:27 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Mon, 12 Jun 2017 10:27 PM IST
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 जिले में टारगेट का आधा भी गेहूं की सरकारी की खरीद नहीं की जा सकी है। निर्धारित लक्ष्य 48 हजार के सापेक्ष अभी तक मात्र 22.27 एमटी गेहूं की खरीद की गई है। एक अप्रैल 2017 से जिले में 39 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों ने सरकारी क्रय एजेंसियों के मनमानी के चलते बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचने का आरोप लगाया है। समय से भुगतान न होने तथा गेहूं की खरीद के लिए कई दिनों तक इंतजार करने के चलते किसानों का सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने का मोह भंग हो गया।  
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 वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद के लिए चार एजेंसियों के 39 क्रय केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। सभी नौ ब्लॉकों में खाद्य विभाग ने नौ क्रय केंद्रों पर 15 हजार के सापेक्ष 3852.10 एमटी, पीसीएफ ने 27 क्रय केंद्रों पर 21 हजार के सापेक्ष 17 हजार 235 एमटी, यूपीएसएस ने दो क्रय केंद्रों पर 10 हजार के सापेक्ष 422 एमटी तथा खारतीय खाद्य निगम ने एक क्रय केंद्र पर दो हजार के सापेक्ष 760.80 एमटी गेहूं की खरीद की है। गेहूं खरीद का समय अब दो दिन में पूरा होने वाला है।
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डीएम राकेश कुमार मिश्र ने क्रय केंद्रों का संचालन शुरु होने के समय ही सभी एजेंसियों को लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीदने का कड़ा निर्देश दिया था। किसान शिवकुमार, शिव प्रसाद, शिवशंकर, विन्देश्वरी प्रसाद, मल्हू व कृपाराम आदि का आरोप है कि सरकारी क्रय एजेंसियों पर तत्काल नकद भुगतान न होने तथा तौल के लिए कई दिनों का इंतजार करने के चलते बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम में गेहूं बेंचना पड़ा है।             
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जिले में 39 क्रय केंद्रों पर एजेंसियों ने 4710 किसानों से गेहूं की खरीदारी की है। क्रय एजेंसियों ने 22 हजार 270.20 एमटी गेहूं खरीदा है। क्रय एजेंसियों को कुल 36 करोड़ 41 लाख 18 हजार रुपये किसानों को भुगतान करना है जिसके सापेक्ष 36 करोड़ 27 लाख 52 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। खाद्य विभाग, यूपीएसएस व भारतीय खाद्य निगम ने शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। पीसीएफ ने अभी तक 13.66 लाख रुपये किसानों के गेहूं खरीद का भुगतान नहीं किया है।


डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह ने बताया कि गत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष जिले में गेहूं खरीद सबसे बेहतर रही है। रिकार्ड स्तर पर गेहूं खरीदा गया है। प्रदेश के किसी भी जनपद में गेहूं खरीद का रिकॉर्ड इतना ठीक नहीं है। खरीदे गए गेहूं का भंडारण करा दिया गया है। किसानों के बकाया भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
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