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Gonda News: सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में बदलाव
Sun, 02 Apr 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:18 PM IST
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गोंडा। माध्यमिक शिक्षा का पाठ्यक्रम भी इस बार बदला-बदला रहेगा। एनसीईआरटी की ओर से सत्र 2023-24 के लिए बदलाव के बाद विषयवार पाठ्यवस्तु के लिंक यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए हैं, जिसमें हुए बदलाव को प्रदर्शित किया गया है।
इसके तहत 12वीं के नागरिक शास्त्र की किताब समकालीन विश्व राजनीति से समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व और शीतयुद्ध का दौर पाठ पूरी तरह से बाहर है। स्वतंत्र भारत में राजनीति की किताब से जन आंदोलनों का उदय और एक दल के प्रभुत्व का दौर पाठ में कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति, सोशलिस्ट पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, भारतीय जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी के विषय में पढ़ाया जाता था। इसे भी हटा दिया गया है। 10वीं की लोकतांत्रिक राजनीति-2 की किताब से लोकतंत्र और विविधता, जनसंघर्ष और आंदोलन, लोकतंत्र की चुनौतियां पाठ भी अब नहीं है।
इसके अलावा इस बार यूपी बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के छात्र अब मुगल दरबार का इतिहास नहीं पढ़ेंगे। वहीं इंटरमीडिएट में चलने वाली इतिहास की किताब ‘भारतीय इतिहास के कुछ विषय से शासक और इतिवृत्त-मुगल दरबार (लगभग 16वीं और 17वीं शताब्दी) को हटा दिया है। 11वीं की किताब से इस्लाम का उदय, संस्कृतियों में टकराव, औद्योगिक क्रांति, समय की शुरुआत से पाठ हटाए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र के लिए किताबें तय की गईं हैं, यूपी बोर्ड ने बेवसाइट पर अपलोड किया है। जो किताबें तय हैं, उसके अनुसार ही अब पढ़ाई होगी।
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इसके तहत 12वीं के नागरिक शास्त्र की किताब समकालीन विश्व राजनीति से समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व और शीतयुद्ध का दौर पाठ पूरी तरह से बाहर है। स्वतंत्र भारत में राजनीति की किताब से जन आंदोलनों का उदय और एक दल के प्रभुत्व का दौर पाठ में कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति, सोशलिस्ट पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, भारतीय जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी के विषय में पढ़ाया जाता था। इसे भी हटा दिया गया है। 10वीं की लोकतांत्रिक राजनीति-2 की किताब से लोकतंत्र और विविधता, जनसंघर्ष और आंदोलन, लोकतंत्र की चुनौतियां पाठ भी अब नहीं है।
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इसके अलावा इस बार यूपी बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के छात्र अब मुगल दरबार का इतिहास नहीं पढ़ेंगे। वहीं इंटरमीडिएट में चलने वाली इतिहास की किताब ‘भारतीय इतिहास के कुछ विषय से शासक और इतिवृत्त-मुगल दरबार (लगभग 16वीं और 17वीं शताब्दी) को हटा दिया है। 11वीं की किताब से इस्लाम का उदय, संस्कृतियों में टकराव, औद्योगिक क्रांति, समय की शुरुआत से पाठ हटाए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र के लिए किताबें तय की गईं हैं, यूपी बोर्ड ने बेवसाइट पर अपलोड किया है। जो किताबें तय हैं, उसके अनुसार ही अब पढ़ाई होगी।