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Gonda News: भूमि घोटाले के आरोपी अधिवक्ता की जमानत खारिज
Thu, 03 Aug 2023 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 03 Aug 2023 12:05 AM IST
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गोंडा। कूटरचित बैनामा दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के सात साल पुराने मामले में आरोपी अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह की जमानत याचिका बुधवार को न्यायालय ने खारिज कर दी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि वादिनी सुंदरपती ने 22 मार्च 2016 को नगर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा कि वह ग्राम पंचायत पथवलिया स्थित अपनी भूमि पर विगत 24 वर्षों से काबिज है। यह भूमि उसने चार अगस्त 1982 को पथवलिया के सतगुरु प्रसाद श्रीवास्तव से जरिए बैनामा खरीदी थी। तीन जुलाई 2015 को वह तहसील में खतौनी लेने गई तो पता चला कि उसके स्थान पर राजकुमारी पत्नी अशोक कुमार निवासी जाजमऊ कानपुर व हाल पता सिविल लाइंस गोंडा का नाम दर्ज हो गया है। 15 जुलाई 1969 में हुए किसी कथित बैनामे के आधार पर यह नामांतरण हुआ है। जब उसने रजिस्ट्री ऑफिस में मुआयना कराया तो वह बैनामा वहां दर्ज नहीं पाया गया। बाद में पता चला कि देहात कोतवाली क्षेत्र के निवासी बृजेश कुमार अवस्थी ने उसकी जमीन हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी व जालसाजी की है। 20 जून 2018 को राजकुमारी ने बृजेश कुमार अवस्थी, नगर कोतवाली क्षेत्र की विष्णुपुरी काॅलोनी निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार त्रिपाठी, करनैलगंज के सकरौरा निवासी महेंद्र प्रताप सिंह व शहर के मालवीय नगर निवासी अनिल कुमार सिंह से सांठगांठ कर वसीयतनामा पंजीकृत कराया। 17 दिसंबर 2022 को पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार सिंह व राकेश कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार सिंह, बृजेश कुमार अवस्थी, राकेश कुमार त्रिपाठी, महेंद्र प्रताप सिंह व राजकुमारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने रैकेट बनाकर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जिले में तमाम लोगों की संपत्ति हड़प ली है और उस पर इसी प्रकार के 23 अन्य मामलों में भी केस दर्ज हैं। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य और आपराधिक इतिहास देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-नवम सर्वजीत कुमार सिंह ने आरोपी अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि वादिनी सुंदरपती ने 22 मार्च 2016 को नगर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा कि वह ग्राम पंचायत पथवलिया स्थित अपनी भूमि पर विगत 24 वर्षों से काबिज है। यह भूमि उसने चार अगस्त 1982 को पथवलिया के सतगुरु प्रसाद श्रीवास्तव से जरिए बैनामा खरीदी थी। तीन जुलाई 2015 को वह तहसील में खतौनी लेने गई तो पता चला कि उसके स्थान पर राजकुमारी पत्नी अशोक कुमार निवासी जाजमऊ कानपुर व हाल पता सिविल लाइंस गोंडा का नाम दर्ज हो गया है। 15 जुलाई 1969 में हुए किसी कथित बैनामे के आधार पर यह नामांतरण हुआ है। जब उसने रजिस्ट्री ऑफिस में मुआयना कराया तो वह बैनामा वहां दर्ज नहीं पाया गया। बाद में पता चला कि देहात कोतवाली क्षेत्र के निवासी बृजेश कुमार अवस्थी ने उसकी जमीन हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी व जालसाजी की है। 20 जून 2018 को राजकुमारी ने बृजेश कुमार अवस्थी, नगर कोतवाली क्षेत्र की विष्णुपुरी काॅलोनी निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार त्रिपाठी, करनैलगंज के सकरौरा निवासी महेंद्र प्रताप सिंह व शहर के मालवीय नगर निवासी अनिल कुमार सिंह से सांठगांठ कर वसीयतनामा पंजीकृत कराया। 17 दिसंबर 2022 को पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार सिंह व राकेश कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार सिंह, बृजेश कुमार अवस्थी, राकेश कुमार त्रिपाठी, महेंद्र प्रताप सिंह व राजकुमारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने रैकेट बनाकर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जिले में तमाम लोगों की संपत्ति हड़प ली है और उस पर इसी प्रकार के 23 अन्य मामलों में भी केस दर्ज हैं। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य और आपराधिक इतिहास देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-नवम सर्वजीत कुमार सिंह ने आरोपी अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
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