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Gonda News: 7,114 हेक्टेयर में बनेगा वैज्ञानिक खेती का मॉडल
Mon, 18 May 2026 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 18 May 2026 11:17 PM IST
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छावनी गांव में सर्वे करती कृषि विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
- फोटो : संवाद
गोंडा। खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कृषि विभाग जिले में बड़ा नवाचार करने जा रहा है। यूपी सरकार और विश्व बैंक की पहल पर संचालित यूपी एग्रीज योजना के तहत जिले के पांच ब्लॉकों में 7,114 हेक्टेयर में वैज्ञानिक खेती का मॉडल तैयार कराया जाएगा। इसके लिए 150 गांवों के 3,000 किसानों के खेतों का चयन किया गया है। विभाग का लक्ष्य इस मॉडल खेती के जरिये 30 से 35 प्रतिशत तक उपज बढ़ाना है।
योजना के तहत बभनजोत, बेलसर, करनैलगंज, परसपुर और तरबगंज ब्लॉक के 150 गांवों से चयनित 20-20 किसानों के खेतों को प्रदर्शन प्लॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इन खेतों में वैज्ञानिक विधि से खेती कराकर अन्य किसानों को भी नई तकनीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कृषि विभाग की ओर से चयनित किसानों को स्थानीय कृषि भंडारों से उन्नत प्रजाति के प्रमाणित बीज मुफ्त दिए जाएंगे। साथ ही प्रति हेक्टेयर 15 किलो जिंक सल्फेट भी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। फसल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किसानों को आवश्यक प्लांट प्रोटेक्शन केमिकल और बायो-इनपुट्स भी मुफ्त दिए जाएंगे।
योजना में मिट्टी परीक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक पांच हेक्टेयर क्षेत्र से मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को यह बताया जाएगा कि खेत में किस पोषक तत्व की कमी है और किस मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। इससे लागत कम होगी और फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी। इसके अलावा हरी खाद के प्रयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्राकृतिक रूप से बढ़ सके।
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जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि यूपी एग्रीज योजना का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ना, नई तकनीकों का प्रसार और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है। प्रदर्शन प्लॉटों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि आसपास के किसान भी मॉडल खेती को देखकर सीख सकें। साथ ही नियमित निरीक्षण और क्रॉप कटिंग के जरिए उत्पादन का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना सफल होने पर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा।
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योजना के तहत बभनजोत, बेलसर, करनैलगंज, परसपुर और तरबगंज ब्लॉक के 150 गांवों से चयनित 20-20 किसानों के खेतों को प्रदर्शन प्लॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इन खेतों में वैज्ञानिक विधि से खेती कराकर अन्य किसानों को भी नई तकनीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कृषि विभाग की ओर से चयनित किसानों को स्थानीय कृषि भंडारों से उन्नत प्रजाति के प्रमाणित बीज मुफ्त दिए जाएंगे। साथ ही प्रति हेक्टेयर 15 किलो जिंक सल्फेट भी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। फसल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किसानों को आवश्यक प्लांट प्रोटेक्शन केमिकल और बायो-इनपुट्स भी मुफ्त दिए जाएंगे।
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योजना में मिट्टी परीक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक पांच हेक्टेयर क्षेत्र से मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को यह बताया जाएगा कि खेत में किस पोषक तत्व की कमी है और किस मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। इससे लागत कम होगी और फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी। इसके अलावा हरी खाद के प्रयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्राकृतिक रूप से बढ़ सके।
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जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि यूपी एग्रीज योजना का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ना, नई तकनीकों का प्रसार और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है। प्रदर्शन प्लॉटों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि आसपास के किसान भी मॉडल खेती को देखकर सीख सकें। साथ ही नियमित निरीक्षण और क्रॉप कटिंग के जरिए उत्पादन का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना सफल होने पर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा।