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अर्धनग्न शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाल जाम किया गोंडा लखनऊ मार्ग
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:31 PM IST
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शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाल जाम किया हाईवे
अध्यापक पद की बहाली को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। सहायक अध्यापक पद की वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने रविवार को पांचवे दिन कलेक्ट्रेट से दीवानी कचेहरी तक जुलूस निकाला और नारेबाजी की। जुलूस निकाल रहे शिक्षामित्र अचानक गोंडा लखनऊ हाईवे पर लेट गए और सड़क जाम कर दी। इस स्थिति से जिला प्रशासन के अफसर सकते में आ गए। प्रशासन की मान मानौव्वल के शिक्षामित्र रास्ते से हटे। इसके बाद शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद जिले के 3269 शिक्षामित्र अपनी नौकरी की बहाली की मांग को लेकर सड़क पर हैं और जिला पंचायत के सामने अनवरत धरना प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन के पांचवे दिन रविवार को बड़ी संख्या में शिक्षामित्र जिला पंचायत सभागार के सामने चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे और अपने साथियों के साथ बैठकर रणनीति तैयार की। दोपहर बाद करीब एक बजे धरना दे रहे शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। इसके बाद शिक्षामित्रों का हुजूम कलेक्ट्रेट से अंबेडकर चौराहे की तरफ चल पड़ा। नारेबाजी करते हुए शिक्षामित्र अबंडकर चौराहा होते हुए दीवानी कचेहरी के गेट पर पहुंचे और गोंडा लखनऊ हाईवे पर बीच सड़क पर लेट गए। इससे सड़क पर जाम लग गया और दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सड़क जाम देखकर जिला प्रशासन के अफसरों के हाथ पांव फूल गए। काफी देर तक मान मनौव्वल के बाद शिक्षामित्र माने और दीवानी कचेहरी होते हुए फिर से धरनास्थल तक पहुंचे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की सरकार पर शिक्षामित्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय तिवारी ने शिक्षामित्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लडने का भरोसा दिलाया। धरने के बाद शिक्षमित्रों ने समायोजन रद्द करने के फैसले की के पुर्नविचार याचिका दाखिल करने व इसका नतीजा आने तक शिक्षामित्रों को शिक्षक के समान वेतनमान पर शिक्षा सहायक के पद समायोजित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। धरने का संचालन संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने किया। इस मौके पर रामलाल साहू, जितेंद्र ओझा, प्रदुम्र शुक्ला, अभिमन्यु मिश्र, राजेंद्र वर्मा, पृथ्वीराज सोनकर, सादिक अली, राकेश पांडेय, शालिनी सिंह, ममता मिश्रा, नीलू मिश्रा, मिथिलेश, सीमा, राधा, गंगोत्री, मीना, शिवानी, गीता, सावित्री, कौशिल्या, बबिता, किरन, प्रेमा, संजूलता समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
इनसेट
जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करेंगे शिक्षामित्र
गोंडा। जिला पंचायत के सामने धरना दे रहे शिक्षामित्र जिले के सांसदों व विधायकों के रुख को लेकर भी बहुत आहत हैें। समायोजन रद्द होने के फैसले के बाद अब तक जिले का कोई भी नेता इनको तसल्ली देने भी नही पहुंचा है। रविवार को धरने में शिक्षामित्रों का यह दर्द भी छलका। धरने को संबंधित करते हुए शिक्षामित्र चंद्र प्रकाश ने जिले के सांसदों व विधायकों पर शिक्षामित्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले का कोई भी विधायक या सांसद अब तक शिक्षामित्रों को सांत्वना देने भी नहीं आया है। उन्होने कहा कि जल्द ही शिक्षामित्र सांसद व विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।
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इनसेट
सुरक्षा में मुस्तैद रहा प्रशासन
गोंडा। शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए सीओ सदर के नेतृत्व में रविवार को धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीओ सदर भरत यादव के साथ नगर कोतवाल सुनील कुमार राय,एसएसआई विनोद कुमार सरोज, मोतीगंज के एसओ परमानंद तिवारी समेत बडी संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगे रहे और पल पल की रिपोर्ट आला अफसरों को देते रहे।
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अध्यापक पद की बहाली को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। सहायक अध्यापक पद की वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने रविवार को पांचवे दिन कलेक्ट्रेट से दीवानी कचेहरी तक जुलूस निकाला और नारेबाजी की। जुलूस निकाल रहे शिक्षामित्र अचानक गोंडा लखनऊ हाईवे पर लेट गए और सड़क जाम कर दी। इस स्थिति से जिला प्रशासन के अफसर सकते में आ गए। प्रशासन की मान मानौव्वल के शिक्षामित्र रास्ते से हटे। इसके बाद शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद जिले के 3269 शिक्षामित्र अपनी नौकरी की बहाली की मांग को लेकर सड़क पर हैं और जिला पंचायत के सामने अनवरत धरना प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन के पांचवे दिन रविवार को बड़ी संख्या में शिक्षामित्र जिला पंचायत सभागार के सामने चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे और अपने साथियों के साथ बैठकर रणनीति तैयार की। दोपहर बाद करीब एक बजे धरना दे रहे शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। इसके बाद शिक्षामित्रों का हुजूम कलेक्ट्रेट से अंबेडकर चौराहे की तरफ चल पड़ा। नारेबाजी करते हुए शिक्षामित्र अबंडकर चौराहा होते हुए दीवानी कचेहरी के गेट पर पहुंचे और गोंडा लखनऊ हाईवे पर बीच सड़क पर लेट गए। इससे सड़क पर जाम लग गया और दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सड़क जाम देखकर जिला प्रशासन के अफसरों के हाथ पांव फूल गए। काफी देर तक मान मनौव्वल के बाद शिक्षामित्र माने और दीवानी कचेहरी होते हुए फिर से धरनास्थल तक पहुंचे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की सरकार पर शिक्षामित्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय तिवारी ने शिक्षामित्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लडने का भरोसा दिलाया। धरने के बाद शिक्षमित्रों ने समायोजन रद्द करने के फैसले की के पुर्नविचार याचिका दाखिल करने व इसका नतीजा आने तक शिक्षामित्रों को शिक्षक के समान वेतनमान पर शिक्षा सहायक के पद समायोजित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। धरने का संचालन संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने किया। इस मौके पर रामलाल साहू, जितेंद्र ओझा, प्रदुम्र शुक्ला, अभिमन्यु मिश्र, राजेंद्र वर्मा, पृथ्वीराज सोनकर, सादिक अली, राकेश पांडेय, शालिनी सिंह, ममता मिश्रा, नीलू मिश्रा, मिथिलेश, सीमा, राधा, गंगोत्री, मीना, शिवानी, गीता, सावित्री, कौशिल्या, बबिता, किरन, प्रेमा, संजूलता समेत हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करेंगे शिक्षामित्र
गोंडा। जिला पंचायत के सामने धरना दे रहे शिक्षामित्र जिले के सांसदों व विधायकों के रुख को लेकर भी बहुत आहत हैें। समायोजन रद्द होने के फैसले के बाद अब तक जिले का कोई भी नेता इनको तसल्ली देने भी नही पहुंचा है। रविवार को धरने में शिक्षामित्रों का यह दर्द भी छलका। धरने को संबंधित करते हुए शिक्षामित्र चंद्र प्रकाश ने जिले के सांसदों व विधायकों पर शिक्षामित्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले का कोई भी विधायक या सांसद अब तक शिक्षामित्रों को सांत्वना देने भी नहीं आया है। उन्होने कहा कि जल्द ही शिक्षामित्र सांसद व विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।
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सुरक्षा में मुस्तैद रहा प्रशासन
गोंडा। शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए सीओ सदर के नेतृत्व में रविवार को धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीओ सदर भरत यादव के साथ नगर कोतवाल सुनील कुमार राय,एसएसआई विनोद कुमार सरोज, मोतीगंज के एसओ परमानंद तिवारी समेत बडी संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगे रहे और पल पल की रिपोर्ट आला अफसरों को देते रहे।