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चाइल्ड केयर लीव विवाद की रिपोर्ट शासन में तलब

Sat, 04 Jan 2020 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 10:57 PM IST
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Child care leave dispute report summoned in governance
गोंडा। बेसिक शिक्षा में शिक्षिकाओं को बच्चों के देखभाल के लिए मिलने अवकाश का विवाद तूल पकड़ रहा है। शासन ने हाल ही में जिले में हुए विवादों को संज्ञान में लेकर रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार आनलाइन अवकाश पर जोर दे रही है और इससे शिक्षिकाओं व शिक्षकों को न दौड़ना पड़े, इसके लिए व्यवस्था बनाई है। इसके उलट अब अवकाश के लिए दोहरी व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन करने के बाद अक्सर छुट्टियों को निरस्त कर दिया जाता है और कारण भी नहीं बताया जा रहा है। इसी को लेकर बीते दिनों बीएसए दफ्तर में हंगामा हुआ।
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झंझरी के प्राइमरी स्कूल डड़वा कानूनगो मेें तैनात शिक्षिका अंजलि चौरसिया ने अवकाश की मांग की थी। अवकाश न मिलने पर उसके शिक्षक पति प्रवीण कुमार ने हंगामा काटा। इस पर बीएसए ने शिक्षक को निलंबित कर दिया और बीईओ झंझरी से ब्लॉक का प्रभार छीन लिया। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। इसके पहले झंझरी के ही पथवलिया स्कूल की शिक्षिका अनुपम मिश्रा के ऑनलाइन अवकाश दो बार अस्वीकृत हो गए, जिससे खफा होकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शासन तक को शिकायत भेजी। इन मामलों को शासन ने गंभीरता से लिया है और आनलाइन अवकाश के विवाद की रिपोर्ट मांगी है।
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बताया जा रहा है कि रिपोर्ट भेज दी गई है, जिसमें की गई कार्रवाई के ब्यौरे के साथ ही प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। वहीं आन लाइन विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। पंडरी कृपाल की शिक्षिका तृप्ती सिंह के भी ऑनलाइन आवेदन को दो बार निरस्त किया गया है। जिसकी शिकायत शिक्षिका ने बीएसए ने की है। वहीं रुपईडीह में प्राइमरी स्कूल कौडिया की शिक्षिका पूनम का सीसीएल अवकाश स्वीकृत था। इसके बाद भी शिक्षिका को दोनो माह का वेतन ही नहीं दिया गया। इसके अलावा हलधरमऊ ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल धोबहाराय की शिक्षिका गुजंन का भी मामला सामने आया है कि बिना कारण बताए ही उसके भी आवेदन को निरस्त कर दिया गया है।
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महत्वपूर्ण यह है कि जब आनलाइन आवेदन को बिना कारण के ही निरस्त कर दिया जा रहा है तो शिक्षिकाएं आखिर कैसे आवेदन करें। इससे शासन की मंशा पर ही पानी फिर रहा है कि उन्हें दौड़ना नहीं पड़ेगा। आवेदन निरस्त करने के बाद उन्हे दौड़ना ही पड़ता है। अब शासन की निगाहें इन स्थितियों पर टेढ़ी हुई हैं। माना जा रहा है कि ऑनलाइन ही छुट्टियों के आवेदन में हो रही मनमानी की रिपोर्ट भी जुटाई जा रही है।
प्रेरणा एप को लागू करने की मुहिम को लग रहा है झटका
ऑनलाइन छुट्टियों को सहज ढंग से स्वीकृत करने के लिए महानिदेशक शिक्षा ने निर्देश दिए थे, जिससे शिक्षकों को प्रेरणा एप के लिए प्रेरित किया जा सके। अब छुट्टियों के अस्वीकृत होने से शिक्षकों का लगाव आनलाइन व्यवस्था से दूर हो रहा है। ऐसे में प्रेरणा एप को लागू करने की मुहिम को झटका लग रहा है। इससे शासन ने इस मामले को लेकर गंभीर है।
ब्लॉक के अफसर बढ़ा रहे बीएसए की मुश्किलें
बीएसए की मुश्किलें उनके अपने ही अफसर बढ़ा रहे हैं। स्थिति यह है कि एक तो कोई भी सूचना समय से नही मिल रही है, जिससे शासन को रिपोर्टिंग में दिक्कत आती है। वहीं शिक्षकों से खंड शिक्षा अधिकारियों का संवाद भी सही नही हो पा रहा है। इससे शिक्षक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दौड़ना पड़ रहा है। हाल ही में बेलसर के बीईओ से शिक्षक राजेश शुक्ला का विवाद, झंझरी के मामले और पंडऱी के मामले चर्चा में है। माना जा रहा है कि कई और ब्लाकों में शिक्षकों की समस्याएं स्थानीय स्तर पर अनदेखी की जा रही है।

ऑनलाइन अवकाश के मामलों का निस्तारण प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। विवाद जो सामने आए हैं वह संवादहीनता से हुए हैं। रिपोर्ट भेज दी गई है और सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। -मनिराम सिंह, बीएसए
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