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दिन के साथ बढ़ रहा मौतों का आंकडा

Thu, 08 Jun 2017 02:47 AM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 02:47 AM IST
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दिन के साथ बढ़ रहा मौतों का आंकडा
बरेली बस हादसे में तीन और के मरने की पुष्टि
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कटराबाजार के पिता-पुत्र तो कटहरिया के युवक की मौत
बरेली हादसे में गोंडा के 11 लोगों के साथ 3 और ने गंवाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
बालपुर/गोंडा। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे-वैसे बरेली हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अखबार, टीवी के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर अपने, अपनों को खोजने के लिए बरेली के एक-एक अस्पताल की छाक छान रहे हैं। कल तक जहां इस हादसे में जिले से 11 लोगों के मरने की बात पता चली थी तो वहीं बुधवार को इस हादसे में तीन और लोगों के मारे जाने की सूचना रोडवेज को दो अलग-अलग प्रार्थनापत्रों के जरिए मिली है। जिसमें कटराबाजार धोबहाराय के पिता-पुत्र तो शहर के मोहल्ला कटहरिया में रहने वाला वह युवक शामिल है। जो दिल्ली में रहकर कास्मेटिक सामानों की सेल्समैनी करता था।
रोडवेज के एआरएम वीरेन्द्र कुमार के मुताबिक बरेली हादसे में मारे गए लोगों के सम्बंध में बुधवार को उन्हें दो पत्र मिले हैं। जिसमें एक पत्र में कटराबाजार धोबहाराय गांव केे रहने वाले चंद्रभान (38) और उनके 7 साल के बेटे तरुण का जिक्र है तो दूसरे में शहर के मोहल्ला कटहरिया में रहने वाले मोहम्मद शफीक उर्फ सन्नो (35)का। जो लोग रविवार की रात बरेली से गोंडा आ रही डिपो की बस में सवार थे। जिनका हादसे के बाद कहीं कोई पता नहीं चल रहा। एआरएम का कहना है कि पहले के दो प्रार्थनापत्रों की तरह पीड़ितों से मिले इन दोनों प्रार्थनापत्र को भी उन्होंने उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान हो जाने के बाद ही इस मामले में आगे कोई फैसला लिया जाएगा।
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बरेली से उसी बस से आ रहे थे मंशाराम
दिल्ली से वाया बरेली गोंडा आ रही बस संख्या यूपी 43 टी 5978 से ही कटराबाजार के पूरेथान पाठक तालाब गांव निवासी परशुराम भी आ रहे थे। जो बरेली में शहजहांपुर के पास हादसे का शिकार हो गई। इस बात की लिखित सूचना परसुराम के भाई मंशाराम ने एआरएम वीरेन्द्र कुमार को दी है। बतौर मंशाराम उनके भाई परशुराम दिल्ली में रोजी-रोटी के सिलसिले में रहकर मजदूरी करते थे। रविवार को उनके भाई की घर वालों से बात हुई थी कि दिल्ली से सवा 4 बजे वाली बस में बैठ कर घर आ रहा है। लेकिन रविवार, सोमवार दो बीत जाने के बाद भी वह नहीं आया। बस हादसे की सूचना मिलने के बाद वह बरेली भी गया। लेकिन वहां उसका कोई पता नहीं चला। उसके मुताबिक बस हादसे में मारे गए लोगों में उसका भाई भी एक था। एआरएम ने देरशाम मिले उसके पत्र को उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है।
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