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Gonda News: जनशिकायतों के निस्तारण से 52.76 प्रतिशत शिकायतकर्ता नाखुश
Thu, 08 Oct 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:54 PM IST
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गोंडा। करनैलगंज के कादीपुर निवासी रोहित ने 15 अगस्त को आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर शिकायत दर्ज कराई कि लोहे के खंभे में तार उलझे हैं और इससे करंट उतरने का खतरा है। विभाग ने शिकायत का निस्तारण दिखा दिया। फीडबैक में रोहित ने बताया कि न तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही उनसे संपर्क किया गया।
इसी तरह मनकापुर तहसील के घारीघाट के औसानी बुजुर्ग निवासी राम अंजोर ने तीन जुलाई को किसान सम्मान निधि बंद होने की शिकायत की थी। विभाग ने इसे भी निस्तारित दिखाया, जबकि जांच में सामने आया कि राम अंजोर को एक साल से राशि नहीं मिली थी।
ये मामले आईजीआरएस पर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं। सितंबर में शिकायतों के निस्तारण के बाद 1,397 लोगों ने फीडबैक दिया। इनमें 660 लोग संतुष्ट रहे। 737 ने असंतुष्टि जताई। यानी फीडबैक देने वाले हर 100 लोगों में करीब 47 संतुष्ट और 53 असंतुष्ट रहे। असंतुष्ट शिकायतकर्ता संतुष्ट लोगों से 77 अधिक रहे।
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आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को कार्रवाई कर रिपोर्ट लगानी होती है। सितंबर के आंकड़ों में 829 शिकायतकर्ताओं से संबंधित अधिकारी या कर्मचारी ने संपर्क किया, जबकि 568 से संपर्क ही नहीं किया गया। इन दोनों आंकड़ों का जोड़ भी 1,397 है। इसी तरह 642 मामलों में स्थानीय स्तर पर जांच या भ्रमण हुआ, जबकि 755 मामलों में मौके पर जाना दर्ज नहीं किया गया। इनका जोड़ भी 1,397 है।
तहसील स्तर पर 48.96 प्रतिशत शिकायतकर्ता संतुष्ट
तहसील स्तर के अधिकारियों से जुड़ी शिकायतों पर 1,587 फीडबैक मिले। इनमें 777 संतुष्ट और 810 असंतुष्ट रहे। तरबगंज के तहसीलदार से जुड़े 309 फीडबैक में 148 संतुष्ट और 161 असंतुष्ट रहे। गोंडा सदर तहसीलदार से जुड़े 258 मामलों में 125 संतुष्ट और 133 असंतुष्ट मिले। खंड विकास अधिकारियों और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से जुड़े मामलों में 1,174 फीडबैक मिले। इनमें 613 यानी 52.26 प्रतिशत शिकायतकर्ता संतुष्ट रहे। बाकी 561 असंतुष्ट रहे।
निकायों में स्थिति ठीक
नगर निकायों से जुड़े 171 फीडबैक में 113 संतुष्ट और 58 असंतुष्ट रहे। संतुष्ट शिकायतकर्ताओं का प्रतिशत 66.08 और असंतुष्ट का 33.92 प्रतिशत रहा।
41 अफसरों का वेतन रोका
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा में यह स्थिति सामने आई है। 41 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तहसील, ब्लॉक और नगर निकायों के अन्य संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस दिए गए हैं। शिकायतों के प्रभावी निराकरण में सुधार की चेतावनी दी गई है। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम प्रियंका निरंजन को दी जा रही है।
- प्रमोद झा, एडीएम
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इसी तरह मनकापुर तहसील के घारीघाट के औसानी बुजुर्ग निवासी राम अंजोर ने तीन जुलाई को किसान सम्मान निधि बंद होने की शिकायत की थी। विभाग ने इसे भी निस्तारित दिखाया, जबकि जांच में सामने आया कि राम अंजोर को एक साल से राशि नहीं मिली थी।
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ये मामले आईजीआरएस पर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं। सितंबर में शिकायतों के निस्तारण के बाद 1,397 लोगों ने फीडबैक दिया। इनमें 660 लोग संतुष्ट रहे। 737 ने असंतुष्टि जताई। यानी फीडबैक देने वाले हर 100 लोगों में करीब 47 संतुष्ट और 53 असंतुष्ट रहे। असंतुष्ट शिकायतकर्ता संतुष्ट लोगों से 77 अधिक रहे।
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आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को कार्रवाई कर रिपोर्ट लगानी होती है। सितंबर के आंकड़ों में 829 शिकायतकर्ताओं से संबंधित अधिकारी या कर्मचारी ने संपर्क किया, जबकि 568 से संपर्क ही नहीं किया गया। इन दोनों आंकड़ों का जोड़ भी 1,397 है। इसी तरह 642 मामलों में स्थानीय स्तर पर जांच या भ्रमण हुआ, जबकि 755 मामलों में मौके पर जाना दर्ज नहीं किया गया। इनका जोड़ भी 1,397 है।
तहसील स्तर पर 48.96 प्रतिशत शिकायतकर्ता संतुष्ट
तहसील स्तर के अधिकारियों से जुड़ी शिकायतों पर 1,587 फीडबैक मिले। इनमें 777 संतुष्ट और 810 असंतुष्ट रहे। तरबगंज के तहसीलदार से जुड़े 309 फीडबैक में 148 संतुष्ट और 161 असंतुष्ट रहे। गोंडा सदर तहसीलदार से जुड़े 258 मामलों में 125 संतुष्ट और 133 असंतुष्ट मिले। खंड विकास अधिकारियों और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से जुड़े मामलों में 1,174 फीडबैक मिले। इनमें 613 यानी 52.26 प्रतिशत शिकायतकर्ता संतुष्ट रहे। बाकी 561 असंतुष्ट रहे।
निकायों में स्थिति ठीक
नगर निकायों से जुड़े 171 फीडबैक में 113 संतुष्ट और 58 असंतुष्ट रहे। संतुष्ट शिकायतकर्ताओं का प्रतिशत 66.08 और असंतुष्ट का 33.92 प्रतिशत रहा।
41 अफसरों का वेतन रोका
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा में यह स्थिति सामने आई है। 41 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तहसील, ब्लॉक और नगर निकायों के अन्य संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस दिए गए हैं। शिकायतों के प्रभावी निराकरण में सुधार की चेतावनी दी गई है। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम प्रियंका निरंजन को दी जा रही है।
- प्रमोद झा, एडीएम