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100 दिन बाद परिषदीय स्कूलों के खुलेंगे ताले, चलेंगे अभियान

Tue, 29 Jun 2021 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:36 PM IST
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After 100 days, the locks of the council schools will open, the campaign will run
गोंडा। बेसिक शिक्षा परिषद के परिषदीय स्कूलों के ताले 100 दिन बाद पहली जुलाई को खुलेंगे। अभी स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई तो नहीं होगी, लेकिन शिक्षकों को हाजिरी देनी होगी। यही नहीं जुलाई व अगस्त तक कार्यक्रम भी विभाग ने जारी कर दिया।
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जिसमें छात्रों का डाटाबेस प्रेरणा एप पर अपलोड करना है और पूरी डिटेल का सत्यापन करना है। कोरोना संक्रमण के चलते 20 मार्च को बंद कर दिए गए थे। केस नियंत्रित होने की दशा में एक जुलाई से फिर से स्कूल खोले जा रहे हैं। स्कूल में पहले दिन ही अध्यापकों को सफाई, बिजली, पानी जैसी समस्याओं से जूझना होगा।
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कोरोना संक्रमण का सर्वाधिक असर स्कूलों पर ही पड़ा है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन के दौरान जो स्कूल बंद हुए तो पढ़ाई की व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौटी है। इस साल भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान गत 20 मार्च को सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे।
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बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत किया जाना है। अब कोरोना संक्रमितों की संख्या होने लगी है। इसको देखते शासन ने एक जुलाई से स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी केवल शिक्षकों को ही बुलाया जाएगा।
इस दौरान शिक्षक विद्यालय में पहुंचकर विद्यालय में नामांकित बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के साथ विभागीय अन्य कार्य निपटाएंगे। सौ दिनों तक लगातार बंद रहे स्कूलों में पहुंचने पर शिक्षकों को विद्यालय में सफाई, बिजली और पानी समेत परेशानियों से जूझना पड़ेगा।
बीएसए विनय मोहन वन ने बताया कि कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हुई है। इसको देखते हुए शासन की तरफ से पहली जुलाई से स्कूल खोलने का निर्देश मिला है। लेकिन अभी केवल शिक्षकों को ही स्कूल बुलाया गया है।
कोरोना संकट के बीच भले ही स्कूलों को खोला जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं पर भी शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की छुट्टियां मंजूर करने में अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी।

शिक्षकों का अवकाश अस्वीकृत करने कारण स्पष्ट करना अनिवार्य कर दिया गया है। अब एक भी दिन आवेदन लंबित रखने को शिक्षकों का शोषण माना जाएगा। इसके साथ ही अब अवकाश के लिए न तो किसी शिक्षक से फोन पर कोई संपर्क करेगा और न ही किसी कागजात के लिए व्यक्तिगत बुलाएगा। शिक्षकों से सीधे शासन फोन पर जानकारी फीडबैक लेगी और कोई कमी मिलने पर कार्रवाई करेगी।
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