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Gonda News: कमिश्नर को सीएचसी में इलाज करते मिला बाहरी व्यक्ति
Tue, 17 Sep 2024 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 17 Sep 2024 12:58 AM IST
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गोंडा। जिले के रुपईडीह पीएचसी के निरीक्षण के बाद रविवार रात कमिश्नर बहराइच जिले की पयागपुर सीएचसी पहुंचे। यहां सीएचसी अधीक्षक नदारद मिले और अराजकता का माहौल दिखा। परिसर में एक व्यक्ति नशे में धुत मिला, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। निरीक्षण के दौरान बाहरी युवकों से इलाज, गलत इंजेक्शन, महंगी दवा खरीदने पर मजबूर करने के अलावा जलभराव, बिजली और ड्यूटी चार्ट समेत तमाम व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
दूसरे दिन रविवार रात लगभग 10 बजे देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील ने सीएचसी पयागपुर पहुंचे। मुख्य गेट और परिसर में गड्ढे व जलभराव के अलावा बिजली गुल रहने और शौचालय, प्रसव कक्ष, बरामदे समेत जगह-जगह साफ-सफाई समेत तमाम तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं। इमरजेंसी में डॉ. अब्दुल वाहिद, स्टाफ नर्स प्रतिमा तिवारी और आशा देवी के अलावा फार्मासिस्ट ठाकुर प्रसाद मौजूद मिले, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक नहीं थे। कमिश्नर से नाइट ड्यूटी चार्ट मांगा तो नहीं मिला। वार्ड में पहुंचे तो स्वास्थ्य कर्मी रोहित कुमार की जगह उसका बेटा पवन मिला।
जनरल वार्ड में बाहरी संदीप इलाज करता पाया गया। अप्रेंटिस से संबंधित कोई लिखित आदेश नहीं मिला। कमिश्नर ने स्वास्थ्य कर्मियों व मरीजों से बात की। परिसर में कोटबाजार निवासी शिवेंद्र विक्रम सिंह शराब के नशे में धुत मिला, जिसे पयागपुर थाना प्रभारी के हवाल कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उर्मिला ने बताया कि पेट दर्द के बाद दोपहर में सुई लगाई गई है, तबसे तबीयत ज्यादा खराब है। सरोज देवी के साथ पहुंचे तीमारदार गुलाबचंद जायसवाल ने बताया कि 700 रुपये की दवा बाहर से खरीदी है, अस्पताल में मुफ्त दवा नहीं मिली। महिमा सिंह ने बताया कि उल्टी और पेट दर्द की समस्या है। दोपहर से दवा के नाम पर एक ग्लूकोज की बोतल टांग दी गई है। बाहर की दवा लिखी जाती हैं। वहीं, रुपये न होने से रेफर कर दिया जा रहा है।
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दूसरे दिन रविवार रात लगभग 10 बजे देवीपाटन मंडल के कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील ने सीएचसी पयागपुर पहुंचे। मुख्य गेट और परिसर में गड्ढे व जलभराव के अलावा बिजली गुल रहने और शौचालय, प्रसव कक्ष, बरामदे समेत जगह-जगह साफ-सफाई समेत तमाम तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं। इमरजेंसी में डॉ. अब्दुल वाहिद, स्टाफ नर्स प्रतिमा तिवारी और आशा देवी के अलावा फार्मासिस्ट ठाकुर प्रसाद मौजूद मिले, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक नहीं थे। कमिश्नर से नाइट ड्यूटी चार्ट मांगा तो नहीं मिला। वार्ड में पहुंचे तो स्वास्थ्य कर्मी रोहित कुमार की जगह उसका बेटा पवन मिला।
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जनरल वार्ड में बाहरी संदीप इलाज करता पाया गया। अप्रेंटिस से संबंधित कोई लिखित आदेश नहीं मिला। कमिश्नर ने स्वास्थ्य कर्मियों व मरीजों से बात की। परिसर में कोटबाजार निवासी शिवेंद्र विक्रम सिंह शराब के नशे में धुत मिला, जिसे पयागपुर थाना प्रभारी के हवाल कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उर्मिला ने बताया कि पेट दर्द के बाद दोपहर में सुई लगाई गई है, तबसे तबीयत ज्यादा खराब है। सरोज देवी के साथ पहुंचे तीमारदार गुलाबचंद जायसवाल ने बताया कि 700 रुपये की दवा बाहर से खरीदी है, अस्पताल में मुफ्त दवा नहीं मिली। महिमा सिंह ने बताया कि उल्टी और पेट दर्द की समस्या है। दोपहर से दवा के नाम पर एक ग्लूकोज की बोतल टांग दी गई है। बाहर की दवा लिखी जाती हैं। वहीं, रुपये न होने से रेफर कर दिया जा रहा है।