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Gonda News: रोटी है तो दाल नहीं है, नया साल है...
Sun, 05 Jan 2025 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 05 Jan 2025 11:30 PM IST
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गोंडा। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के चल रही खादी तथा ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के समापन पर शनिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन साहित्य भूषण कमलेश मौर्य सीतापुर की अध्यक्षता व रायबरेली के नीरज पांडेय के संचालन में हुआ। कवि मंजुल मयंक फीरोजाबाद ने गरीब की समस्याओं पर पढ़ा- कविराज बताओ खाना कब खाया जाए, अमीर को भूख लगने या गरीब को जब मिल जाए...।
साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही ने नए साल के परिप्रेक्ष्य में आम आदमी व गरीब मजलूम की पीड़ा को उठाते हुए कहा- रोटी है तो दाल नहीं है, कोई पुरसाहाल नहीं है, नया साल है...। ओज के सशक्त हस्ताक्षर अजय अंजुम औरैया ने पढ़ा- मेवाड़ विजय के रास्ते में खुद का तन रोड़ा बना दिया, चेतक योद्धा बन गया मुगलों को घोड़ा बना दिया...। लखनऊ की कवयित्री सोनी मिश्रा मानवीय भावों की तुलना नदी से करते हुए कहा- सिंधु की गहराई कोई माप नहीं सकता है, उसकी लहरों को कोई छाप नहीं सकता है। मैनपुरी के मनोज चौहान ने सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा- आजादी के हवन कुंड में आहुति दे दी प्राणों की, अर्जुन जैसे वीर को चिंता नहीं प्राणों की...।
हरियाणा के प्रीतम ने राष्ट्र प्रेम की अलख जताती अपनी कविता में कहा- एक दीया प्रेम का हृदय में जलाए रखना, वतन से स्नेह का सपना संजाेए रखना...। कवि सम्मेलन में उत्तराखंड के बादल, बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राजेंद्र मौर्य, अयोध्या के दुर्गेश पांडेय, आजमगढ़ के कमलेश मौर्य व नीता सिंह, विनय अक्षत, परीक्षित तिवारी, एसबी सिंह झंझट की कविताएं भी श्रोताओं ने सराहीं। कार्यक्रम में डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ अंकिता जैन, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने कवि साहित्यकारों को सम्मानित किया।
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साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही ने नए साल के परिप्रेक्ष्य में आम आदमी व गरीब मजलूम की पीड़ा को उठाते हुए कहा- रोटी है तो दाल नहीं है, कोई पुरसाहाल नहीं है, नया साल है...। ओज के सशक्त हस्ताक्षर अजय अंजुम औरैया ने पढ़ा- मेवाड़ विजय के रास्ते में खुद का तन रोड़ा बना दिया, चेतक योद्धा बन गया मुगलों को घोड़ा बना दिया...। लखनऊ की कवयित्री सोनी मिश्रा मानवीय भावों की तुलना नदी से करते हुए कहा- सिंधु की गहराई कोई माप नहीं सकता है, उसकी लहरों को कोई छाप नहीं सकता है। मैनपुरी के मनोज चौहान ने सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा- आजादी के हवन कुंड में आहुति दे दी प्राणों की, अर्जुन जैसे वीर को चिंता नहीं प्राणों की...।
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हरियाणा के प्रीतम ने राष्ट्र प्रेम की अलख जताती अपनी कविता में कहा- एक दीया प्रेम का हृदय में जलाए रखना, वतन से स्नेह का सपना संजाेए रखना...। कवि सम्मेलन में उत्तराखंड के बादल, बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राजेंद्र मौर्य, अयोध्या के दुर्गेश पांडेय, आजमगढ़ के कमलेश मौर्य व नीता सिंह, विनय अक्षत, परीक्षित तिवारी, एसबी सिंह झंझट की कविताएं भी श्रोताओं ने सराहीं। कार्यक्रम में डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ अंकिता जैन, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने कवि साहित्यकारों को सम्मानित किया।
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