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आंधी तूफान ने मचाई भीषण तबाही, दो की मौत
Updated Tue, 29 May 2018 11:32 PM IST
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आंधी-पानी संग ओलों ने मचाई तबाही, दो की मौत
गोंडा। आंधी तूफान ने मंगलवार सुबह वजीरगंज व नवाबगंज थाना क्षेत्रों में जमकर तबाही मचाई। सैकड़ों पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए और कई स्थानों पर आवागमन ठप हो गया।
वजीरगंज के गनेशपुर ग्रंट गांव में दीवार गिरने से एक 15 वर्षीय किशोर और पुरैना गांव में पेड़ की नीचे दबकर एक 50 साल से ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। नवाबगंज में दस से अधिक लोग घायल हो गए।
कई मवेशी भी पेड़ गिरने से उसी के नीचे दबकर मौत के मुंह में समा गए। बिजली के पोल व तार के गिरने से करीब 50 गांवों की बिजली भी ठप हो गई है। इस तूफान के चलते करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।
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मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने करवट बदला। लोग कुछ समझ पाते इसके पहले ही आंधी ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते लोगों के छप्पर व टिन शेड हवा में उड़ने लगे। तूफान के साथ बारिश व ओला वृष्टि ने वजीरगंज व नवाबगंज में तबाही मचा दी।
घरों से बाहर निकले लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर से उधर भागने लगे। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर ग्रंट गांव रहने वाला अखिलेश पाल (15) भागकर अपने घर में छिपा तो घर की कच्ची दीवार भरभराकर उसके ऊपर ही गिर पड़ी। इस हादसे में अखिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव के मजरे पुरैना के रहने वाले ज्ञानदास (50) सुबह अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए साइकिल लेकर निकला था।
रास्ते में तूफान से बचने के लिए वह रुका तो एक साखू का पेड़ उसके ऊपर ही गिर गया। ज्ञानदास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं न्योड़ार निवासी अबारतउल्ला की भैंस के ऊपर पेड़ गिरने से उसकी मौत ही गई।
रमईपुर के मुन्नू चौहान के मुर्गी फार्म की दीवार व टीन शेड गिरने से सैकड़ों मुर्गियां व चड़व्वा के चौरहवा में फौजदार की चार बकरियां मर गईं। रमईपुर के राम शंकर सिंह के आवास पर रखी सीमेंट शेड की पूरी छत उड़ कर टूट गई।
वजीरगंज के गनेशपुर ग्रंट रमईपुर, अजबनगर, देवीपुर, बानेपुर, चन्दहा, चढ़ौव्वा, मोहनपुर, तिखडिय़ा, भगाही, कोठा, पूरेडाढू, नेवडार, ढोंढियापारा, बंधवा, करदा, रसूलपुर गांव सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
बिजली पोल गिरने से आपूर्ति ठप
जफरापुर गांव के खुर्दाबाद निवासी सुशील व रामगोपाल के घर के सामने मड़हे मे बंधी गाय व भैंस की पेंड़ गिरने से मौत हो गई। इसी गांव के रामकिशुन पेड़ की डाल की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
बल्लीपुर निवासी रंजन दुबे, अनामिका व अमन ओलावृष्टि से घायल हो गए। हरिबंशपुर गांव के रामचंदर यादव व देवी सिंह भी घायल हैं। शिवमोहन शर्मा, प्रमोद सिंह, राम सरन पांडेय व श्रावण पाठक के छप्पर व टिनशेड हवा में उड़ गए। तूफान से होलापुर मे केले की खेती को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि से गन्ने व सब्जी की फसल तबाह हो गई है। कटरा से किशुनदासपुर रोड पर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे सड़क पर धराशायी हो गए हैं और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
इस तबाही की सूचना मिलने पर तरबगंज तहसीलदार श्याम कुमार ने राजस्व विभाग की टीम के साथ प्रभावित गांव का जायजा लिया और उन्हें आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन ने आपदा में मारे गए दोनों मृतकों के परिवार वालों को चार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने की घोषणा की है।
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गोंडा। आंधी तूफान ने मंगलवार सुबह वजीरगंज व नवाबगंज थाना क्षेत्रों में जमकर तबाही मचाई। सैकड़ों पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए और कई स्थानों पर आवागमन ठप हो गया।
वजीरगंज के गनेशपुर ग्रंट गांव में दीवार गिरने से एक 15 वर्षीय किशोर और पुरैना गांव में पेड़ की नीचे दबकर एक 50 साल से ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। नवाबगंज में दस से अधिक लोग घायल हो गए।
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कई मवेशी भी पेड़ गिरने से उसी के नीचे दबकर मौत के मुंह में समा गए। बिजली के पोल व तार के गिरने से करीब 50 गांवों की बिजली भी ठप हो गई है। इस तूफान के चलते करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।
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मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने करवट बदला। लोग कुछ समझ पाते इसके पहले ही आंधी ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते लोगों के छप्पर व टिन शेड हवा में उड़ने लगे। तूफान के साथ बारिश व ओला वृष्टि ने वजीरगंज व नवाबगंज में तबाही मचा दी।
घरों से बाहर निकले लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर से उधर भागने लगे। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर ग्रंट गांव रहने वाला अखिलेश पाल (15) भागकर अपने घर में छिपा तो घर की कच्ची दीवार भरभराकर उसके ऊपर ही गिर पड़ी। इस हादसे में अखिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव के मजरे पुरैना के रहने वाले ज्ञानदास (50) सुबह अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए साइकिल लेकर निकला था।
रास्ते में तूफान से बचने के लिए वह रुका तो एक साखू का पेड़ उसके ऊपर ही गिर गया। ज्ञानदास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं न्योड़ार निवासी अबारतउल्ला की भैंस के ऊपर पेड़ गिरने से उसकी मौत ही गई।
रमईपुर के मुन्नू चौहान के मुर्गी फार्म की दीवार व टीन शेड गिरने से सैकड़ों मुर्गियां व चड़व्वा के चौरहवा में फौजदार की चार बकरियां मर गईं। रमईपुर के राम शंकर सिंह के आवास पर रखी सीमेंट शेड की पूरी छत उड़ कर टूट गई।
वजीरगंज के गनेशपुर ग्रंट रमईपुर, अजबनगर, देवीपुर, बानेपुर, चन्दहा, चढ़ौव्वा, मोहनपुर, तिखडिय़ा, भगाही, कोठा, पूरेडाढू, नेवडार, ढोंढियापारा, बंधवा, करदा, रसूलपुर गांव सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
बिजली पोल गिरने से आपूर्ति ठप
जफरापुर गांव के खुर्दाबाद निवासी सुशील व रामगोपाल के घर के सामने मड़हे मे बंधी गाय व भैंस की पेंड़ गिरने से मौत हो गई। इसी गांव के रामकिशुन पेड़ की डाल की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
बल्लीपुर निवासी रंजन दुबे, अनामिका व अमन ओलावृष्टि से घायल हो गए। हरिबंशपुर गांव के रामचंदर यादव व देवी सिंह भी घायल हैं। शिवमोहन शर्मा, प्रमोद सिंह, राम सरन पांडेय व श्रावण पाठक के छप्पर व टिनशेड हवा में उड़ गए। तूफान से होलापुर मे केले की खेती को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि से गन्ने व सब्जी की फसल तबाह हो गई है। कटरा से किशुनदासपुर रोड पर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे सड़क पर धराशायी हो गए हैं और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
इस तबाही की सूचना मिलने पर तरबगंज तहसीलदार श्याम कुमार ने राजस्व विभाग की टीम के साथ प्रभावित गांव का जायजा लिया और उन्हें आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन ने आपदा में मारे गए दोनों मृतकों के परिवार वालों को चार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने की घोषणा की है।