{"_id":"614a0eb68ebc3e69ab412129","slug":"chandrabhaga-buzzes-with-ghonghil-s-tweet-gonda-news-lko5966031130","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंद्रभागा के किनारों पर कलरव कर रहे घोंघिल ं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंद्रभागा के किनारों पर कलरव कर रहे घोंघिल ं
विज्ञापन
गोंडा में हलधरमऊ के चन्द्रभागा नदी के पास पेड़ पर बैठै पंक्षी।
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। विकास खंड हलधरमऊ के प्राचीन हनुमान मंदिर बटौरा लोहँगी के पास चन्द्रभागा नदी के तट पर सैकड़ों प्रवासी पक्षी घोंघिल ने डेरा डाल दिया है। नदी के तट पर लगे दर्जनों पेड़ों पर बसेरा बनाए हुए हैं।
लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसको देखने के लिए दूर-दराज से सैलानी आ रहे है। प्रत्येक मंगलवार को हनुमान मंदिर पर मेला लगता है। इस दिन घोंघिल पक्षी को देखने के लिए काफी भीड़ रहती है।
इस पक्षी को अंग्रेजी में ओपनबिल्ड स्टार्क कहा जाता है। यह एक वृहदाकर पक्षी है जो पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पायी जाती है। यह पक्षी थाईलैंड, चीन, वियतनाम, रूस आदि देशों में भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
लंबी गर्दन व टांगे, चोंच के मध्य खाली स्थान इसकी मुख्य पहचान है। इसके पंख काले सफेद रंग के होते हैं। प्रजजन के समय अधिक चमकीले हो जाते हैं और टांगे गुलाबी रंग की हो जाती है, इसके बाद रंग हल्का हो जाता है। इनकी चोंच के मध्य खाली स्थान होने से इन्हें ओपनबिल कहा जाता है।
यह पक्षी मांसाहारी है, पेड़ों पर रहने से उसी पर से मल मूत्र त्याग करते है। बारिश में बह कर खेतों में जाता जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाती है। घोंघिल के आने से क्षेत्र के लोगों मे काफी उत्साह है। इन्हें देखने के लिए महिलाओं व बच्चों की भीड़ उमड़ रही है।
विज्ञापन
लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसको देखने के लिए दूर-दराज से सैलानी आ रहे है। प्रत्येक मंगलवार को हनुमान मंदिर पर मेला लगता है। इस दिन घोंघिल पक्षी को देखने के लिए काफी भीड़ रहती है।
विज्ञापन
इस पक्षी को अंग्रेजी में ओपनबिल्ड स्टार्क कहा जाता है। यह एक वृहदाकर पक्षी है जो पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पायी जाती है। यह पक्षी थाईलैंड, चीन, वियतनाम, रूस आदि देशों में भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
लंबी गर्दन व टांगे, चोंच के मध्य खाली स्थान इसकी मुख्य पहचान है। इसके पंख काले सफेद रंग के होते हैं। प्रजजन के समय अधिक चमकीले हो जाते हैं और टांगे गुलाबी रंग की हो जाती है, इसके बाद रंग हल्का हो जाता है। इनकी चोंच के मध्य खाली स्थान होने से इन्हें ओपनबिल कहा जाता है।
यह पक्षी मांसाहारी है, पेड़ों पर रहने से उसी पर से मल मूत्र त्याग करते है। बारिश में बह कर खेतों में जाता जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाती है। घोंघिल के आने से क्षेत्र के लोगों मे काफी उत्साह है। इन्हें देखने के लिए महिलाओं व बच्चों की भीड़ उमड़ रही है।