फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   300 करोड़ से खेती- किसानी को मनरेगा से मिलेगा मुकाम

300 करोड़ से खेती- किसानी को मनरेगा से मिलेगा मुकाम

Mon, 15 Apr 2019 11:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 11:19 PM IST
विज्ञापन
300 करोड़ से खेती- किसानी को मनरेगा से मिलेगा मुकाम
खेती पर खर्च होगा मनरेगा का तीन अरब
विज्ञापन


गोंडा। खेती-किसानी के लिए मनरेगा बड़ी सौगात देगा। नए वित्तीय वर्ष में मनरेगा से होने वाले कार्यों में 60 फीसदी कार्य कृषि विकास के लिए होंगे।

तय किए गए करीब 500 करोड़ रुपये के बजट में 60 फीसदी बजट खेती किसानी के तरक्की के लिए खर्च होंगे।

फरवरी से ही मनरेगा के नए वित्तीय वर्ष के लिए तैयार किए जा रहे बजट में किसानों को अहमियत दिया गया है। करीब 300 करोड़ रुपये से खेतों को नया जीवन देने की तैयारी कर ली गई है।

किसानों के लिए मनरेगा में असीम संभावनाएं हैं जिससे खेती की राह आसान होगी। बीते साल से किसानों की आय को दो गुना करने के लिए ग्राम्य विकास विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों को मुकाम देने के लिए मनरेगा में कृषि को अहमियत दी गई है।
विज्ञापन


मनरेगा योजना गांव के विकास के साथ ही बेरोजगार मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने के लिए चल रही है। विकास के कार्य से मानव दिवस बड़े स्तर पर सृजित करने में कठिनाई आ रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए नए प्रयोग किए गए हैं। पहले से ही मनरेगा को सिंचाई विभाग, कृषि, उद्यान विभाग समेत भूमि संरक्षण आदि के कार्य शामिल किए गए और योजनाएं संचालित की गईं।

इस बार जिले के चार लाख किसानों की बेहतर व्यवस्था देने के लिए कृषि विकास कार्यों को प्रमुखता दिया जा रहा है। करीब 11 हजार गरीब किसानों को उन्हें उनके ही खेत में रोजगार देने की व्यवस्था बनी है। इस पर करीब 19 करोड़ का बजट खर्च होगा।

इसके अलावा खेतों के सिंचाई साधनों की उपलब्धता के लिए तालाबों के जीर्णोद्धार और नए तालाबों की खुदाई के साथ ही अन्य संसाधनों के लिए बजट में इंतजाम किया गया है।

मनरेगा से तय किए गए बजट में 300 करोड़ रुपये खेतों के विकास व किसानों की बेहतरी पर खर्च होंगे। मनरेगा के लिए पंचायतों की ओर से तैयार की गई कार्य योजना में कृषि योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

मनरेगा में किसानों को तो मुकाम मिलेगा ही स्वच्छता के लिए भी बडे़ अवसर हैं। चिन्हित किसान खेतों में कार्य करके मजदूरी अर्जित कर सकते हैं और शौचालय के लाभार्थियों को भी मनरेगा से मजदूरी के भुगतान की व्यवस्था है।

इसी तरह आवास योजना के लाभार्थियों को भी योजना से मजदूरी दी गई है। मनरेगा को समग्र विकास के लिए तैयार किया गया है।

गांव के मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिल सके इसके लिए मजदूरी में बढ़ोतरी हुई है। अब मजदूरों को प्रति मानव दिवस 175 रुपये से बढ़कर मजदूरी 182 रूपये की गई है।

इससे विकास कार्य में मजदूरों की कमी तो दूर होगी ही मजदूरों की आय भी बढ़ गयी है। साल भर सात सौ रुपये अधिक मिलेंगे। अब एक साल में एक मजदूर 18200 रुपये गांव में ही कमा सकेगा।


मनरेगा में दो दर्जन से अधिक परियोजनाओं को शामिल किया गया है। जिसमें कृषि विकास के साथ ही गौ आश्रय स्थलों के विकास, सड़कों की पटरियों का निर्माण, तालाब जीर्णोद्धार व नया निर्माण, शौचालय, नहरों की सफाई, खेतों के समतलीकरण, खेतों की सुरक्षा के लिए खाई निर्माण, बागवानी आदि के साथ ही विकास के योजनाएं स्थानीय आवश्यकता के आधार पर तय होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed