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खेतों में पकी फसल को निगल रहे बिजली के तार
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फोटो-15-गोंडा के बालपुर में गेहूं की फसल के ऊपर से गुजरी लाइन। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। ग्रामीण इलाकों में किसान की मेहनत खेतों में तैयार फसल के रूप में पककर लहलहा रही है। खून पसीने से सींच कर तैयार हुई गेहूं की फसल को किसान सजोने की तैयारी में जुटा है। ऐसे में खेतों से होकर गुजरने वाली जर्जर विद्युत सप्लाई लाइन के तार तैयार फसल के लिए काल बने नजर आ रहे हैं। तेज हवा चलने पर यह झूलते लटकते तार आपस में टकराकर स्पार्किंग करने लगते हैं। खेतों में टूट कर गिरने वाली सप्लाई लाइन के तार खेतों में खड़ी फसल को जला कर चौपट कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी बिजली विभाग की तरफ से जर्जर तार को न तो बदला जा रहा है और न ही टाइट कर दुरुस्त बनाया जा रहा है।
जिले के 38 विद्युत उपकेंद्रों से संबद्ध 1214 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में दशकों पूर्व विद्युतीकरण कराया गया है। रख रखाव के अभाव में अधिकांश ग्रामीण इलाकों में विद्युत तार जर्जर हाल में हो गए हैं। खेतों से गुजरे तार नीचे तक लटक गए हैं। तेज हवा चलने पर इन झूलते लटकते तारों में स्पार्किंग होने अथवा टूटकर गिरने से खेतों में खड़ी फसल के जल कर खाक हो जाने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। लगातार शिकायत के बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही व शिथिलता थमने का नाम नहीं ले रही। गत वर्ष जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में आग लगने की दो दर्जन से भी अधिक घटना हुई थीं, जिनमें अधिकांश बिजली के तार टूटने और स्पार्किंग से निकलने वाली चिंगारी के कारण हुई थी।
शिकायत बाद भी नहीं बदल रहे जर्जर तार
खेतों में कटने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल को आग लगने के हादसे से बचाने के लिए किसान बीते काफी समय से खेतों से गुजरने वाली जर्जर बिजली लाइनों की मरम्मत करवाने अथवा बदलवाने की मांग कर रहे हैं। खरथरी के किसान शीतला प्रसाद शर्मा ने कहा कि किसानों की पूंजी उनकी खेतों में लहलहाती फसल होती है। फसल कटने से पहले जर्जर तारों के स्पार्किंग के चलते आग लगने की आशंका बनी रहती। बालपुर हजारी के किसान रामनरेश मौर्य कहते हैं कि किसान फसलों की रखवाली के लिए पूरी रात जागता है लेकिन बिजली विभाग के जर्जर तार उसके लिए अभिशाप बन जाते हैं। बालपुर के किसान दूधनाथ मिश्र व राम आशीष शुक्ल कहते हैं कि इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल सूखकर खड़ी रहती है। इसमें तनिक सी भी चिंगारी बारूद का काम करती है।
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गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज हवाओं के कारण झूलते लटकते तारों के टूटने की आशंका सर्वाधिक होती है। इसकी रोकथाम के लिए विभाग की ओर से जर्जर तारों की मरम्मत करवाई जा रही है। सभी उपकेंद्रों से जर्जर लाइनों के संबंध में सूचना मांगी गई है। लाइनमैन लटकते तारों को कसने का काम कर रहे हैं। रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता पॉवर कारपोरेशन
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जिले के 38 विद्युत उपकेंद्रों से संबद्ध 1214 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों में दशकों पूर्व विद्युतीकरण कराया गया है। रख रखाव के अभाव में अधिकांश ग्रामीण इलाकों में विद्युत तार जर्जर हाल में हो गए हैं। खेतों से गुजरे तार नीचे तक लटक गए हैं। तेज हवा चलने पर इन झूलते लटकते तारों में स्पार्किंग होने अथवा टूटकर गिरने से खेतों में खड़ी फसल के जल कर खाक हो जाने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। लगातार शिकायत के बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही व शिथिलता थमने का नाम नहीं ले रही। गत वर्ष जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में आग लगने की दो दर्जन से भी अधिक घटना हुई थीं, जिनमें अधिकांश बिजली के तार टूटने और स्पार्किंग से निकलने वाली चिंगारी के कारण हुई थी।
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शिकायत बाद भी नहीं बदल रहे जर्जर तार
खेतों में कटने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल को आग लगने के हादसे से बचाने के लिए किसान बीते काफी समय से खेतों से गुजरने वाली जर्जर बिजली लाइनों की मरम्मत करवाने अथवा बदलवाने की मांग कर रहे हैं। खरथरी के किसान शीतला प्रसाद शर्मा ने कहा कि किसानों की पूंजी उनकी खेतों में लहलहाती फसल होती है। फसल कटने से पहले जर्जर तारों के स्पार्किंग के चलते आग लगने की आशंका बनी रहती। बालपुर हजारी के किसान रामनरेश मौर्य कहते हैं कि किसान फसलों की रखवाली के लिए पूरी रात जागता है लेकिन बिजली विभाग के जर्जर तार उसके लिए अभिशाप बन जाते हैं। बालपुर के किसान दूधनाथ मिश्र व राम आशीष शुक्ल कहते हैं कि इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल सूखकर खड़ी रहती है। इसमें तनिक सी भी चिंगारी बारूद का काम करती है।
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गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज हवाओं के कारण झूलते लटकते तारों के टूटने की आशंका सर्वाधिक होती है। इसकी रोकथाम के लिए विभाग की ओर से जर्जर तारों की मरम्मत करवाई जा रही है। सभी उपकेंद्रों से जर्जर लाइनों के संबंध में सूचना मांगी गई है। लाइनमैन लटकते तारों को कसने का काम कर रहे हैं। रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता पॉवर कारपोरेशन