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पुलिस सत्यापन के फेर में 500 शिक्षकों का फंसा अवशेष वेतन
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पुलिस सत्यापन के फेर में फंसा 500 शिक्षकों का वेतन
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत सहायक अध्यापकों के अवशेष वेतन भुगतान पर संकट बरकरार है। पुलिस सत्यापन होने के बाद ही भुगतान अब संभव होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने आदेश जारी कर पुलिस सत्यापन के लिए रिपोर्ट विभिन्न जनपदों को भेजी है। आपराधिक मामलों की जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद ही विभाग निर्णय लेगा। इसके चलते करीब 500 शिक्षकों का बकाया वेतन फंसा हुआ है।
विभिन्न शिक्षक भर्तियों से स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के अवशेष वेतन बकाया है। चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान शिक्षकों का फंसा हुआ है इसके लिए विभाग ने अवशेष भुगतान की कार्रवाई भी शुरू कर दिया था।
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इसी बीच एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा होने और ड्यूटी पर रहने का मामला उजागर हुआ। इसके अलावा पूर्व में शासन से चरित्र सत्यापन के आदेश पर अमल न किए जाने की बात शासन के संज्ञान में आई।
शासन के कड़े रुख के बाद बीएसए ने पुलिस सत्यापन तक अवशेष वेतन का भुगतान न किए जाने का आदेश जारी कर दिया। इससे शिक्षक सकते में हैं उनके व्यक्तिगत कार्य प्रभावित हो गए हैं वहीं पुलिस सत्यापन में वक्त लग रहा है।
चुनाव के चलते पुलिस सत्यापन में रुचि नहीं ले रही है। शिक्षकों का कहना है कि बिना थाने गए सत्यापन लिखा ही नहीं जा रहा है। इससे अवशेष वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है और कई शिक्षक गैर जनपद से हैं तो वे सत्यापन के लिए वहां उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में अवशेष वेतन का भुगतान आसान नहीं है। पहले तो भुगतान का आदेश कराने में कठिनाई होती है। आदेश होने के बाद भी बीआरसी से लेकर लेखाधिकारी के दफ्तर तक दौड़ लगाना पड़ता है फिर कहीं जाकर भुगतान हो पाता है। काफी शिक्षक हैं जो अवशेष वेतन की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।
अवशेष वेतन भुगतान की कार्रवाई की गई है। जो आदेश विभाग की ओर से होगा उसी के आधार पर भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत सहायक अध्यापकों के अवशेष वेतन भुगतान पर संकट बरकरार है। पुलिस सत्यापन होने के बाद ही भुगतान अब संभव होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने आदेश जारी कर पुलिस सत्यापन के लिए रिपोर्ट विभिन्न जनपदों को भेजी है। आपराधिक मामलों की जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद ही विभाग निर्णय लेगा। इसके चलते करीब 500 शिक्षकों का बकाया वेतन फंसा हुआ है।
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विभिन्न शिक्षक भर्तियों से स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के अवशेष वेतन बकाया है। चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान शिक्षकों का फंसा हुआ है इसके लिए विभाग ने अवशेष भुगतान की कार्रवाई भी शुरू कर दिया था।
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इसी बीच एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा होने और ड्यूटी पर रहने का मामला उजागर हुआ। इसके अलावा पूर्व में शासन से चरित्र सत्यापन के आदेश पर अमल न किए जाने की बात शासन के संज्ञान में आई।
शासन के कड़े रुख के बाद बीएसए ने पुलिस सत्यापन तक अवशेष वेतन का भुगतान न किए जाने का आदेश जारी कर दिया। इससे शिक्षक सकते में हैं उनके व्यक्तिगत कार्य प्रभावित हो गए हैं वहीं पुलिस सत्यापन में वक्त लग रहा है।
चुनाव के चलते पुलिस सत्यापन में रुचि नहीं ले रही है। शिक्षकों का कहना है कि बिना थाने गए सत्यापन लिखा ही नहीं जा रहा है। इससे अवशेष वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है और कई शिक्षक गैर जनपद से हैं तो वे सत्यापन के लिए वहां उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में अवशेष वेतन का भुगतान आसान नहीं है। पहले तो भुगतान का आदेश कराने में कठिनाई होती है। आदेश होने के बाद भी बीआरसी से लेकर लेखाधिकारी के दफ्तर तक दौड़ लगाना पड़ता है फिर कहीं जाकर भुगतान हो पाता है। काफी शिक्षक हैं जो अवशेष वेतन की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।
अवशेष वेतन भुगतान की कार्रवाई की गई है। जो आदेश विभाग की ओर से होगा उसी के आधार पर भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी