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उपभोक्ता फोरम ने निरस्त किया 3.92 करोड़ का बिजली बिल

Tue, 10 May 2022 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 11:24 PM IST
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Consumer Forum canceled the electricity bill of 3.92 crores
गोंडा। बिजली विभाग के बड़े उपभोक्ता इंडस टॉवर्स कंपनी के परिवाद पर विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने डेढ़ दर्जन बिल निरस्त कर तीन करोड़ 92 लाख 87 हजार रुपये की वसूली पर रोक लगा दी है। फोरम ने उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के अनुसार ग्रामीण टैरिफ से संशोधित बिल उपलब्ध कराने को कहा है। संशोधित बिल पर परिवादी को विलंब शुल्क भी नहीं देना होगा। बकाया बिजली बिल वसूली के मामले में पॉवर कॉर्पोरेशन को यह बड़ा झटका माना जा रहा है।
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बकाएदार विद्युत उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये के बिल की वसूली करने में विभागीय अफसरों को पसीने छूट रहे हैं। बीते साल बड़े विद्युत उपभोक्ता दूरसंचार कंपनी इंडस टावर्स लि. ने ग्रामीण फीडर से विद्युत आपूर्ति के सापेक्ष शहरी फीडर के हिसाब से गलत बिलिंग का आरोप लगाया था। अधिवक्ता मोहम्मद कौशर जाह के माध्यम से विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में परिवाद दाखिल कर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय नानपारा बहराइच के 17 बिलों के तीन करोड़ 19 लाख 67 हजार 610 व अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय करनैलगंज गोंडा के 73 लाख 20 हजार रुपये के एक बिल को ज्यादा बताते हुए संशोधन की मांग की थी।
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परिवाद में कंपनी ने डेढ़ दर्जन मोबाइल टॉवरों के संयोजन पर विभिन्न तिथियों में जारी विद्युत बिलों को गलत व नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने और अतिरिक्त जमा धनराशि का समायोजन की मांग की।
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परिवादी के अधिवक्ता मोहम्मद कौशर जाह ने बताया कि परिवादी उपभोक्ता के टॉवर ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैं जहां 18 घंटे से भी कम ही विद्युत आपूर्ति होती है, लेकिन विभाग शहरी फीडर के टैरिफ से भारी भरकम बिल जारी कर रहा है। इसके अलावा बकाया पर सरचार्ज जोड़ना भी गलत है। गलत बिलों के संशोधन के लिए प्रत्यावेदन पर भी विभागीय अधिकारी विचार करना उचित नहीं समझते। जबकि उ.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2005 में सात दिवस में संशोधित बिल उपलब्ध कराने का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि विभाग की मनमानी कार्यप्रणाली व गलत बिलिंग के चलते कंपनी को नुकसान काफी हो रहा है। विवश होकर कंपनी को विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में परिवाद दायर करना पड़ा।
परिवाद की अंतिम सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के तर्क और साक्ष्य पर विचार करते हुए फोरम के अध्यक्ष जमाल मसूद अब्बासी व सदस्य सचिव विष्णु दयाल यादव ने दिए गए निर्णय में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय नानपारा बहराइच के 17 व अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड करनैलगंज गोंडा के एक बिल को निरस्त कर तीन करोड़ 92 लाख 87 हजार 647 रुपये की वसूली पर रोक लगा दी। फोरम ने विभाग को ग्रामीण टैरिफ के अनुसार संशोधित बिल परिवादी को एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। आदेश के मुताबिक संशोधित बिल पर कोई अधिभार भी परिवादी द्वारा देय नहीं होगा और विभाग जब तक संशोधित बिल उपलब्ध नहीं कराता तब तक परिवादी के खिलाफ किसी प्रकार की उत्पीड़नात्मक व कनेक्शन विच्छेदन जैसी कार्यवाही नहीं की जाएगी।

अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय नानपारा कृष्ण कुमार व अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय करनैलगंज प्रसून त्यागी का कहना है कि उन्हें आदेश की जानकारी मिली है। विभाग के अधिवक्ताओं से विधिक राय लेकर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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