{"_id":"66f1acd9078f1a250c0ecb86","slug":"contractors-expressed-displeasure-over-increase-in-inheritance-money-gonda-news-c-100-1-gon1002-124252-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: धरोहर धनराशि बढ़ाने पर ठेकेदारों ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: धरोहर धनराशि बढ़ाने पर ठेकेदारों ने जताई नाराजगी
Mon, 23 Sep 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 23 Sep 2024 11:30 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। सिंचाई विभाग के ठेकेदारों ने मनमाने तरीके से धरोहर धनराशि बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया। कहा कि शासनादेश के निर्देशों के विपरीत जाकर निविदा डालने पर ही 10 प्रतिशत धनराशि मांगी गई है। इससे सिर्फ चहेतों को ही काम मिल सकेगा।
सिंचाई विभाग कार्यालय में एकत्र हुए ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता अपने चहेतों को ही काम देना चाहते हैं। पंचदशम मंडल सिंचाई कार्य गोंडा के अधीन धनईपट्टी रजबहा के काम के लिए शासन ने 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें कच्चा व पक्का काम कराया जाना है। आरोप है कि अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की निविदा निकाली गई है, जिसमें 10 प्रतिशत धनराशि टेंडर डालते समय ही मांगी गई है। इससे पहले दो प्रतिशत धरोहर धनराशि अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता स्तर से निकाली गई निविदा में मांगी गई थी।
ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर उक्त निविदा को निरस्त करने मांग की है। इस दौरान संजय पाठक, ननकऊ सिंह, डब्लू सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, वशिष्ठ मिश्र, बड़कऊ तिवारी, देवा सिंह, किशुनदत्त तिवारी, पेशकार पांडेय, महेश तिवारी, इंद्रबहादुर सिंह, वेद ओझा, अतुल मिश्र, शोएब खान आदि ठेकेदार मौजूद रहे। अधीक्षण अभियंता मनोज साहू का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग कार्यालय में एकत्र हुए ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता अपने चहेतों को ही काम देना चाहते हैं। पंचदशम मंडल सिंचाई कार्य गोंडा के अधीन धनईपट्टी रजबहा के काम के लिए शासन ने 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें कच्चा व पक्का काम कराया जाना है। आरोप है कि अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की निविदा निकाली गई है, जिसमें 10 प्रतिशत धनराशि टेंडर डालते समय ही मांगी गई है। इससे पहले दो प्रतिशत धरोहर धनराशि अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता स्तर से निकाली गई निविदा में मांगी गई थी।
विज्ञापन
ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर उक्त निविदा को निरस्त करने मांग की है। इस दौरान संजय पाठक, ननकऊ सिंह, डब्लू सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, वशिष्ठ मिश्र, बड़कऊ तिवारी, देवा सिंह, किशुनदत्त तिवारी, पेशकार पांडेय, महेश तिवारी, इंद्रबहादुर सिंह, वेद ओझा, अतुल मिश्र, शोएब खान आदि ठेकेदार मौजूद रहे। अधीक्षण अभियंता मनोज साहू का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं।
विज्ञापन