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Gonda News: आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लगाए जाएंगे शिविर
Thu, 01 Jan 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:14 PM IST
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गोंडा। जिले में अब तक 7,96,575 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। शेष बचे लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब सीएचसी स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इसको लेकर विभाग ने योजना तैयार कर ली है।
जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 15,91,703 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। 7,96,575 लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग अलग-अलग स्थानों पर शिविर का आयोजन कर रहा है। इसके साथ ही विभाग की टीमों के अलावा आशा कार्यकर्ता गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही हैं जिनके कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं।
बीते माह 4,504 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत के जिला प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि छूटे हुए लोगों को आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित किया जाना है। इसके लिए शिविर लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर ली गई है।
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पांच लाख तक के इलाज की सुविधा मिलती
आयुष्मान कार्ड बनवाने के बाद इलाज करवाने की टेंशन और इसमें लगने वाले पैसों की चिंता भी खत्म हो जाती है। आयुष्मान कार्ड में सालाना पांच लाख रुपये की लिमिट मिलती है। साल भर के अंदर पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज लाभार्थी करवा सकते हैं। इलाज का खर्च सरकार उठाती है। जो अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं उनमें आयुष्मान कार्ड के जरिए लाभार्थी इलाज करवा सकते हैं।
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जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 15,91,703 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। 7,96,575 लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विभाग अलग-अलग स्थानों पर शिविर का आयोजन कर रहा है। इसके साथ ही विभाग की टीमों के अलावा आशा कार्यकर्ता गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही हैं जिनके कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं।
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बीते माह 4,504 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत के जिला प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि छूटे हुए लोगों को आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित किया जाना है। इसके लिए शिविर लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर ली गई है।
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पांच लाख तक के इलाज की सुविधा मिलती
आयुष्मान कार्ड बनवाने के बाद इलाज करवाने की टेंशन और इसमें लगने वाले पैसों की चिंता भी खत्म हो जाती है। आयुष्मान कार्ड में सालाना पांच लाख रुपये की लिमिट मिलती है। साल भर के अंदर पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज लाभार्थी करवा सकते हैं। इलाज का खर्च सरकार उठाती है। जो अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं उनमें आयुष्मान कार्ड के जरिए लाभार्थी इलाज करवा सकते हैं।