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छेड़खानी के आरोपी को दो वर्ष की कैद
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:47 PM IST
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थाना महराजगंज तराई क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी लड़की के साथ छेड़खानी के आरोप में तीन फरवरी 2014 को गांव महदेईया निवासी नान्हू उर्फ मनोज कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। पुलिस ने मनोज के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
परीक्षण के बाद साक्ष्यों के आधार पर जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने सात फरवरी 2013 को छेड़खानी का आरोपी मानते हुए मनोज कुमार को दो वर्ष के कारावास व 3500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया था।
जेएम प्रथम के आदेश के खिलाफ मनोज कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। अपील की सुनवाई एफटीसी न्यायालय में शुरू हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील रवीन्द्र यादव ने पूर्व पारित आदेश को सही बताया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मनोज को निर्दोष बताते हुए तमाम दलीलें दी।
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दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार सिंह ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को सही मानते हुए मनोज की सजा को बरकरार रखा। न्यायाधीश ने मनोज की अपील को खारिज करते हुए उसे जिला कारागार भेज दिया है।
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परीक्षण के बाद साक्ष्यों के आधार पर जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने सात फरवरी 2013 को छेड़खानी का आरोपी मानते हुए मनोज कुमार को दो वर्ष के कारावास व 3500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया था।
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जेएम प्रथम के आदेश के खिलाफ मनोज कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। अपील की सुनवाई एफटीसी न्यायालय में शुरू हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील रवीन्द्र यादव ने पूर्व पारित आदेश को सही बताया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मनोज को निर्दोष बताते हुए तमाम दलीलें दी।
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दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार सिंह ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को सही मानते हुए मनोज की सजा को बरकरार रखा। न्यायाधीश ने मनोज की अपील को खारिज करते हुए उसे जिला कारागार भेज दिया है।