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नहर कटने से पानी में डूबी 400 एकड़ भूमि
amar ujala
Updated Tue, 23 May 2017 10:32 PM IST
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अगयामाफी गांव के धर्मदासपुर मजरा व फत्तेपुर मजरा के निकट मंगलवार को अचानक नहर कट जाने से एक बड़ा भूभाग जल प्वावित हो गया। जिससे किसानों की करीब 400 बीघा खेत जलमग्न हो गया है। वहीं पानी के तेज बहाव से अब इसकी जद में प्राथमिक विद्यालय भी आ गया है।
बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर इस नहर में सरयू नहर खंड की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद अगयामाफी गांव के धर्मदासपुर व फत्तेपुर मजरा के बीच नहर में पानी का दबाव बढने से इस तरह के हालात पैदा हुए। जिससे नहर कट गई और किसानों की करीब 400 एकड़ जमीन पानी मे डूब गई।
आगयामाफ़ी गावं के किनारे नहर का दाहिना किनारा पानी के तेज दबाव से अचानक कट गया। जिसके बाद तेज धार में नहर से पानी की धार किसानों के खेतों की ओर बह चली। लोगों के घरों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने नहर कटने की सूचना पुलिस को दी।
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जिसके बाद एसओ ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारीयों को दी। मंगलवार को तहसीलदार बृजमोहन व लेखपाल मो नईम और मोइनुद्दीन ने मौके का निरीक्षण किया। नहर विभाग के एसडीओ हरि गोविन्द व जेई ने मौके पर पहुँच कर मरम्मत का कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर नहर में पानी छोड़ा गया था। नहर के कटे हुए भाग की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
ग्रामीण राधिका, उमाशंकर, सीताराम, रक्षाराम, गुड्डू आदि ने बताया कि नहर में बेवजह पानी छोड़ दिए जाने से उनकी फसलें तबाह हो गई है। वहीं नहर कटने से अग्यामाफीसक धर्मदासपुर, गौरापाण्डेय, तांबेपुर, नागपुर, नेवादा, लोहारपुरवा, फत्तेपुर सहित दर्जनों गाव प्रभावित हुए।
बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर इस नहर में सरयू नहर खंड की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद अगयामाफी गांव के धर्मदासपुर व फत्तेपुर मजरा के बीच नहर में पानी का दबाव बढने से इस तरह के हालात पैदा हुए। जिससे नहर कट गई और किसानों की करीब 400 एकड़ जमीन पानी मे डूब गई।
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आगयामाफ़ी गावं के किनारे नहर का दाहिना किनारा पानी के तेज दबाव से अचानक कट गया। जिसके बाद तेज धार में नहर से पानी की धार किसानों के खेतों की ओर बह चली। लोगों के घरों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने नहर कटने की सूचना पुलिस को दी।
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जिसके बाद एसओ ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारीयों को दी। मंगलवार को तहसीलदार बृजमोहन व लेखपाल मो नईम और मोइनुद्दीन ने मौके का निरीक्षण किया। नहर विभाग के एसडीओ हरि गोविन्द व जेई ने मौके पर पहुँच कर मरम्मत का कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर नहर में पानी छोड़ा गया था। नहर के कटे हुए भाग की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
ग्रामीण राधिका, उमाशंकर, सीताराम, रक्षाराम, गुड्डू आदि ने बताया कि नहर में बेवजह पानी छोड़ दिए जाने से उनकी फसलें तबाह हो गई है। वहीं नहर कटने से अग्यामाफीसक धर्मदासपुर, गौरापाण्डेय, तांबेपुर, नागपुर, नेवादा, लोहारपुरवा, फत्तेपुर सहित दर्जनों गाव प्रभावित हुए।