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पहले लिया लोहिया आवास फिर की बेटे की शादी
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:47 PM IST
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पहले लड़की को दिलाया लोहिया आवास, फिर बनाया बहू
तरबगंज गोंडा। तरबगंज के ग्राम पंचायत नरायनपुर में वित्तीय वर्ष 2014-15 में लोहिया आवास के आवंटन में ग्राम प्रधान ने पंचायत सचिव से मिलीभगत कर जमकर फर्जीवाड़ा किया। इस खेल में आवास का आवंटन किसी को किया गया और रकम कोई लेकर चलता बना।
इस फर्जीवाड़े में गांव के कोटेदार ने पहले अपने होने वाली बहू के नाम पर लोहिया आवास का आवंटन कराया फिर बेटे की शादी की। इसी तरह से 12 लाभार्थियों के फर्जी नाम दिखाकर प्रधान व सचिव ने आवास के 40 लाख रुपये हड़प लिए।
शिकायत मिलने पर जब नायब तहसीलदार ने मामले की जांच की तो इस खेल का खुलासा हुआ। अब नायब तहसीलदार ने अपात्रों को किए गए आवंटन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
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वित्तीय वर्ष 2014-15 में तरबगंज के नरायनपुर गांव में 12 लोंगों को लोहिया आवास का आवंटन किया गया था। इस योजना में आवास निर्माण के लिए 3.70 लाख रुपये की धनराशि दी जा रही थी।
नरायनपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान ने योजना में फर्जीवाड़ा करते हुए पंचायत सचिव की मिलीभगत से 12 फर्जी नामों से आवास का आवंटन करा लिया। इस फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान के चाचा व कोटेदार प्रेमचंद ने अपने बेटे सुधीर के विवाह के पहले की होने वाली बहू ज्योति के नाम पर लोहिया आवास का आवंटन करा लिया और तीन माह बाद बेटे का विवाह किया।
ग्राम पंचायत के मजरा छोटकी हजरिया निवासी सत्रोहन के नाम पर स्वीकृत हुए लोहिया आवास का पैसा दूसरे मजरे के तिलकराम ने अपना नाम सत्रोहन बताकर निकाल लिया। इसी तरह से गांव की कलावती व उनके बेटे उमाशंकर को भी आवास आवंटित किया गया है।
लल्लू की माता व पत्नी पूनम के नाम से लोहिया आवास बना है। जांच के दौरान पता चला कि पवन लल्लू का छोटा भाई है दोनों के पिता का नाम अलखराम है और पवन उर्फ लल्लू पुत्र जगदीश के फर्जी नाम से आवास का आवंटन करा लिया गया और धनराशि निकाल ली गई। जांच के दौरान पवन ने बताया कि उसे कोई आवास नही दिया गया।
रामभवन के पास पक्का मकान होने के बावजूद उसे लोहिया आवास दिया गया। प्रधान के परिवार के सदस्य शीतला प्रसाद व उनकी माता मंगला के नाम लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया। सोनू पत्नी सुरेश के नाम लोहिया आवास का पैसा निकल गया लेकिन मकान का निर्माण नही कराया गया।
शोभाराम पुत्र मेवा लाल के नाम में फेरबदल कर आवास का आवंटन कर दिया गया। इसी तरह से ननकुन्नी,कंचन,राम कुमार व देवीदीन को अपात्र होने के बावजूद लोहिया आवास दे दिया गया। इस पूरे मामले की शिकायत गांव के अनिल कुमार सिंह ने फरवरी में की थी। इस शिकायत की जांच नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार को सौंपी गई थी।
नायब तहसीलदार ने अपनी जांच में 12 लोगों को अपात्र ठहराते हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने का खुलासा किया है। नायब तहसीलदार ने जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में अपात्रों को आवंटित की गई धनराशि की रिकवरी की संस्तुति की है।
नरायनपुर गांव में आवास आवंटन में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। अगर आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा हुआ है तो संबंधित लाभार्थियों से धनराशि की रिकवरी की जाएगी और तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वीरपाल, परियोजना निदेशक
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तरबगंज गोंडा। तरबगंज के ग्राम पंचायत नरायनपुर में वित्तीय वर्ष 2014-15 में लोहिया आवास के आवंटन में ग्राम प्रधान ने पंचायत सचिव से मिलीभगत कर जमकर फर्जीवाड़ा किया। इस खेल में आवास का आवंटन किसी को किया गया और रकम कोई लेकर चलता बना।
इस फर्जीवाड़े में गांव के कोटेदार ने पहले अपने होने वाली बहू के नाम पर लोहिया आवास का आवंटन कराया फिर बेटे की शादी की। इसी तरह से 12 लाभार्थियों के फर्जी नाम दिखाकर प्रधान व सचिव ने आवास के 40 लाख रुपये हड़प लिए।
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शिकायत मिलने पर जब नायब तहसीलदार ने मामले की जांच की तो इस खेल का खुलासा हुआ। अब नायब तहसीलदार ने अपात्रों को किए गए आवंटन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
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वित्तीय वर्ष 2014-15 में तरबगंज के नरायनपुर गांव में 12 लोंगों को लोहिया आवास का आवंटन किया गया था। इस योजना में आवास निर्माण के लिए 3.70 लाख रुपये की धनराशि दी जा रही थी।
नरायनपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान ने योजना में फर्जीवाड़ा करते हुए पंचायत सचिव की मिलीभगत से 12 फर्जी नामों से आवास का आवंटन करा लिया। इस फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान के चाचा व कोटेदार प्रेमचंद ने अपने बेटे सुधीर के विवाह के पहले की होने वाली बहू ज्योति के नाम पर लोहिया आवास का आवंटन करा लिया और तीन माह बाद बेटे का विवाह किया।
ग्राम पंचायत के मजरा छोटकी हजरिया निवासी सत्रोहन के नाम पर स्वीकृत हुए लोहिया आवास का पैसा दूसरे मजरे के तिलकराम ने अपना नाम सत्रोहन बताकर निकाल लिया। इसी तरह से गांव की कलावती व उनके बेटे उमाशंकर को भी आवास आवंटित किया गया है।
लल्लू की माता व पत्नी पूनम के नाम से लोहिया आवास बना है। जांच के दौरान पता चला कि पवन लल्लू का छोटा भाई है दोनों के पिता का नाम अलखराम है और पवन उर्फ लल्लू पुत्र जगदीश के फर्जी नाम से आवास का आवंटन करा लिया गया और धनराशि निकाल ली गई। जांच के दौरान पवन ने बताया कि उसे कोई आवास नही दिया गया।
रामभवन के पास पक्का मकान होने के बावजूद उसे लोहिया आवास दिया गया। प्रधान के परिवार के सदस्य शीतला प्रसाद व उनकी माता मंगला के नाम लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया। सोनू पत्नी सुरेश के नाम लोहिया आवास का पैसा निकल गया लेकिन मकान का निर्माण नही कराया गया।
शोभाराम पुत्र मेवा लाल के नाम में फेरबदल कर आवास का आवंटन कर दिया गया। इसी तरह से ननकुन्नी,कंचन,राम कुमार व देवीदीन को अपात्र होने के बावजूद लोहिया आवास दे दिया गया। इस पूरे मामले की शिकायत गांव के अनिल कुमार सिंह ने फरवरी में की थी। इस शिकायत की जांच नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार को सौंपी गई थी।
नायब तहसीलदार ने अपनी जांच में 12 लोगों को अपात्र ठहराते हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने का खुलासा किया है। नायब तहसीलदार ने जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में अपात्रों को आवंटित की गई धनराशि की रिकवरी की संस्तुति की है।
नरायनपुर गांव में आवास आवंटन में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। अगर आवास आवंटन में फर्जीवाड़ा हुआ है तो संबंधित लाभार्थियों से धनराशि की रिकवरी की जाएगी और तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वीरपाल, परियोजना निदेशक